इस महाचोर, झुट्ठा और मक्कार पवार से अब तो मुक्ति पाओ

चीनी घोटाला हो या स्टांप घोटाल, 2जी स्पेक्ट्रम हो या महंगाई घोटाला… ज्यादातर में नाम है शरद पवार का. फिर भी यह चोट्टा अपनी कुर्सी पर बना हुआ है. हर घोटाले के बाद आरोप लगने पर कहता है कि उसका कोई लेना-देना नहीं है. और, अपने सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी ऐसे कमजोर नेता हैं कि सरकार चलाने की खातिर इस चोर, ठग और घोटालेबाज शरद पवार को कुछ नहीं कहते.

पायनियर में खबर छपने के बाद चंदन मित्रा पर चीख रहे थे ए. राजा

: भ्रष्टाचार की आदर्श प्रतिमूर्ति शरद पवार पर कई गंभीर आरोप : राडिया ने बताया- शरद पवार और उनका कुनबा चला रहा है शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी : माननीय शरद पवार का पेट बहुत बड़ा है. जाने कितना कुछ हजम कर जाते हैं और डकार भी नहीं लेते. नीरा राडिया ने शरद पवार के कुछ कच्चे चिट्ठे खोले हैं. उसने कई बातें सीबीआई को बताई हैं. वह सरकारी गवाह बन चुकी है. इस कारण वह अब सब कुछ बता देना, उगल देना चाहती है.

ये नकली कप है भारतीयों, अब पवार साहब से पूछो

हम खबरचियों के पास एक सनसनीखेज खबर है। हममें से कोई कहता है कि शुरूआत प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया यानी पीटीआई से हुई तो किसी का दावा है कि सबसे पहले उसने बताया। पता नहीं कौन है सही, लेकिन खबर ये है कि विश्व विजेता भारतीय टीम को असली नहीं, बल्कि रिप्लिका कप मिला। क्यों हुआ ऐसा? खबर है कि मुंबई हवाई अड्डे पर कस्टम ड्यूटी नहीं चुकाने की जिद्द की वजह से असली कप एयरपोर्ट के वेयरहाउस में भेज दिया गया।

वर्ल्ड कप क्रिकेट के साइड इफेक्ट : दो कार्टूनिस्टों की नजर में

कार्टून हजार-लाख शब्द लिखे से ज्यादा प्रभावशाली होते हैं. तुरंत पूरी कहानी कह देते हैं और दर्शक-पाठक के अंदर तक संदेश लेकर घुस जाते हैं. आज वर्ल्ड कप को लेकर दो कार्टून ऐसे हैं जिससे बहुत कुछ पता चलता है. कार्टूनिस्ट पंकज ने तो अदभुत बनाया है. उनकी क्रिएटिविटी को सलाम. वर्ल्ड कप क्रिकेट के बुखार में किस तरह दो देश बैट-बल्ला में तब्दील हो गए हैं, और कैसे इन देशों की जनता भी सब कुछ भूलकर, सुध-बुध खोकर ट्राफी के पीछे पगला गई है, इसे पंकज ने बड़े अच्छे से अपने कार्टून के जरिए जाहिर किया है.

भारतीय न्यूज चैनलों को आईसीसी ने दिखा दी औकात

: मस्त है पवार साहब…हम भले हो पस्त : पवार साहब की मुस्कुराहट थमे नहीं थम नहीं। शेट्टी साहब पवार साहब की खुशी में और भी खुश हो गए हैं। क्यों ना हो ऐसा। खबरें जो लगातार अच्छी  है। स्टेडियम हाउस फुल  है। कंपनियां कॉरपोरेट बॉक्स की मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं। टेलिविजन रेटिग प्वाइंट यानी टीआऱपी उफान पर है। खिताबी मुकाबले के लिए राइट होल्डर ब्रॉडकास्टर अंतिम समय में बुक होने वाले 10 सेकेंड विज्ञापन के लिए 24 लाख रुपये तक वसूल रही है। अब तो इंटरनेशनल क्रिकेड काउंसिल को भारत में किए आयोजन से कमाई पर आयकर में छूट दी गयी।

बीईए ने आईसीसी के फैसले को असंवैधानिक करार दिया

: भारत सरकार और आईसीसी प्रेसीडेंट से पुनर्विचार की मांग की : Broadcast Editors’ Association : Press Note : New Delhi, 01.04.2011 : The Broadcast Editors’ Association (BEA) underlines the utmost importance to the interest of the viewers of our country. The decision of International Cricket Council (ICC) to withdraw the accreditation of journalists covering Cricket World Cup matches is not only against this interest but also in contravention of the rights of the citizens to be informed.

ईश्वर पवार को सदबुद्धि दे

पवार ने मीडिया पर मढ़ा महंगी चीनी का दोष : उत्पादन की अटकलों वाले बार-बार बयान देकर चीनी के दाम में तेजी को बढ़ावा देने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार अब महंगी चीनी के लिए मीडिया पर दोष मढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि राज्यों के कृषि आयुक्तों ने चीनी उत्पादन के आंकड़ें कम दर्शाए जो गलत थे। मीडिया ने इन्हीं आंकड़ों को प्रचारित किया, जिससे दाम बढ़े.