सुनील दुबे की हालत में सुधार, नहीं होगी सर्जरी

वरिष्‍ठ पत्रकार एवं सन्‍मार्ग, पटना के संपादक सुनील दुबे की हालत अब खतरे से बाहर है. ब्रेन स्‍ट्रोक के बाद उन्‍हें पटना से दिल्‍ली लाया गया था. नेहरू नगर स्थित वीमंस हास्‍पीटल के डाक्‍टरों ने एंजियोग्राफी के बाद पाया है कि सर्जरी करने की जरूरत नहीं है. उन्‍हें आईसीयू से अस्‍पताल के जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है.

डाक्‍टरों ने जताई सुनील दुबे के ऑपरेशन की संभावना, जांच के बाद करेंगे तय

[caption id="attachment_20023" align="alignleft" width="94"]सुनील दुबेसुनील दुबे[/caption]वरिष्‍ठ पत्रकार और सन्‍मार्ग, पटना के संपादक सुनील दुबे दिल्‍ली के नेहरू नगर स्थित ए‍क चिकित्‍सालय में भर्ती हैं. उन्‍हें आईसीयू में रखा गया है. डाक्‍टरों ने संभावना जताई है कि उनकी सर्जरी करनी पड़ेगी. इसके लिए उनकी एंजियोग्राफी होने वाली है. जांच के बाद डाक्‍टर तय करेंगे कि क्‍या स्थिति है. फिलहाल सुनील दुबे सबसे बोल बतिया रहे हैं.

खल गया वर्ल्‍ड कप फाइनल के दिन दुबे जी का अस्‍वस्‍थ होना

31 मार्च की सुबह। मैं करीब नौ बजे सुनील दुबे जी से मिलने उनके होटल मारवाड़ी आवास गया था। मिलते ही सबसे पहले उन्होंने भारत को सेमीफाइनल जीतने की बधाई दी। मैं और हमारे एक मित्र जबतक वहां रहे भारत की जीत और फाइनल मैच की संभावनाओं की ही दुबे जी चर्चा करते रहे। उन्होंने दावे के साथ कहा था कि भारत फाइनल अवश्य जीतेगा। पर फाइनल के दिन ही दुबे जी का अस्वस्थ हो जाना खल गया।

सुनील दुबे के खास बनने वाले पत्रकारों ने गिरगिट की तरह बदला रंग

[caption id="attachment_20021" align="alignleft" width="85"]विनायक विजेताविनायक विजेता[/caption]मैं बचपन से ही सुना करता आया हूं कि गिरगिट रंग बदलता है, हालांकि कभी इसे देख नहीं सका। पर इंसान कैसे रंग बदलते हैं इसका एहसास मुझे तब हुआ जब बीते शुक्रवार को पटना हिन्दुस्तान के तीन बार संपादक रह चुके सुनील दुबे जी को अचानक ब्रेन स्‍ट्रोक का सामना करना पड़ा। रात 11 बजे सुनील दुबे जी को ब्रेन स्‍ट्रोक लगने की खबर पटना के वे सारे पत्रकार आधी रात में ही मगध अस्पताल की ओर दौड़ पडे़ जिन्होंने सुनील दुबे जी से कुछ सीखा था या जिनमें सुनील दुबे जी के प्रति श्रद्वा है।

सुभाष राय होंगे जनसंदेश टाइम्स के एडिटर?

लखनऊ से प्रकाशित होने जा रहे जनसंदेश टाइम्स का संपादक कौन होगा, इसको लेकर कयासों का बाजार गर्म है. तीन नाम जबर्दस्त चर्चा में हैं. प्रमोद जोशी, सुभाष राय और सुनील दुबे. सूत्रों का कहना है कि तीनों ही लोगों को जनसंदेश प्रबंधन से बातचीत हुई है. किसका नाम फाइनल हुआ है, यह पता नहीं चल सका है. कुछ लोगों का कहना है कि सुभाष राय को संपादक पद की जिम्मेदारी देने का फैसला प्रबंधन ले चुका है. उधर, प्रबंधन से जुड़े सूत्र कह रहे हैं कि अभी कई नामों पर विचार चल रहा है, किसी को फाइनल नहीं किया गया है.