वायस ऑफ़ नेशन का प्रसारण फिर ठप, लगा ताला

देहरादून से प्रसारित वायस आफ नेशन न्यूज चैनल का प्रसारण तीसरी बार बंद हो चुका है. बताया जा रहा है कि एनएसपीटीएल का बकाया न चुका पाने के बाद इस चैनल का लिंक काट दिया गया.  बिजली का बिल पांच लाख से ज्यादा बकाया होने पर बिजली काट दी गई. कर्मचारियों की छह महीनों की तनख्वाह नहीं दी गई है. कई कर्मचारियों के खिलाफ चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखा दी गई. कई कर्मियों के साथ बदतमीजी की गई.

वीओएन में अजय एवं प्रगति की नई पारी, छह ने की वापसी

वॉयस ऑफ नेशन में चैनल छोड़कर जा चुके छह लोगों की वापसी हो गई है, जबकि दो नए लोगों ने चैनल में ज्‍वाइन किया है. वापस आने वालों में रनडाउन हेड शोएब रजा, न्‍यूज प्रोड्यूसर आसमां जबी, एंकर प्रियम झा, वीडियो एडिटर अर्जुन लेखवार, रिपोर्टर सुमीत खन्‍ना और सौरभ शामिल हैं.

वीओएन में नहीं आएगा चैनल हेड, राजीव बने समाचार संपादक

वॉयस ऑफ नेशन में पिछले कई दिनों से चल रही हलचल थम गई है. चैनल में अब कोई नया चैनल हेड नहीं लाया जाएगा. यह जिम्‍मेदारी चैनल के चेयरमैन मनीष वर्मा खुद निभाएंगे. राजीव रावत को चैनल का समाचार संपादक बना दिया गया है. अब चैनल पर चलने वाली खबरों की जिम्‍मेदारी इनकी होगी. चैनल को मजबूत करने लिए चैनल के छोड़कर गए पुराने लोगों को भी वापस लाया जा रहा है.

मणि बने सहारा के एकाउंट हेड, श्रीनिवास की वीओएन से छुट्टी

दैनिक आज, वाराणसी से इस्‍तीफा देने वाले केके मणि ने अपनी नई पारी बनारस में राष्‍ट्रीय सहारा वाराणसी के साथ शुरू कर दी है. उन्‍होंने यूनिट एकाउंट हेड के पद ज्‍वाइन किया है. मणि पिछले 28 सालों से आज को अपनी सेवाएं दे रहे थे. मणि का जाना आज के लिए बड़ा झटका है. मणि ने प्रबंधन से विवाद होने के बाद 18 फरवरी को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया था. प्रबंधन ने उन्‍हें मनाने की कोशिश की परन्‍तु उन्‍होंने वापस लौटने से इनकार कर दिया. इसी बीच सहारा का ऑफर मिलने के बाद वे इससे जुड़ गए.

वीओएन के चैनल हेड गिरीश सेमवाल की विदाई

कई तरह के विवादों और चर्चाओं रहे चैनल वॉयस ऑफ नेशन से खबर है कि चैनल हेड गिरीश सेमवार को कार्यमुक्‍त कर दिया गया है. गिरीश को पूर्व चैनल हेड जे थामस के जाने के बाद चैनल की जिम्‍मेदारी दी गई थी. गिरीश के नेतृत्‍व में ही चैनल की रीलांचिंग की गई थी तथा इसे रीजनल से नेशनल चैनल बनाया गया था. गिरीश को क्‍यों और किन कारणों से हटाया गया इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. ये जागरण को भी लम्‍बे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

वीओएन से नाराज़ है रिपोर्टर

वी.ओ.एन. ने दूसरी पारी शुरू कर ली है. उम्मीद है पहले से बेहतर चलेगी. बिना किसी रूकावट के. स्टाफ भी बदला बदला सा लगता है, डेस्क से लेकर रिपोर्टर तक. वी.ओ.एन. के मालिक के पास पैसा है, वो और कमाना चाहते हैं. कमायें. लेकिन उन्होंने ये नहीं सोचा जिन रिपोर्टरों ने उनका साथ शुरू से दिया उन्हें दरकिनार कर उन्हें कोई नुकसान नहीं होने वाला है, बल्कि ब्यूरो के माध्यम से नए रिपोर्टर रखने से पैसा भी मिलेगा और ख़बरें भी. क्या रह गयी है पारदर्शी पत्रकारिता यहां देखा जा सकता है.

फिर प्रकट हुआ वीओएन

कई महीनों से बंद चल रहा उत्तारखंड का न्यूज चैनल वीओएन उर्फ वायस आफ नेशन फिर से लांच कर दिया गया है. वीओएन की तरफ से भेजी गई जानकारी के मुताबिक 13 सितंबर को वीओएन री-लांच हो गया. चैनल का लुक बदल दिया गया है. कई प्रोग्राम्स को भी बेहतर बनाने की कोशिश की गई है. वीओएन को सिर्फ उत्तराखंड की बजाय अब नेशनल न्यूज चैनल के रूप में पेश किया गया है.

वीओएन के 200 कर्मियों की सांस अटकी

देहरादून से संचालित रीजनल न्यूज चैनल वायस आफ नेशन उर्फ वीओएन में छोटे-बड़े पदों पर कार्यरत करीब 200 कर्मचारियों की सांस इन दिनों अटकी हुई है. वजह है चैनल का प्रसारण पिछले कुछ दिनों से ठप पड़ जाना. सूत्रों के मुताबिक चैनल हेड जे. थामस और उनके लोगों द्वारा बवाल करते हुए चैनल से अलग हो जाने के बाद चैनल कुछ दिनों तक ठीक चला पर अब वीओएन को बंद कराने का अभियान से छेड़ दिया गया है. जिन लोगों ने अभियान छेड़ा है वे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से लेकर वीओएन को किराये पर चलाने वाले जोश टीवी तक एप्रोच कर रहे हैं.

सेक्स स्टिंग दिखाने वाले वीओएन में बवाल

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से करीब 7 महीने पहले जोरशोर से शुरू हुआ न्यूज चैनल ‘वायस आफ नेशन’ उर्फ ‘वीओएन’ आजकल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रीडर. डा. एसआर सीरस की मौत की वजह से कुख्याति हासिल कर रहा है. इसी चैनल के जर्नलिस्टों ने डा. सीरस के घर में जबरन घुसकर सेक्स स्टिंग किया और उस स्टिंग को इस चैनल के आकाओं ने बिना सोचे-विचारे, बिना जांचे-परखे प्रसारित भी कर दिया. यह कारनामा करने वाले ‘वीओएन’ के चैनल हेड जे. थामस हैं जो 14 वर्षों से मीडिया में हैं और ज्यादातर वक्त छुटभैय्ये चैनलों में बिताया.