सौरव गांगुली ने मंगलवार को क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर इंडिया न्यूज की खबर पर मोहर लगा दी। क्रिकेट को अलविदा कहने के दादा के ऐलान की बात तो देश के सामने मंगलवार शाम आई लेकिन इंडिया न्यूज़ ने बीते बुधवार यानि की 1 अक्टूबर को ही रात नौ बजे प्रसारित होने वाले अपने इंडिया प्राइम टाइम शो में साफ कर दिया था कि गांगुली पर जल्द से जल्द संन्यास लेने का दबाव है। इंडिया न्यूज़ ने दिखाया था कि सेलेक्शन कमेटी की बैठक से पहले गांगुली पर संन्यास लेने का दबाव बनाया गया।
इंडिया न्यूज़ के संवाददाता राजीव मिश्रा ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में दिखाया था कि सौरव के टीम में शामिल होने का सारा ड्रामा सेलेक्शन की मीटिंग से ठीक एक घंटा पहले शुरु हुआ। इस रिपोर्ट में दिखाया गया था कि बीसीसीआई के नए अध्यक्ष शशांक मनोहर ने सेलेक्शन कमेटी की बैठक से ठीक एक घंटा पहले ईस्ट ज़ोन से सेलेक्टर राजा वेंकट को कहा कि वो गांगुली को फोन लगाएं। राजा वेंकट ने सौरव को फोन लगाया और स्पीकर फोन ऑन करके सिर्फ एक सवाल पूछा, “दादा कब तक खेलना चाहते हो”।
इस पर सौरव का जवाब आया, दो साल और।
वेंकट ने कहा कि ये तो काफी लंबा वक्त है। हम तुम्हें चार टेस्ट यानी ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ तक ही मौका दे सकते हैं। लेकिन बदले में तुम्हें रिटायरमेंट का ऐलान करना होगा।
सौरव ने हैरान होकर सेलेक्टर्स से गुज़ारिश की कि कम से कम इंग्लैंड सीरीज़ तक तो उन्हें मौका दिया जाए।
लेकिन जवाब आया, ये मुमकिन नहीं।
दस मिनट तक चली इस बातचीत के बाद मायूस होकर गांगुली को सेलेक्टर्स की बात माननी ही पड़ी। इसके बाद बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने चयनकर्ताओं को गांगुली को इस सीरिज में इन करने के आदेश दिये। सेलेक्शन कमेटी ने सौरव को टीम में जगह दे दी। इंडिया न्यूज़ ने इस रिपोर्ट में बिल्कुल साफ कर दिया था कि बंगाल टाइगर इस सीरिज़ में किसी भी वक्त क्रिकेट से विदाई का ऐलान कर सकत हैं। दादा पर काफी दबाव था। वो अपने क्रिकेट इतिहास की इस आखिरी सीरिज़ को अंडर प्रेशर नहीं खेलना चाहते थे लिहाजा उन्होंने मंगलवार को चुन लिया आखिरी रास्ता जिसका इंडिया न्यूज़ एक सप्ताह पहले ही कर चुका था खुलासा।
इंडिया न्यूज की तरफ से भेजी गई प्रेस रिलीज पर आधारित।











