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रंग दिखाने लगा ‘चोर गुरु’, कई और खुलासे होंगे

विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ-कनिष्ठ शिक्षकों द्वारा बेशर्मी से मैटर चुराकर अपने नाम से दर्जन के हिसाब से किताब लिखने के हाल के वर्षों में उभरे चलने का भंडाफोड़ करने वाला सीएनईबी न्यूज चैनल पर दिखाए जा रहे कार्यक्रम ‘चोर गुरु’ अपना असर कई प्रदेशों में दर्ज करने लगा है। रविवार 15 नवंबर को रात आठ बजे दिखाए जाने वाले कार्यक्रम में दो विश्वविद्यालयों के कुलपति रह चुके डा. प्रेम चंद पातंजलि के चोरी की किताबें लिखने के कारनामों का खुलासा किया जाएगा। कार्यक्रम की अब तक दिखाई गई चार कड़ियों में दिल्ली के जामिया मिलिया, वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, झांसी के बुंदेलखंड विवि समेत दिल्ली विवि से जुड़े रहे वरिष्ठ शिक्षकों के चोरी के सच को उजागर किया गया है और प्रोफेसर बिपिन चंद्रा, प्रोफेसर यशपाल, प्रोफेसर मुशीरुल हसन सरीखे देश के शीर्षस्थ अकेडमीशियनों की कड़ी टिप्पणियां प्रस्तुत की गई हैं। आगे प्रसारित होने वाली कड़ियों में काशी विद्यापीठ, दिल्ली विश्वविद्यालय, पूर्वांचल विवि, इंदिरा गांधी मुक्त विवि, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि समेत अनेक अन्य विश्वविद्यालयों में फल-फूल रहे चोरी के इस धंधे का अंदरूनी सच उजागर किया जाएगा।

विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ-कनिष्ठ शिक्षकों द्वारा बेशर्मी से मैटर चुराकर अपने नाम से दर्जन के हिसाब से किताब लिखने के हाल के वर्षों में उभरे चलने का भंडाफोड़ करने वाला सीएनईबी न्यूज चैनल पर दिखाए जा रहे कार्यक्रम ‘चोर गुरु’ अपना असर कई प्रदेशों में दर्ज करने लगा है। रविवार 15 नवंबर को रात आठ बजे दिखाए जाने वाले कार्यक्रम में दो विश्वविद्यालयों के कुलपति रह चुके डा. प्रेम चंद पातंजलि के चोरी की किताबें लिखने के कारनामों का खुलासा किया जाएगा। कार्यक्रम की अब तक दिखाई गई चार कड़ियों में दिल्ली के जामिया मिलिया, वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, झांसी के बुंदेलखंड विवि समेत दिल्ली विवि से जुड़े रहे वरिष्ठ शिक्षकों के चोरी के सच को उजागर किया गया है और प्रोफेसर बिपिन चंद्रा, प्रोफेसर यशपाल, प्रोफेसर मुशीरुल हसन सरीखे देश के शीर्षस्थ अकेडमीशियनों की कड़ी टिप्पणियां प्रस्तुत की गई हैं। आगे प्रसारित होने वाली कड़ियों में काशी विद्यापीठ, दिल्ली विश्वविद्यालय, पूर्वांचल विवि, इंदिरा गांधी मुक्त विवि, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि समेत अनेक अन्य विश्वविद्यालयों में फल-फूल रहे चोरी के इस धंधे का अंदरूनी सच उजागर किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस, भाजपा, सीपीआई, एनसीपी के अनेक वरिष्ठ सांसदों और एक पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने भी चोरी के इस धंधे और इसमें छुटभइये प्रकाशकों की मिलीभगत से हर वर्ष हो रही अरबों रुपये की धांधली के मुद्दे को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में उठाने का आश्वासन दिया है। कार्यक्रम का असर अब अनेक कुलपतियों पर भी पड़ने लगा है। रीवा, मध्य प्रदेश के अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय के कुलपति शिव नारायण यादव ने चैनल से कहा है कि वे अपने यहां के स्टडी मैटेरियल की चोरी के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले हैं। जौनपुर के बीरबहादुर सिंह विवि के कुलपति आर. एस. सारस्वत ने भी अपने यहां के दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। इंदिरा गांधी मुक्त विवि के कुलपित वीएन राजशेखरन पिल्लई ने अपने यहां के स्टडी मैटेरियल की बेहिसाब चोरी पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात सीएनईबी की टीम से कही है। वाराणसी में जहां महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपित प्रोफेसर अवध राम ने अपने यहां के दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात स्वीकारी, वहीं काशी हिंदू विवि के कुलपित प्रोफेसर डीपी सिंह ने इस मुहिम को व्यापक समाज के बीच ले जाने की जरूरत पर बल दिया है। प्रेस विज्ञप्ति

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