नहीं बचाए जा सके विजय प्रताप सिंह

विजय
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: मंत्री पर हुए हमले में घायल पत्रकार की दिल्ली में मौत : कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल पत्रकार विजय प्रताप सिंह ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। विजय का इलाज दिल्ली में आर्मी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार को परिजन शव लेकर इलाहाबाद आ जायेंगे। 12 जुलाई को मंत्री नंदी पर हुए हमले में राकेश मालवीय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

जबकि मंत्री, पत्रकार, गनर, पीआरओ व दो अन्य घायल हुए थे। मंत्री नंदी को उसी दिन पीजीआई लखनऊ भेज दिया गया था। दूसरे दिन 13 जुलाई को गनर संजय सिंह को पीजीआई और पत्रकार विजय प्रताप सिंह को दिल्ली भेजा गया। वहां विजय प्रताप को आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात विजय प्रताप सिंह की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। वहां उनकी पत्‍‌नी व परिवार के अन्य सदस्य मौजूद हैं। बुधवार को वे पत्रकार विजय प्रताप का शव लेकर इलाहाबाद पहुंचेंगे।

विजय प्रताप सिंह इसी 30 जुलाई को 39 बरस के हो जाते. पर अपना जन्मदिन मनाने का मौका विजय ने किसी को नहीं

विजय प्रताप
विजय प्रताप
दिया। मौत से 9 दिन तक चले संघर्ष में जिंदगी विजयी न हो सकी। इंडियन एक्सप्रेस के सीनियर रिपोर्टर विजय प्रताप सिंह ने करियर की शुरुआत इलाहाबाद में द लीडर अखबार से की थी। बाद में वे टाइम्स आफ इंडिया में चले गए। वे टीओआई के लिए इलाहाबाद समेत पूरे परिक्षेत्र कौशांबी, चित्रकूट, प्रतापगढ़, जौनपुर और मिर्जापुर भी कवर करते थे। विजय इंडियन एक्सप्रेस के साथ अप्रैल 2008 में जुड़े थे। विजय के परिवार में पत्नी शशि, पांच साल का बच्चा यश और 10 महीने की बिटिया अद्या है।

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने गत 12 जुलाई को इलाहाबाद में आपराधिक घटना में घायल इंडियन एक्सप्रेस, इलाहाबाद के संवाददाता विजय प्रताप सिंह के असामयिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि विजय प्रताप सिंह एक जुझार, निडर एवं प्रतिभाशाली पत्रकार थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

पत्रकार विजय प्रताप सिंह की मृत्यु की खबर से पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गई। जिलाधिकारी संजय प्रसाद ने गहरा दुख जताया है। उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डा. रीता बहुगुणा जोशी ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने जब पहले ही अपने हमले की आशंका जतायी थी तो सुरक्षा में क्यों लापरवाही बरती गई। इस घटना में दो निर्दोष लोगों की अब तक जान जा चुकी है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पत्रकार विजय प्रताप सिंह के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

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Comments on “नहीं बचाए जा सके विजय प्रताप सिंह

  • markanday mani gkp says:

    wo bada rahimo-kariem hai mujhe ye siphat bhi ata kre
    tujhe bhulne ki duaa karun to meri dua me asar n ho
    WE MISS YOU………………..
    Markanday Mani TRipathi (gkp)

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  • बहती हवा सा था वो उड़ती पतंग सा था वो कहाँ गया उसे ……..हमने एक दमदार पत्रकार खो दिया

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  • ashish shukla says:

    विजय प्रताप जी तो आज हमारे बीच नहीं रहे लेकिन ऐसी वारदात को जिसनें अंजाम दिया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। सगंम नगरी से आज एक पत्रकार ने 9 दिन चले संघर्ष से विदा ले लिया। संगम नगरी की ओर से श्रद्वांजलि देना चाहता हू।

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  • श्रद्धांजलि says:

    [b]विजय भाई को श्रद्धांजलि दी लखनऊ के पत्रकारों ने
    [/b]
    उत्तर प्रदेश के संस्थागत वित्त मंत्री पर हुए हमले में घायल पत्रकार विजय प्रताप सिंह के निधन पर उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी और महामंत्री पीके तिवारी ने गहरा दुख जताया है। यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रबींद्र सिंह और सचिव जेपी तिवारी ने भी शोक व्यक्त किया है। हसीब सिद्दीकी ने अपने शोक संदेश में कहा है क ईश्वर इस दुख को सहने की ताकत विजय प्रताप के परिवार को दे। हमले में घायल विजय प्रताप का कल दिल्ली के आर्मी अस्पताल में निधन हो गया। लखनऊ श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कलहंस और महासचिव विनीता रानी ने भी विजय प्रताप की आसमायिक मौत पर अफसोस जताया है। कलहंस ने प्रदेश सरकार से विजय प्रताप के परिवार को क्षतिपूर्ति की मांग भी की है।

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  • khurram nizami says:

    Vijay bhai se meri mulaqat bahut purani hai. ek dashak se bhee adhik. tab na to wo patraker the aur na mere zehen mein patrakarita banne ke jazba. lekin hum donon ko padhnein likhnein ka bahut shauk tha. keetganj ke ek do kamre ke unke makaan mein refrence kee kitabein bahutyat mein thee. wo mere classmate aur dost ke bade bhai bhee the. waqt guzraa aur kumbh mele ke liye main Tehelka.com ke liye reporting ke liye Lucknow se Allahabad bheja gaya. phir mulaqat hone lagi. Kumbh khatam hua to main Lucknow wapas aa gaya. Phir pata chala kee woh Times Of India join kar chuke hain. Unki khabrein padhta. Accha lagta. kushi bee hoti. lekin phir mulaqat nahin ho saki. Phir Nandi ke upar hamla hua. Maine Allahabad phone kiya jankari ke liye kee kaun log ho sakte hain mantri par hamle ke peeche. Lekin pehlee jaankari nein hee mere hosh uda diya. ghayalo mein Naam Vijay bhai ka bhee tha. pehle socha kee kuch dinon kee baat hogi aur wo ek baar phir kalam tham lengein. Lekin Jab unke ghar phone kiya to takleef mein izafa ho gaya. Bhaiya kee halat nazuk hai. aur unko delhi le jaanein ke siwa aur koi rasta nahi bacha hai. main roz sham ko phone karta. ummeed ke saath kee woh wapas ayengein aur ek baar phir chaupal lagegi. wo to vapas nahi aaye haan unka sharv wapas zaroor aa gaya. Allahabad kee meri Chaupal se ek Shakhs kam ho gaya.

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  • Zafar Irshad says:

    .केवल 36 साल मे विजय की मौत ने मुझे अंदर से झकझोर दिया है…उनके दो बहुत छोटे बच्चे और पत्नी है…ईश्वर उन्हे यह दुख सहन करने की ताक़त दे…अब मुझे सुबह फोन कर यह कौन बताएगा की ज़फ़र भाई आपकी यह खबर यहाँ बहुत अच्छी छपी है…”तुम बहुत याद आओगे विजय”..

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  • farhat khan says:

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  • VIRENDRA GUPTA MIRZAPUR A2Z CHANNEL says:

    patrakar kee atma kosantee va unke pareejan ko takat mile maa vindhyachal devi se prathana hai
    sarakar se umeed hai ki patrakar ke parivar ke tatparta se intzam kare
    VIRENDRA GUPTA MIRZAPUR JANSANDESH NEWS CHANNEL

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  • Deepak Gambhir says:

    Kho diya humne ek majboot stambh…! Vijay bhaiya ke baare mein jitna bhi kuch bola jaye ya fir yaad kiya jaye woh bahut kam hain..! Mera unke sath kafi samay gujra…! Aur unse bahut kuch sikhne ko mila…! Unka chale jana shayad mere liye bahut hi dukhad hain…! Unko mein kabhi bhi nahi bhool paunga..! Bhaiya, you will always be in my heart, may your soul rest in peace…! He was very gentle person.!

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  • FAREED SHAMSI says:

    kaun kheta hai k vijay bhai hame chod kar chale gaye wo hamesha hamare sath the or sath rhenge agar koi hum se bichda hai to wo hai unka sharir unki aatma to hamesha hamare sath hai

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  • alok malviya,allahabad says:

    विजय भाई की याद बहुत आती है उनकी याद खबरों की तरह हमेशा हमारे साथ चलती रहेगी…दमदार व्यक्तित्व और सभी की मदद करने की चाह रखने वाले अब कभी नहीं मिलेंगे ….हम सभी विजय भाई की आत्मा की शांति और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे यही ईस्वर से कामना है….

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  • alok malviya,allahabad says:

    आज इलाहाबाद के इलेक्ट्रोनिक मीडिया क्लब के पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला और उन्हें पत्रकार विजय प्रताप के परिवार को २५ लाख का आर्थिक अनुदान और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग संभंधि ज्ञापन सौपा ये ज्ञापन महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम से दिया गया…ज्ञापन के बाद जिलाधिकारी इलाहाबाद ने पत्रकारों को आश्वासन दिया की विजय प्रताप के परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी….और सरकार के सामने आपके ज्ञापन को पहुंचा दिया जायेगा….

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