Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

Bhadas4Media.com

बातों बातों में

हमारे शहर के जुगाडू़ रामजी जन्मजात जुगाड़ू हैं। इस कदर पैदाइशी जुगाड़ू कि मां-बाप के परिवार नियोजन के तमाम संयुक्त प्रयासों को सिंगट्टा दिखाते...

राजनीति-सरकार

आदरणीय यशवंतजी, पता नहीं क्यों अपने काम से इतर जब भी मैं अकेला बैठता हूं... तो रह-रह कर देश के बारे मैं सोचने को...

राजनीति-सरकार

राष्ट्रपति का पद पर आसीन होने की एक मात्र मुख्य योग्यता भारत का नागरिक होना है। वैसे 35 वर्ष उम्र होने की दूसरी प्रमुख...

साहित्य जगत

जब भाषा की दृष्टि से आदमी बहुत निर्धन रहा होगा, तब भी उसका जीवन, उसका व्यवहार चलता रहा होगा। जब उसके पास प्रेम शब्द...

साहित्य जगत

: दयानंद पांडेय का उपन्‍यास : ‘कुछ नहीं कहेंगे।’ मुनमुन बोली, ‘बेटी जब आप की सुख से रहने लगेगी तो सब के मुंह सिल...

मेरी भी सुनो

इस वक्त पूरे देश में जहां भ्रष्टाचार पर बहस छिड़ी हुई  है तथा एक मजबूत एवं सशक्त लोकपाल कानून बनाये जाने की कवायद चल...

राजनीति-सरकार

भ्रष्टाचार के गरमागरम मुद्दे के साथ चुनाव सुधारों का मुद्दा भी अब धीरे-धीरे गरम होने लगा है। कभी राइट टू रीकाल और कभी राइट...

साहित्य जगत

कवियों, लेखकों, कलाकारों के लिए मेरे मन में बचपन से ही सम्मान और श्रद्धा का भाव रहा है। जब कभी मेरे गृहनगर में कोई...

समाज-सरोकार

कहा जाता है कि प्यार किसी जाति, धर्म, उम्र को नहीं मानता। ऐसे में घर-समाज के बीच कैसे तालमेल बैठाया जाय? प्रेम के प्रकार’...

राजनीति-सरकार

: अन्ना और सरकार के बढते द्वंद्व : अन्ना हजारे ने अपने हालिया बयान से जहां कांग्र्रेस को थोड़ा परेशान किया है, वहीं अनेक...

बातों बातों में

[caption id="attachment_2808" align="alignleft" width="150"]अजय झा[/caption]: गोनू झा कहिन (एक) : एक शाम गोनू झा गाँव के तालाब के किनारे बड़ी चिंता में मग्न बैठे...

समाज-सरोकार

उत्सव हमारी संस्कृति के प्रतीक है. यह हमारी आंतरिक खुशी, प्रसन्नता की अभिव्यक्ति का माध्यम है. ये उत्सव हमें एकजुटता का संदेश देते हैं....

तेरा-मेरा कोना

यह सुखद संयोग है। एक तरफ मोहन, दूसरी तरफ माया। यह जगत इन्हीं दोनों की परमलीला का सुघड़ मंच है। युग का तेवर बदल...

बातों बातों में

छोटे शहरों के लोगों के लिए बड़े सौभाग्य की बात होती है कौन बनेगा करोड़पति जैसे प्रोग्राम में शरीक होने का। इस नाचीज़ हास्य...

साहित्य जगत

यह भी सोचने का एक तरीका है। सीता ने अगर लक्ष्मण रेखा का अतिक्रमण न किया होता तो न रावण मारा जाता, न ही...