अखबार में खबर बाद में छपती है, मुझे पता पहले चल जाता है

समाजवादी पार्टी का सातवां राज्य सम्मेलन 10 से 12 फरवरी तक गोरखपुर के ऐतिहासिक रामगढ़ ताल के किनारे जीडीए पार्क में हो रहा है। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, आजम खान, संगठन मंत्री ओम प्रकाश सिंह, राष्‍ट्रीय महसचिव प्रो. राम गोपाल यादव सहित पार्टी के तमाम दिग्गज नेता बुधवार की रात तक गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

वैसे तो सम्मेलन में उठने वाले मुद्दे सार्वजनिक हो चुके हैं, पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, कृषि -किसान और पूर्वांचल में महामारी का रूप ले चुकी इंसेफलाइटिस जैसे मुद्दे राज्य सम्मेलन में विशेष रूप से पर चर्चा में छाए रहेंगे। सम्मेलन में तय होने वाले मुद्दे ही आमागी विधानसभा के चुनाव एजेंडे में होंगे। सपा का प्रंतीय सम्मेलन 11 वर्षों बाद पूर्वांचल में हो रहा है। समाजवादी पार्टी की स्थापना के बाद पहली बार दिसंबर 1999 में पार्टी का प्रांतीय सम्मेलन देवरिया में हुआ था, इसके बाद पूर्वांचल में सम्मेलन के लिए गोरखपुर को दूसरी बार चुना गया है।

सम्मेलन में दो दिनों तक कार्यकर्त्ताओं के साथ पार्टी के राष्‍ट्रीय और प्रांतीय नेता पिछली गलतियों पर चर्चा करेंगे और आगे के लिए उससे सबक लेकर रणनीति बनाएंगे और आगामी विधान सभा चुनाव के लिए मुद्दे तय कर उसे आमजन के बीच ले जाएंगे। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं का कहना भी है कि गोरखपुर में हो रहा सपा का राज्य सम्मेलन उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा और दशा तय करेगा।

सपा के सातवें राज्य सम्मेलन के लिए जो स्थल तैयार किया गया है उसे जनेश्वर मिश्र नगर का नाम दिया गया है। सम्मेलन के लिए वैसे तो जिम्मेदारियां स्वतः स्‍फूर्त रूप से कार्यकर्त्ताओं ने अपने सर ओढ़ लिया है, पर कुछ ऐसे काम हैं जिन्हें पहले कुछ ने बांट लिया पर बाद में उसके खर्चे सामने आने लगे तो पसीने छूट रहे हैं। सम्मेलन में आने वालों के खान-पान की व्यवस्था विधायक राजेन्द्र सिंह पहलवान और पूर्व विधायक डा. मोहसिन खान ने संभाली है, पहले सम्मेलन में पांच-छह हजार लोगों के आने की उम्मीद थी पर अब यह संख्या दोगुने से अधिक बताई जा रही है। सपा में भाग लेने वालों की संख्या को लेकर भी गहरे मतभेद है।

आवास व्यवस्था से जुड़े सपा के वरिष्ठ नेता श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने सीपी चंद के आवास पर बातचीत में कहा सम्मेलन में दस हजार की संख्या में पार्टी के कार्यकर्त्ता हिस्सा लेंगे, जबकि उसी जगह थोड़ी देर बाद पार्टी के रार्ष्टीय सचिव डा. केसी पाण्डेय पहुंचे और उन्‍होंने बातचीत में बीस हजार की संख्या में कार्यकर्त्ताओं के सम्मेलन में हिस्सा लेने की बात कही। अब इसमें कौन सही बोल रहा है यह तो सपा के लोग ही बता सकते हैं पर पार्टी में कोई कुछ तो कोई कुछ बोल रहा है।

सम्मेलन ऐतिहसिक हो और उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से यहां आने वाले कार्यकर्ता व्यवस्था की सराहना कर जाएं, इसकी चिंता किसी में नहीं देखी गई। हर कोई पार्टी प्रमुख के दिल दिमाग में छाने के लिए सम्मेलन स्थल और उनके आने-जाने वाले मार्गों को बड़े-बड़े बैनरों एवं कट आउटों तथा होर्डिंग्स के जरिए अपना प्रदर्शन करने में लगा हुआ है। पार्टी के कुछ नेताओं का एक ऐसा ग्रुप है जो सम्मेलन के तीनों दिन किसी न किसी अखबार के प्रथम पृष्ठ पर छाने के लिए भारी धन खर्च कर रहा है।

सपा के एक वरिष्ठ नेता के आवास पर सम्मेलन के बारे में जानकरी लेने यह संवाददाता पहुंचा तो किसी का फोन आया प्रथम पेज पर जगह नहीं है, इस पर वहां बैठे उसी पार्टी के एक नेता जो धन एवं बाहुबली नेताओं के इर्द गिर्द ही राजनीति करते हैं, तपाक से कहा मुझे पता है फलां अखबार में प्रथम पेज पर जगह खाली नहीं है। वरिष्ठ नेता ने कहा कैसे पता चला, तो फिर उन्‍होंने वाहवाही में कहा- यहां के अखबारों में छपता बाद में है पहले मेरे पास इसकी सूचना आ जाती है। मुझसे रहा नहीं गया, अखबार वालों की बेइज्जती अच्‍छी नहीं लगी, मैंने कहा एक तो मैं ही खबर छापता हूं पर कभी आपको फोन कर नहीं बताता, इस पर पोल खुलते देख उन महोदय ने कहा आप पीने खाने वाले थोड़े ही न हैं, मैं पीने खाने वालों की बात कर रहा हूं।

फिलहाल इस संवाददाता ने सम्मेलन की तैयारियों एवं व्यवस्था के बारे में जांच-पड़ताल की और दो दर्जन से अधिक नेताओं से बातचीत की पर हर किसी को अपने टिकट और नेता के करीब पहुंचने की ही चिंता दिखाई दे रही थी। एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया टिकट चाहने वालों की लंबी कतार है हर कोई टिकट चाह रहा है और इसीलिए वह सड़क तथा चौराहों पर बैनर लगाकर खुद को पार्टी का हीरो साबित करने में लगा हुआ है। उसका कहना था गोरखपुर का ग्रामीण विधानसभा ही ले लें, यहां से अब तक पार्टी के 12 लोगों राम ललित यादव, डा. मोहसिन, भानु प्रकाश मिश्र, जियाउल इस्लाम आदि ने अपनी दावेदारी जताई है, हर दावेदार यही कह रहा है कि उसकी जीत पक्की है, बस टिकट मिलने की देरी है।

सम्मेलन में आने वाले सपा नेताओं के रहने की व्यवस्था पार्टी के वरिष्ठ नेता सीपी चंद और अमर मणि त्रिपाठी के जिम्मे है। सम्मेलन में अमरमणि का प्रतिनिधित्व उनके भाई अजीतमणि त्रिपाठी और उनके पुत्र कर रहे हैं। आवास व्यवस्था के बारे में चंद से बात करने पर उनने बताया कि पार्टी के सांसदों, विधायकों तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों के ठहरने के लिए शहर के विभिन्न होटलों में दो सौ से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं। कमरों को लेकर मारामारी चल रही है।

कुछ होटलों ने तो सपा के नाम पर हाथ खड़े कर लिए हैं। बताया जा रहा है गोरखपुर में बसपा से जुड़े एक नेता का होटल है, वहां सपा के लोग कमरे के लिए गए तो कहा गया कि कमरे खाली नहीं है, जबकि सपा वालों ने दूसरे स्रोत के जरिए पता कराया तो कमरे खाली बताए गए। यह चर्चा है कि जहां चंद और मणि आवास की बेहतरीन व्यवस्था के लिए परेशान हैं, वहीं उनकी सहायता के लिए लगे एक नेता होटलों से कमरे लेने के बदले खुद का कमीशन सेट करने में लगे हैं। उनका प्रयास है कम से कम इतना धन आ जाय ताकि कुछ महीनों तक उनका जेब खर्च चलता रहे।

लेखक एसके सिंह गोरखपुर में पत्रकार हैं.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “अखबार में खबर बाद में छपती है, मुझे पता पहले चल जाता है

  • शमीम अहमद says:

    इसमें गलत क्या है..चल जाती है तो बढ़िया है.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *