अजीज बर्नी ने देशवासियों से माफी मांगी

:‘आरएसएस की साजिश 26/11’ पुस्तक के संदर्भ में : ‘26/11 भारत के इतिहास का सबसे बड़ा हमला’ किस्तवार लेखों में मैंने अपने जिस लेख का हवाला दिया है, वह पुस्तक की रिलीज के बाद लिखा गया था। जिसका शीर्षक था-‘हाफिज सईद हमारा अपराधी है, उसे हमारे हवाले करो’। 17 दिसंबर 2010 के रोजनामा राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित इस लेख से ना तो मैं 26/11 के आंतकवादी हमले को आरएसएस से जोड़ रहा हूं, ना भारत का पक्ष कमजोर कर रहा हूं।

इस लेख द्वारा मेरा उद्देश्य ना किसी पर आरोप लगाना है, ना किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना। अपने लेखों द्वारा किसी को आरोपित करने की भी मेरी मंशा बिल्कुल नहीं रही है। मेरे उक्त विचारों से यदि देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं उनके लिए माफी मांगता हूं और यदि जरूरत हुई तो अपनी पुस्तक का शीर्षक भी बदलने को तैयार हूं। देश का अभिन्न नागरिक होने के नाते मैं अपने द्वारा हुई इस चूक के लिए शर्मिन्दा हूं और भविष्य में इस बात का खास ख्याल रखूंगा कि किसी की भावनाएं आहत ना हों। इस लेख के द्वारा मैं अपने विचार पाठकों के समक्ष रखने का प्रयास भर कर रहा था, जाने-अनजाने मेरे विचारों से देशभक्तों या देशप्रेमियों को हुई असुविधा की जिम्मेदारी लेते हुए, हृदय से क्षमा चाहता हूं।

अजीज बर्नी का उपरोक्त माफीनामा आज राष्ट्रीय सहारा अखबार में प्रथम पेज पर सबसे उपर दो कालम बाक्स में प्रकाशित किया गया है.

Comments on “अजीज बर्नी ने देशवासियों से माफी मांगी

  • Guddu Chaudhary says:

    Der aaye durust aaye……nahi to kisi din koi sirifra (Utkarsh Jaisa) Aziz Barni ka bhi hal kerta jo Talwaar ka kiya hai…..

    Aziz Sahab abhi to aage aage dekhye kya kya hota hai……

    Sahara se side line kerne ke bad hi aapko mafi ki yad aayi hai aaj tak to aapne kabhi kisi article ke liye mafi nahi mangi….

    Isko Bolete hai …”Jor Ka Jhatka Hai Joro Se Laga”…. ultimately aukat par aa hi gaye…….

    Reply
  • dr ishrat siddiqui says:

    pahele dbao dal ker lambi chhutti per jane ko vivas karna aur phir mafi , upendra rai ka yeh khel bhi kya dalali hai.? neera radia se un ki batcheet ka tape bhadas per hi parha aur suna. patrakarita bhi ab dalali ka ek rasta bun gai hai. ab qalam bhi pabund kar diya gaya hai. chali hai rasm ki koi na sir utha ke chale.aap kya kahten hai.

    Reply
  • desh ke sath itna gambheer dhoka karane ke bad………yu maphi mangker hi bat khatam nahi koni chahiye…….anya logo ko bhi sabak mile isliye jaruri hai ki….in sb ko sare am…………dhokadhari ke mamale mai kadi saja mile………….taki age desh ko koi gumrah na ker sake…

    Reply
  • Asdar sb.,, mubarak ho, it is really victory of Nationalism and your victory as well.

    By exposing Burney, You have done a great service to the nation. We must salute you. of course, Burney’s apology is of no use, unless he completely withdraws his book.

    Asdar sb, once again, Salute to you and your daring writing against Burney.

    Burney is no more favorite to any Indian in general or muslim in particular. he is totally exposed now.

    Perwez Khan.

    Reply
  • खालिद says:

    जल्दी बदल डालिए पुस्तक का नाम. वरना क्या पता ये सुविचार आपके दिमाग से निकल जाए.और हां दिग्विजय सिंह को भी एक माफीनामा लिखने को बोलिए जो आपके किताब के विमोचन के वक्त आपसे भी बढ़कर बोल रहे थे। पता नहीं क्यों उन्हें लगता है कि आरएसएस और बीजेपी को गालियां दे कर ही हम मुसलमानों का दिल जीत सकते हैं। साले हरामी नेता (माफ करेंगे, ये मेरा भड़ास है) हमेशा वोट की राजनीति करते हैं और देश को संप्रदाय और जातियों में बांट कर हमारा विकास रोकते हैं।

    Reply
  • anand prakash says:

    लगता है स्वामी असीमानंद की तरह अजीज बर्नी साहेब का भी हृदय परिवर्तन हो गया है. चलिए देर आयद दुरुस्त आयद.

    Reply
  • लगता है कि इशरत सहारा में नौकर करती हैं , बर्नी के डिपार्टमेंट में …कलम बर्नी की सच नहीं लिखती ये देश के लोखों लोगों को लगता है कि बर्नी की कहानी मनगढ़ंत है …इसलिए बुरा मत मानिए …कलम की ताकत को दुनिया रोक नहीं सकती बशर्ते की वो सच से ओत-प्रोत हो

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *