अन्ना की मुहिम को पंक्चर करने में लगे हैं इंडियन एक्सप्रेस और शेखर गुप्ता

Ajit Anjum : इंडियन एक्सप्रेस पहले दिन से अन्ना की मुहिम को पंक्चर करने में जुटा है. आज तो शेखर गुप्ता ने भी 4-5 हजार शब्दों का लेख लिख मारा है. अन्ना की टीम के खिलाफ भ्रष्ट नेताओं की जमात एकजुट हो गई है. कांग्रेस अन्ना के आंदोलन को डिरेल करने के खेल में लगी है और एक्सप्रेस उसके एजेंडे को डिजायन कर रहा है. नेताओं के गेम प्लान के बारे में कुछ नहीं छाप रहा है. ऐसा क्यों?

Hemant Thakur : kahin toh ek darr ka mahoul jaroor ban raha hai jo neta aur iske gathjor ko pareshan kar raha hai….!! chour chour mousere bhai….”

Prateek Misra : absolutly right

Jitendra Narayan : सिविल सोसाइटी के लोग केवल लोकपाल बिल का मसौदा बनाने के लिए हैं न की कोई लाभ का पद लेने के लिए. इसलिए उन्हें अग्नि-परीक्षा देने की कोई जरूरत नहीं है. समाज और देश के लिए निस्वार्थ होकर काम करने वालों की इतनी फजीहत मत करो की फिर कोई भला आदमी आगे आने की साहस ही न करे. ऐसे ही फजीहतों के चलते राजनीति में कोई भला आदमी नहीं आना चाहता है जिसके वजह से अमर सिंह जैसों की बन आई है.

Vivek Kumar : the so called ‘Civil socity’ is now talking like “Evil socity” ……. u may follow this link .. http://www.facebook.com/profile.php?id=100000082435391#!/permalink.php?story_fbid=214533415224386&id=100000082435391

Anirudh Kumar : आखिर अन्ना हजारे की इतनी फजीहत क्यों की जा रही ह?क्यों कांग्रेस की सरकार इस तरह से उन्हें अपमान करने में तुली है? सच में जितेन्द्र जी कहे हैं कि इतना मत करो प्रताड़ित कि फिर कोई देश के अहम मुद्दों को लेकर सामने नहीं आये। रही बात इंडियन एक्सप्रेस या अन्य मीडिया की तो आज हमलोग सच्चाई के पीछे कम, सरकार की वाहवाही की खबर ज्यादा लिखने और दिखाने में लगे हैं। पत्रकारों की कलम में अब ताकत रह कहां गई है, सबसे उपर पायदान पर बैठे कथाकथित पत्रकारआज इस पेशे की धज्जियां उड़ाकर सरकार का गुणगान करने मे लगी रहती है, क्योंकि तभी तो विज्ञापन मिलेगा या फिर वो उनके लिए राज्यसभा या विधानसभा का का रास्ता खुलेगा।

बी.पी. गौतम : भैया, न पत्रकार खराब हैं और न नेता और अफसर, फिलहाल जागरूकता की कमी है, लेकिन परिवर्तन का दौर चल रहा है, जिस दिन जनता जागरूक हो जाएगी, उस दिन कोई नहीं बचेगा, न भाजपाई, न कांग्रेसी, न वकील, न पत्रकार, न अफसर, सब को टांग देगी, इस लिए यह अन्ना-वन्ना कुछ नहीं कर सकते, सिर्फ टाइम पास हैं

Jai Parashar : शेखर गुप्ता का विचित्र रुख रहता है. जब गैसकांड का विवाद उठा तो वो एंडरसन को भारत से चुपचाप भगाए जाने के सरकारी रुख के समर्थन में लिख रहे थे.

Ajit Anjum : Jai Parashar ji , CWG ghaotale ke samay bhi ek tarah se bahut mamuli ghotala batate hue Kalmadi ke sath khade ho gaye the Shekhar Gupta

Atul Gangwar : bhai sabse pahle to sansad par kabza karo….tabhi theek hoga sab. ye neta jo dalalo ka sahara lekar is desh ki janta ke sabra ka imtihaan le rahein hain…unhe sabak sikhana zaroori hai…

हिंदियन एक्सप्रेस : अजीत भाई,हम हैं न… इंडियन (एक्सप्रेस ) को छोड़ो, और हिंदियन (एक्सप्रेस ) से नाता जोड़ो.

Shishir Soni : would you able to speak as frank against congress, in your prime time show in News 24, I m sure you would not dare…because, we all are serving interest of someone : Ajit Bhai..Who is Express super boss everybody knows and why they are doing so, its truth on wall..

Vivek Sinha : चोर चोर मौसेर भाई … यही कहावत काफी है..

Rajesh Jha : News print ghotale ki file khuk gayee hogi anjum ji

Pranshu Soni : bharat mein aaj aisi sthiti aa gayi hai ki agr koi insaan kissi mudde k khilaf awaaz uthata hai toh na jane kitne log uski tang khichne mein lag jate hai…us pr agr newspaper jo aam admi ki awaaz hain…agr vae isme sehyog nahi karenge ….phr kaise hoga…??? kafi virodhabhas hai isme…..!!!

Praveen Trivedi : ‎…..क्योकि चोर चोर मौसेरे भाई !

Sonu Kumar : sir kewal news paper ki bat nahi hai tv channel ko najarandaj nahi kiya ja sakta..

Rj Santosh Rao : Sir jeeee Indian express apni takat dikha raha he aap face book pe lecture dene ke badle kyo nhi apne news 24 ke madhyam se khulkar unke against me bolte he?

Satyendra Tomar : कांग्रेस राजनीति कर रही है और अन्ना समाजसेवा. सवाल ये है कि अन्ना के खिलाफ राजनीति करने का मौका कांग्रेस को मिला कैसे? अन्ना को भी इस मसले पर विचार मंथन करना चाहिए.

Quamar Hashmi : नमस्कार सर! मेरा मानना है की लोकपाल बिल के लिये जो सदस्य चुने गए,उसमे मीडिया का कोई भी आदमी नहीं है. हो सकता है की शशि शेखर जी की इक्षा रही होगी की इस मुहीम में उनके परिवार (मीडिया जगत) का भी एक सदस्य हो. और ऐसा हुआ नहीं ..तो इस बात की नाराज़गी उनके कलम से दिख रही है. वैसे मै भी सोचता हु की एक सदस्य इलेक्ट्रोनिक मीडिया से होना चाहिये था. खबर की कमी नहीं होती. और भ्रस्टाचार पर लगाम भी तुरंत लगता.

Kundan Kumar : sayad patrakarita mar gayi hai…aur patrakar bach gaye hai..ya yun kahe netaon ko bhrast karne main media bussines kar rahihai..yahan zameer bikta hai bolo kariodge…hum ek toh sudhre india jagega..keep it up sir…

Ashish Jain : इंडियन एक्सप्रेस अगर अपना असली रंग दिखा रहा है तो इस पर आश्चर्य नहीं होना चाहिए। देश का मौजूदा जुगाड़ तंत्र पूरी ताकत से रेजिस्ट कर रहा है। जन लोकपाल आंदोलन भ्रष्टाचार के जिस नाले को सुखाने पर आमादा है, उसे गंगा समझकर प्यास बुझाने और तृप्त होने वाले लोगों की कमी नहीं है इस देश में।

Braj Mohan Singh : Express ki parampara aisi kabhi nahi r

Ashish Jain : दुख तो इसी बात का है कि भ्रम ही सही जिस पर भरोसा था वह नजरों से गिर गया।

Ashraf Khan : शेखर गुप्ता ने तो दलाली में बरखा दत्त को भी पीछे छोड़ दिया. पता नहीं शेखर गुप्ता का टेप कब सामने आएगा ?

Nabeel A. Khan : I really dont know as to what Express is sensing right now. But whatever be the reason. But there is enough indications that all the political parties are unhappy with the way Lokpal bill movement is shaping and they are leaving no stone unturned to derail this or mollify the affect of the drafted bill on them. But my main concern is that the civil society member in the committee should maintain calm and be focused on drafting a balanced bill. They should not be bogged down by any pressure.

Avinash Pawar : भारत के बहुत सारे बुद्धिमान प्राणियों के लिए भ्रष्टाचार एक साधारण समस्या है. उनके लिए तो भयंकर समस्याए और ही कुछ है. जैसे अन्ना, अन्ना का चरित्र, अन्ना का अनशन, अनशन का खर्चा, उसकी संविधानिकता (किसके बाप ने पढ़ी है वो मोटी किताब?), उनके साथी, साथियोंका चरित्र, सथियों का लिंग, उनका वर्ग, उनका ठिकाना, उनका धर्म, उनकी मोमबत्ती, उनके पुरस्कार, पुरस्कार देने वाले, पुरस्कार देने वालों का चरित्र, मीडिया, मीडिया के हेतु.. लोकपाल की किसको जल्दी है?

Ajit Anjum : नबील ए खान , आपसे सहमत हूं …ऐसा ही होना चाहिए . पहले बिल ड्राफ्ट हो . संसद तक पहुंचे ….शांति भूषण और प्रशांत भूषण की जांच होती रहे …

Ajit Anjum : बृज मोहन सिंह जी , समझ में नहीं आया किस परंपरा की बात आप कर रहे हैं …थोड़ा खुलकर बताएं

Ajit Anjum : शिशिर जी , कभी आप मेरे शो के देख लीजिएगा . कम से कम ये गलतफहमी तो दूर ही हो जाएगी …..मैं लगातार इस पर बोल रहा हूं और बहुत ही आक्रामक तरीके से….

Ajit Anjum : मैं नहीं कहता मीडिया में खेल नहीं हो रहा है . जरूर हो रहा है …यहां भी बहुत से लोग तर्क -कुतर्क करके मूल मुद्दे को भटका रहे हैं ….ये नुकसानदेह है …कमेटी का काम सिर्फ बिल ड्राफ्ट करने तक है . पहले वो हो जाने दीजिए …फिर शांति भूषण के साथ कानूनी रास्ते से जो करना हो कीजिए ….

Ashish Jain : क्या हमें अब यह मान लेना चाहिए की इस देश के तंत्र का अब कोई मन्त्र नहीं बचा है ,या हम इन लाशों के चलने का इंतज़ार कर रहे है ,हम सबको पता था की कमिटी में मौजूद लोगो पर उंगलियाँ उठाई जायेंगी ,यह काम किस हद तक होगा ,यह भी हम लगभग जानते थे ,दरसल यह आज का जुगाड़ इंडिया है ,इसको समझने की जरुरत है ,कहने को तो सरकार अपनी नीतियों के साथ जनता के साथ है ,पर हकीकत क्या है !!!यह आप और हम सब जानते है …मीडिया की भूमिका को हमेशा से संदेह से देखनी वाली कांग्रेस को अब उस पर लाड आ रहा है….दरसल अन्ना और उनके होने के मतलब को हमें समझना होगा ….बहुत दिनों बाद हमारे इस जुगाड़ इंडिया में कोई आया है ,जो मुन्ना भाई की तरह है ,वो हिंसा नहीं करता वो शांत रहने वाला एक इंसान है ,जिसके पास कोई जादू की झप्पी नहीं है,लेकिन वो भूखा रह कर देश की अगुवाई करता है और सियासतों को एक सिरे से खारिज करता है ,हमें इस पर आश्चर्य नहीं होना चाहिए की इंडियन एक्सप्रेस की इसमें क्या भूमिका है, हमें समझना होगा अरुण शौरी को !! वाकई यह एक बड़ा सच है की हमे किसी को सफाई के certificate देने का कोई अधिकार नहीं है ,अमर सिंह आज कल वाकई फुटेज खा रहे है ,आपकी बात से सहमत हूँ की वो वक्त की बोतल में बंद एक नेता है ,पता नहीं कौन आया और इस बोतल को शेम्पेन की बोतल में तब्दील कर दिया ,यह वही अमर सिंह है जो यह बात कबूलते है की उन्होंने दलाली की है ,यह राजनीति की विरासत है जो वक्त वक्त पर सिसकियों के साथ हमारे दरवाजे पर खड़ी हो जाती है,

Abeer Vajpayee : अजीत जी.. गाँधीवादी लिजलिजेपन को उजागर करना कोई गलत बात तो है नहीं..

Pramod Kumar Jha : अजीत जी सादर नमस्कार, हमारे देश की जो दशा है । दुनिया जनती है, राष्ट्रवादियों की भी स्थिति वही है क्या होगा ?

Pushkar Sinha : सिविल सोसाइटी मेंबरों में शांति, प्रशांत भूषण और संतोष हेगड़े ही वकालत में रहे हैं और कानून और कानून बनाने का मतलब जानते हैं. सत्ता पक्ष की कोशिश यही है कि किसी तरह से इन्हें हटा दें ताकि मन मुताबिक कानून बन जाए. कांग्रेस की तरफ से पांचों वरिष्ठ वकील रह चुके हैं.

Braj Mohan Singh : mera matlab tha…jab aap akhbar ya TV chalate hain to samaj ka interest aur desh ka interest sabse upar hona chahiye..lekin jab ham janhit se zyada party

Rajeev Tyagi : jaanta sab jaanti hai,abhi amar singh kee CD media mein sabne suni hai aur kai dino ka media masala usme hai,kal jab vo chalegi tab yahi Express unke charitra kee dhajjiya udata ghumega…

Ajit Anjum : आज नई दुनिया में मधुसूदन आनंद का एक लेख छपा है . जिन्हे मौका मिले पढ़िए ….नेट पर मुझे नहीं मिला. आपको मिले तो शेयर कर सकते हैं …

Ravish Shukla : anna ki team ke liye 2 month kisi agni parikcha se kam nahi hai..lakin neta nagri ko janta jarur sabak sakheygi..

Ajit Anjum : अभी तो सिर्फ शांति भूषण और प्रसांत भूषण के बारे में गड़े मुर्दे निकाले जा रहे हैं . अरविंद केजरीवाल , संतोष हेगड़े और अन्ना पर लगातार काम चल रहा होगा …ऐसे लोगों का एक ही मकसद है कि किसी तरह से इस टीम की विश्वसनीयता पर चोट करके इन्हें नीचे गिराओ …

Ajit Anjum : महेश भट्ट भी फालतू का तर्क देते हुए मैदान में आ गए हैं …आज उनके साथी पण्णिकर का भी लेख पढ़ा …ये सब लोग चाहे या अनचाहे वही काम कर रहे हैं जो सरकार चाहती है …

Ajit Anjum : रवीश , सही कह रहे हैं आप . हालांकि अन्ना के पीछे लाइट लगाकर भी कईयों ने इंटरव्यू किया था . बाकी बातें तार्किक हैं …सहमति …

Ajit Anjum : कांग्रेस तो अब अरुणा राय और हर्षमंदर का इस्तेमाल करने जुटी है …पता नहीं दोनों क्यों दो तरह की बातें कर रहे हैं …जन लोकपाल से सहमति और असहमति अलग बात है लेकिन कांग्रेस के खतरनाक खेल में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल होना और बात …

Ravish Shukla : sir mahesh bhatt ki soch gandi..filme gandi banana..aur gande tarike se publicity karna..uska kaam hai…uski aukaat nahi anna jaiso par comment karna…

Satya Prakash : showing its real courage… courage for such kind of journalism

Pankaaj Mishra : चोर ( इंडियन कांग्रेस) – चोर (इंडियन एक्सप्रेस) मौसरे नहीं सर सगे भाई है और भाई तो आखिर भाई का साथ देगा ही!!!! लेकिन अन्ना तो इन सब का बाप है और बाप – बाप होता है.चाहे ये सब मिल के कोई भी खिचड़ी क्यों ना पका ले. अन्ना ने तो इनकी हांडी फोड़ने का बीड़ा उठा ही लिया है

Madhurendra Kumar : ये विषय रंगमंच पर भी चर्चा का विषय है कि कौन आंदोलन के साथ है और कौन खिलाफ। रंजीत कपूर र्निदेशित नाटक सब ठाठ यहीं रह जायेगा में नाटककार ने मिडिया, समाज और राजनीति की इस स्थिति पर गंभीर ब्‍यंगयात्‍मक चोट की तो इसके समकालीन संदर्भ ने मुझे अचानक हीं चौंका दिया।

Syed Suhail : जब उस स्तर के पत्रकार मिलकर राजा जैसे भ्रष्ट नेता के लिए लॉबिंग कर सकते हैं…तो अब ये करना तो बनता है…

Pushkar Sinha : ‎@Ajit ji – Santosh Hegde ko bhi nishana bana chuke hain. Kaha ki Karnatak ke lokayukta ke roop mein bharastachar par kabu nahin kar paye. Yadiurappa ke zameen ghotala, Reddy bandhuon ka mining ghotala unhi ke Lokayukta kaal mein hua. Un par inefficianey ka aroop Digvijay Singh ne lagaya tha. Kewal Arvin aur Anna par seedhe seedhe arop nahin laga hai.

Shashi Shekhar : shekhar…rajya sabha ke sit pakki hai aapki is bar

Vipin Nagvanshi : shayad is hamam ye bhi nanga hai ajitji..

फेसबुक पर बहस जारी है. इस लिंक पर क्लिक करके आप इसमें हिस्सा ले सकते हैं- अन्ना और इंडियन एक्सप्रेस

Comments on “अन्ना की मुहिम को पंक्चर करने में लगे हैं इंडियन एक्सप्रेस और शेखर गुप्ता

  • nirjanjan sharma-star samachar-satna-MP says:

    We should understand that Indian Express is not that Express during time of shri Ramnath Goenka like congress party is not that congress during time of Mahatma Gandhi

    Reply
  • Dr Desh Raj Sirswal says:

    Itna to sach hai ki jo log Anna or uski team ke khilap hai sare chor hain. Agar unme jra bhi smjh hoti to wo esa n krte. Ek bat janta or netao ko smjhni hogi ki agr smaj me logo ke sath anyay hota rha to sare desh me hi khalistan, ghorkha land, maovad or religious terrorism fail jayega. Hmare samaj ke sbse bde dusmn ye ghushkhor neta h.

    Reply
  • Write whatever you feel like. Apply all tricks in your sleeves. Nothing will work against this movement which is now in the hands of public and pure public.

    Reply
  • Abhinav Kumar says:

    Sab ke piche rahul gandhi ka mind hai ki anna ke team mai fut dalne ki kosis ho rha hai ager sab se kharab neta koi hai to wo hai rahul gandhi.so congress ager lokpal bil pass nhi kia to use hatana padega .congress ko bhagana hai so rahul gandi ak ab birodh hoga up mai…:P

    Reply
  • nikhil kamani says:

    inlog ka maksad yahin hai ki anna hazare ka movement daba diaya jaye ,aur fir is aage se koi aise na kare, hume is asli mudde se divert nahi hona hai,jan lokpall aur corruption ke ladai ladti rahna hai .
    govt ka ek hi funda hai jo unke khilaf aawaz uthayega unko kuchal diya jayega,
    [b][i]indian exp aur mr Shekhar gupta ko samazna kuch piaso ke liye wolog desh ke sath khilwad kar rahe hai ,indian express se indian hat jana chaiye yeh humare desh ki badnami hai[/i][/b]

    Reply
  • Mukesh Jain says:

    Every Indian must support Anna Ji, but Team Anna must remember one thing while speaking, When your voice is heard by millions of followers then you must speak carefully, regarding Sh. Prashant Bhusan’s comment on Kashmir, every Indian hurted.

    Reply
  • Rajesh jindal says:

    Indian express ne kabhi 2g ghotale – kalmadi , kanimoji , aur sarkar ke sab chor logon kiitni deeply report aur investigation kyun nhi kee … Pahle baba ramdev ne mudee uthaye .. unki investigation shuru ho gyi … Ab anna team ke khilaf sab suniyojit tarike se ho raha hai …. desh ke bharst netaon ki kali karjugariyan aur inka lokpal ka khula virodh inki makkaree ki sare aam ghosna kar raha hai .. kuch bolne ki jarurat nhi hai .. congress jaise party main to ab itni bhi tamiz nhi rahi ki digvijay jaise bevkufon pe lagam kasi jaye .. itni badi party aakhir desh main ak badtamiz aur dimag se padil mahasachiv kaise rakh sakti hai ???

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *