Connect with us

Hi, what are you looking for?

कहिन

उनकी जगह मेरी मां होतीं तो!

यशवंत भाई, मुझे अब रहा नहीं जा रहा है. मुझे ऐसा लग रहा है कि हम लोग कितने असहाय हैं कि हम अपनी मां तक की इज्जत-मान-सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं. सिस्टम इतना क्रूर व हिंसक हो गया है कि अब हमारी निर्दोष बेटियों-माओं-भाभियों-चाचियों तक को नहीं बख्शा जा रहा है. हमारे पत्रकार साथी चुप बैठे हैं. मैं कुछ लिख रहा हूं. इसे publish जरूर करना. एक और बात भाई साहब. मैं आपके साथ हूँ. किसी भी पदेशानी में याद जरूर करेंगे मुझे.

आपका

अभिजीत सिन्हा

सीनियर करेस्पांडेंट

रफ्तार टाइम्स न्यूज, पटना


justice for मां

यशवंत भाई, मुझे अब रहा नहीं जा रहा है. मुझे ऐसा लग रहा है कि हम लोग कितने असहाय हैं कि हम अपनी मां तक की इज्जत-मान-सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं. सिस्टम इतना क्रूर व हिंसक हो गया है कि अब हमारी निर्दोष बेटियों-माओं-भाभियों-चाचियों तक को नहीं बख्शा जा रहा है. हमारे पत्रकार साथी चुप बैठे हैं. मैं कुछ लिख रहा हूं. इसे publish जरूर करना. एक और बात भाई साहब. मैं आपके साथ हूँ. किसी भी पदेशानी में याद जरूर करेंगे मुझे.

आपका

अभिजीत सिन्हा

सीनियर करेस्पांडेंट

रफ्तार टाइम्स न्यूज, पटना


वरना पत्रकार होने पर हमें शर्मिंदा होना पड़ेगा

justice for मांआज मैं उस आदमी के दर्द को आप सभी को महसूस कराना चाहता हूं जिसने हमेशा हम सभी की आवाज़ को अपनी आवाज़ बनाकर बहुत ही निडर होकर दुनिया के सामने रखा है. मां हम सभी की है और हम सब अपनी मां को बहुत प्यार और सम्मान करते हैं. कितना भी नालायक बेटा क्यों न हो, वो भी अपनी माँ की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सकता है क्योंकि हमारी पहचान और जान मां होती है. वो मां जिसने हम सभी को जन्म दिया, वो मां जिसने हमें अपने सीने से लगाकर दुनिया की बुरी नज़रों से बचाया, वो मां जिसने हमें चलना सिखाया. आज यशवंत जी के दर्द को महसूस करना मुश्किल है. यही सोचकर दिल दहक उठता है कि उनकी जगह मेरी मां होती तो?

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर की इस घटना के बारे में मेरा सिर्फ इतना ही कहना है हम पत्रकारों का भले ही अपना एक दायरा हो, उसकी जान पहचान बहुत लम्बी होती है. हमारे फ़ोन पर कार्यवाही हो जाया करती हैं, बड़े से बड़े लोग रास्ते पर आ जाते हैं. मगर आज मैं उस पत्रकार की बात कर रहा हूं जिसको देश का कोई ऐसा पत्रकार नहीं है, जो नहीं जनता है. कई बड़े अखबारों में रह कर आज वो एक ऐसी संस्था चला रहे हैं जिसने देश की पत्रकारिता को एक नया आयाम दिया है.

अगर आज हम पत्रकारों को एक दूसरे की जानकारियां मिलती हैं, सुख-दुख से रूबरू होते हैं, पीड़ित के दर्द के बारे में जान पाते हैं, तो वो यशवंत भाई की संस्था के कारण. हम लोग ऑफिस में हों या फिर और कहीं भी, सबसे पहले सुबह सुबह हम भड़ास ब्लाग और भड़ास4मीडिया न्यूज पोर्टल पढ़ते जरूर हैं. आज मैं एक आह्वान सबसे करना चाहता हूँ  कि प्लीज़ इस शर्मनाक घटना का सभी लोग एकसाथ विरोध कीजिये. यशवंत जी के साथ कंधे से कंधे मिलकर खड़े हो जाइये. अगर आज भी आप हम पत्रकार लोग चुप बैठे रहे तो फिर हम लोगों को पत्रकार होने पर शर्मिंदा होना पड़ेगा. मेरा आप सभी से अनुरोध ये है कि इस घटना से हमें सबक लेते हुए ऐसी व्यवस्था को उखाड़ फेकने का प्रण लेना चाहिये जो निर्दोष महिलाओं-बच्चों पर अत्याचार करता हो. मैं दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग करता हूं.

अभिजीत सिन्हा

सीनियर करेस्पांडेंट

Advertisement. Scroll to continue reading.

रफ्तार टाइम्स न्यूज

पटना

Click to comment

0 Comments

  1. shravan shukla

    October 18, 2010 at 10:42 pm

    mai har pal.har kshan sir jee ke saath hu…mera sharir bhale hi anyatr ho magar meri jindagi har wakt sir jee ke saath hai..

    kya aap log taiyaar hai????????? agar ha to aa jaaiye…
    aa jaaiye milkar tod dete hai aise vyavastha or anchaahi gulaami ko.
    jisse fir aisa karne ki himmat bhi na rahe kisi me karni ke atyacharo ko..

    jai yash
    jai yashwant

  2. Sushil Gangwar

    October 18, 2010 at 10:44 pm

    Hamari maa tumhari maa subki maa hai . Maa maa hoti hai . Esme bhed karna apradh hai . Yaswant ji jo huaa vah galat hai. UP Sarkaar ka system bekaar ho chuka hai. Ese har haal me theek karna hoga . Nahi to kal fir kowi ? Yaswant ji hum aapke sath hai . Jo karna hai milkar karege .

    Sushil Gangwar -09871252236
    http://www.sakshatkar.com

  3. Arvind Chauhan

    October 19, 2010 at 2:30 am

    यशवंत जी हम सब आपकी इस लड़ाई में आपके साथ है , जब तक उत्तरप्रदेश का मायावती का तख्ता पलट नहीं होगा, आम आदमी को न्याय मिलना मुश्किल है , मायावती दलितों की मसीहा बनती तो है परन्तु है नहीं है ! उनकी सरकार के कामो में कथनी और करनी में काफी फर्क है ! हमारी सभी उत्तरप्रदेश के लोगो से गुजारिश है कि आने वाले समय में उत्तरप्रदेश के चुनाव में ये मुहीम और जोर शोर जारी राखी जाएगी !

    अरविन्द चौहान
    संपादक
    दैनिक अदित्याज़

  4. awanish yadav

    October 19, 2010 at 2:41 am

    Yashwant bhai main aap ke saath hoon. Jab bhi meri jarurat ho yaad kijiyega.
    My contact number 09415475274

  5. naveen bhushan

    February 10, 2011 at 12:27 pm

    jooti chaat kar saaf karni thi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

टीवी

विनोद कापड़ी-साक्षी जोशी की निजी तस्वीरें व निजी मेल इनकी मेल आईडी हैक करके पब्लिक डोमेन में डालने व प्रकाशित करने के प्रकरण में...

हलचल

: घोटाले में भागीदार रहे परवेज अहमद, जयंतो भट्टाचार्या और रितु वर्मा भी प्रेस क्लब से सस्पेंड : प्रेस क्लब आफ इंडिया के महासचिव...

प्रिंट

एचटी के सीईओ राजीव वर्मा के नए साल के संदेश को प्रकाशित करने के साथ मैंने अपनी जो टिप्पणी लिखी, उससे कुछ लोग आहत...

Advertisement