एकजुट होकर संघर्ष करेंगे देशभर के पत्रकार

देश भर से आए विभिन्‍न पत्रकार संगठनों ने गुरुवार को दिल्‍ली में एक साझा मंच बनाने का एलान किया. लगभग 12 हजार पत्रकारों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले इन संगठनों ने अपने साझा बयान  में कहा कि न्‍यूज पेपर्स और न्‍यूज एजेंसी कर्मचारी संगठन और दूसरे पत्रकार संगठन मिलकर एक राष्‍ट्रीय मंच की स्‍थापना करेंगे. इस मंच के जरिए देश भर के पत्रकार न सिर्फ सम्‍मानजनक वेज बोर्ड पाने के लिए बल्कि आचार संहिता और लोकतांत्रिक मीडिया के लिए भी साझा संघर्ष करेंगे.

पत्रकार जेंडर इक्विटी, मीडिया सुधार, नेड न्‍यूज और उससे संबंधित मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद करेंगे. विभिन्‍न पत्रकार संगठनों के प्रति‍निधि दिल्‍ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्‍ट (डीयूजे) के ऑफिस डीयूजे के महासचिव शैलेंद्र कुमार पाण्‍डेय से मिले और साझे मंच पर चर्चा की. पाण्‍डेय की अध्‍यक्षता में इन्‍होंने तय किया कि सम्‍मानजनक वेज बोर्ड, पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और भरोसेमंद मीडिया के लिए पुरजोर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.

बैठक में बेज बोर्ड को लेकर की जा रही अनावश्‍यक देरी पर भी चर्चा हुई. इससे पहले भी नेशनल एलायंस ऑफ जर्नलिस्‍ट के बैनल तले सूचना व प्रसारण मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में भी वेज बोर्ड को लेकर हो रही देरी के मद्देनजर ज्ञापन दिया जा चुका है. सदस्‍यों ने वेज बोर्ड और प्रेस काउंसिल की कार्यप्रणाली पर भी तल्‍ख सवाल उठाए. राष्‍ट्रीय मीडिया संस्‍थाओं पर पेड न्‍यूज और कई दूसरे तरह पड़ने वाले दबावों पर चर्चा की गई. साथ ही निष्‍पक्ष और भरोसेमंद मीडिया संस्‍थान के लिए मीडिया काउंसिल और मीडिया कमिशन बनाने की मांग दुहराई गई.

बैठक में बताया गया कि एसोसिएशन ऑफ एक्रेडिटेड न्‍यूज कैमरामैन (एएएनसी) भी अखिल भारतीय स्‍तर पर अपनी शाखाएं बनाएगा और साझा हितों के लिए संघर्ष करेगा. हैदराबाद, केरल और दिल्‍ली के पत्रकार संगठन कार्यालयों के लिए एक परिचालन समिति का गठन किया गया. इस राष्‍ट्रीय मंच की जनरल काउंसिल की बैठक मार्च के अंतिम हफ्ते में हैदराबाद में होगी. गोवा, केरल, ओडिसा और उत्‍तर प्रदेश के लिए बैठकों की तारीख का जल्‍द ही एलान किया जाएगा. साभार : जनसत्‍ता

Comments on “एकजुट होकर संघर्ष करेंगे देशभर के पत्रकार

  • prashant kumaar says:

    Sahbaan pahle yeh batayen ki theke par kam kar rahe patrkaron ka kya hoga? Rahi baat sanghrash ki to ab wage board mein bache hi kitne log hain. Neta to sirf apni netagiri chamkayenge. Ab to bahali hi hoti hai theke par. Bechare patrakar ki naukri to prabandhan ke boot ki nok par hoti hai. Sangharsh kaun karega? Sirf sangathan? Ya usase jude log bhi? Jara sirf bhai logon se ek baar pen down strike karne ki baat kariye. 99% log Jaychand aur Mirzafar nikal jayenge. Yehi sach hai. Malai sirf chatukar hi chatege. Edhar wage board laagu aur bechare logon ka transfer taki log naukri hi chod den.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *