कम नहीं हो रही कुमार केतकर की मुश्किल, फिर नोटिस

लोकसत्‍ता के संपादक कुमार केतकर की मुश्किल कम होती नहीं दिख रही है. संपादकीय में हिन्‍दुओं को आतंकवादी बताने के मामले में उन्‍हें पहले से ही दापोली के एन आर सिगवान ने नोटिस भेज रखा है. इस बार भी दापोली से ही एक अन्‍य सामाजिक कार्यकर्ता एम एस महादलेकर ने कुमार केतकर की मुश्किल बढ़ा दी है. महादलेकर ने कुमार केतकर को लोकसत्‍ता में 25 अक्‍टूबर को छपे संपादकीय पर कानूनी नोटिस भेजी है.

अपने नोटिस में उन्‍होंने केतकर से मांग की है कि वे उन्‍हें वो तमाम अभिलेख और प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध करायें, जिससे साबित होता हो कि राजीव गांधी की हत्‍या करने वाले हिन्‍दू धर्म से जुड़े तमिल आतंकवादी हैं. उन्‍होंने नोटिस में कहा है कि यह सबको अच्‍छी तरह पता है कि उग्रवादी संगठन एलटीटीई में काफी संख्‍या में ईसाई तमिल भी शामिल थे. अपने संपादकीय में कुमार केतकर ने लिखा था कि राजीव गांधी की हत्‍या करने वाले हिन्‍दू तमिल उग्रवादी थे.

महादलेकर ने नोटिस में कहा है कि अगर कुमार केतकर 20 दिनों के भीतर उनके द्वारा दिये गए नोटिस का जवाब और मांगे गए सबूत उपलब्‍ध नहीं कराये तो उनके खिलाफ अदालत के भीतर मुकदमा दायर किया जायेगा. उन्‍होंने चेतावनी दी कि अगर मीडिया जबदस्‍ती आतंकवाद को हिन्‍दू धर्म से जोड़कर हिन्‍दुओं को बदनाम करने की कोशिशें जारी रखीं तो फिर मीडिया घरानों, स्‍तंभकारों और पत्रकारों के खिलाफ अदालत में मुकदमों की एक श्रृंखला चलाई जायेगी.

उन्‍होंने कहा कि कुमार केतकर दिवाली का आनंद उठायें लेकिन अगर वो हिन्‍दुत्‍व, हिन्‍दू संगठनों और राष्‍ट्रवादियों के खिलाफ दुश्‍प्रचार जारी रखते हैं तो उन्‍हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. उनके खिलाफ कानून सम्‍मत कार्रवाइयों की झड़ी लग जायेगी.

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