देवरिया जिला के पथरेवा के जागरण प्रतिनिधि जगदीश धर द्विवेदी को बुधवार की दोपहर पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. उनके सिर और आखों के ऊपर गंभीर चोटें आई हैं. घटना के समय श्री द्विवेदी भाजपा का प्रदर्शन कवर कर रहे थे. इसी से नाराज पुलिस वालों ने उन्हें पीट दिया. इस घटना के बाद पत्रकारों में काफी रोष है. उन्होंने आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
बदहाल सड़क एवं कई अन्य समस्याओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे थे. इसी प्रदर्शन को कवर करने गए हुए थे. थानेदार उपेन्द्र यादव जगदीश धर द्विवेदी को ठीक से पहचानता था, बावजूद इसके उसने सिपाहियों को ललकार कर द्विवेदीजी को पिटवा दिया. जिससे बुजुर्ग पत्रकार के सिर एवं आंखों के ऊपर चोटें आई हैं. सहयोगियों ने उनका प्राथमिक उपचार करवाया.
श्री द्विवेदी की पुलिस द्वारा की गई पिटाई से पत्रकारों में काफी रोष है. नाराज पत्रकारों ने थानाध्यक्ष देवेंद्र यादव एवं अन्य पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. भारतीय पत्रकार

घायल पत्रकार
इसमें सबसे दुखद बात तो यह रही कि वेज बोर्ड की सिफारिशों पर लम्बी-लम्बी भाषणबाजी करने वाला जागरण अपने प्रतिनिधि द्विवेदी जी के साथ हुई घटना की कवरेज तो दो तीन लाइन में दिया है, लेकिन उसने कहीं यह नहीं लिखा कि द्विवेदी जी उस अखबार से जुड़े हुए हैं. यह है जागरण वालों की दोगली और बनिया नीति. आप की जान चली जाए पर उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. नीचे जागरण में छपी खबर.
पत्रकार को भी नहीं बख्शा : पथरदेवा में कवरेज के लिए गए पत्रकारों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा। लाठीचार्ज के दौरान सत्तर वर्षीय पत्रकार जगदीश धर द्विवेदी को इस कदर पीटा गया कि सिर में गंभीर चोट आने की वजह से वे लहुलूहान होकर गिर पड़े। द्विवेदी को गंभीर हालत में इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया।












Brahma Nand Pandey
July 28, 2011 at 4:19 am
Aisai polie walo ke lie patrakaro ko ab gun rakhani chahiyai
sandeep tiwari
July 28, 2011 at 5:31 am
patrakaarl ke hit khayal sampadko & maliko ko rakhana chahiye lekin nahi rakhate patrakaro ki khabar ke ke liye paper me jagah nahi hota iske liye patrakaro ko ekjut hona hoga