काश, हमको-आपको भी इतने रुपये दान में दे देतीं ये कंपनियां!

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट को गुरुवार को बताया गया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि की बेटी और द्रमुक सांसद कनीमोरी की स्वयंसेवी संस्था को दूरसंचार कंपनियों से भारी दान मिला। खासकर उन कंपनियों से जिन्हें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए.राजा के कार्यकाल में लाइसेंस दिए गए। कनीमोरी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की आरोपी हैं और शुक्रवार को निचली अदालत में पेश होने वाली हैं।

न्यायाधीश जी. एस. सिंघवी और ए. के. गांगुली की पीठ के समक्ष रिकॉर्ड पेश करते हुए स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर पब्लिक इंटररेस्ट लेटिगेशन ने यह आरोप लगाया। संस्था का कहना है कि कनीमोरी की संस्था को वर्ष 2008 में मिला यह दान 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के बदले में मिला। सीपीआइएल की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि दस्तावेजों से यह बात और साबित होती है कि 10 जनवरी 2008 को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से कुछ ही दिन पहले कई दूरसंचार कंपनियों ने कनीमोरी की स्वयंसेवी संस्था को बहुत भारी राशि दान में दी। जिन कंपनियों ने दान में राशि दी उन्हीं कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटित किए गए।

शीर्ष अदालत में पेश दस्तावेजों में कहा गया है कि 5 जनवरी 2008 को यूनिटेक ने 50 लाख रुपये संस्था को दान में दिए और टाटा टेलीसर्विसेज ने भी उसी दिन 25 लाख रुपये दिए। 2008 में ही 7 जनवरी को रिलायंस कैपिटल लि. 25 लाख रुपये, शाम टेलीकॉम लि. ने 10 लाख, और ईटीए स्टार प्रोपर्टीज मैनेजमेंट ने भी 10 लाख रुपये इस संस्था को दिए। 43 वर्षीया कनीमोरी के खिलाफ इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। वह शुक्रवार को निचली अदालत में पेश होने वाली हैं।

गत 25 अप्रैल को विशेष अदालत में पेश आरोप पत्र में कनीमोरी को राजा के साथ आपराधिक षडयंत्र रचने और कलैग्नर टीवी के माध्यम से अवैध लाभ पाने का आरोपी बनाया गया है। इस टीवी चैनल का संचालन द्रमुक करती है। बताया जाता है कि स्पेक्ट्रम घोटाले के 200 करोड़ रुपये इसी चैनल के माध्यम से लिए गए।

पत्रकार पर लगे आरोप की सुनवाई : कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच प्रभावित करने के एक पत्रकार के प्रयास संबंधी मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई। इस मामले की सुनवाई अब 13 मई को होगी।

पीठ ने याचिकाकर्ता सीपीआइएल को इस बारे में अपने सभी दस्तावेजों पेश करने को कहा। इसमें आरोप लगाया गया है कि सहारा न्यूज नेटवर्क के निदेशक (समाचार) उपेंद्र राय ने ईडी के एक अधिकारी को नीरा राडिया का पक्ष लेने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की। प्रशांत भूषण ने अदालत से कहा कि राय ने ईडी के सहायक निदेशक से कथित तौर पर मुलाकात की थी और राडिया का पक्ष लेने के लिए उन्हें दो करोड़ रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी। राडिया के खिलाफ विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं। भूषण ने पिछले वर्ष अक्टूबर में इस घटना के बारे में ईडी के उस अधिकारी द्वारा ईडी के उप निदेशक को लिखे गए पत्र की प्रति भी पेश की। साभार : जागरण

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Comments on “काश, हमको-आपको भी इतने रुपये दान में दे देतीं ये कंपनियां!

  • मदन कुमार तिवारी says:

    अगर मंत्री , मुख्यमंत्री के बेटे होते तो निश्चित दे देती । हो सकता था इससे ज्यादा दे देती ।

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