क्‍या जागरण के पत्रकारों की कलई खोलने पर ‘सजा’ का प्रावधान है?

भाई यशवंत जी! मऊ के दैनिक जागरण कार्यालय के लोगों के द्वारा यहां के आला अफसरों से बीते दो सालों तक मऊ महोत्सव के नाम पर जिलाधिकारियों को पटाकर नगरवासियों से जमकर कमाई की जाती रही। जिलाधिकारी के नाम पर धौंस जमाकर लोगों से पैसे वसूल कर बिनय जायसवाल आदि ने मऊ महोत्सव के नाम पर खूब लूटे। उस समय तब मैं वाराणसी के आज अखबार का जिले में संवाददाता हुआ करता था।

उस समय मैंने दैनिक जागरण के कथित ब्‍यूरोचीफ के द्वारा जिलाधिकारी पी गुरु प्रसाद को पटाकर महोत्सव के बहाने कमाए गए करोड़ों रुपये पर सवाल किया था। बीते वर्ष उस समय जब जिले में रमाशंकर साहू ने जिले की कमान संभाली थी तो इस दौरान भी दैनिक जागरण के बिनय जायसवाल आदि ने मऊ महोत्सव के कार्यक्रम को आयोजित करने के बहाने नगरवासियों को लूटने की तैयारी की थी। दैनिक जागरण के लोगों की इस करतूत का मैने विरोध किया था उस समय मैं पीटीआई में बतौर संवाददाता हुआ करता था। हो हड़कंप के बाद रमाशंकर साहू की जिले से विदाई के बाद नवागत जिलाधिकारी के रूप में आए राकेश की पहली प्रेसवार्ता के दौरान महोत्सव के आयोजन पर मेरे और साथी पत्रकारों के विरोध के कारण मुहर नहीं लग पाई, यहीं से दैनिक जागरण के बिनय जायसवाल आदि की महोत्सव के नाम काली कमाई पर विराम लग गया। तभी से बिनय जायसवाल आदि द्वारा मुझसे रंजिश रखने लगे। मेरे खिलाफ साजिश आए दिन रची जाती थी।

मैं तो बतौर पत्रकार बात आई गई और चली गई पर भूत को भूल कर वर्तमान पर पूरी निष्ठा से समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन में लग गया, लेकिन ये लोग जिनकी काली कमाई मेरे कारण रूकी थी, उनके द्वारा आए दिन साजिश रची जाने लगी। बताते चलें कि बिनय जायसवाल का मुख्य धंधा लकड़ी से बने मेज कुर्सी आदि को बेचना है। दैनिक जागरण के बैनर के बहाने इनके द्वारा अपराधियों को भी संरक्षित करने का काम किया जाता है। जिस बृजेश यादव ने मुझे पहली बार रिंग कर बिनय जायसवाल का नाम लेकर जान से मारने की धमकियां दी थी, जिसमें बतौर संपादक ब्रहमखोज मेरे द्वारा उसके मोबाइल नंबर को कोट कर जिले के थाना सरायलखंसी में मुकदमें दर्ज कराए गए हैं, उसके भाई के उपर जिले के रानीपुर थाने में कुल तेरह मुकदमें दर्ज है। दो बार गुंडा एक्ट में भी जेल की हवा खा चुके बृजेश यादव के भाई लालबहादुर यादव को एसपी ओंकार सिंह ने बीते वर्ष पूर्व में सपा नेता अमरेश पांडेय को धमकाने के मामले में जेल भेज चुके है।

मजे की बात यह है कि इतना सब कुछ जानने के बाद तथा संपादक के द्वारा पहले से इस बात की सूचना को सार्वजनिक करने के बाद भी एसपी ओंकार सिंह ने मेरे यानी संपादक ब्रहमखोज के खिलाफ उसी बृजेश यादव की मनगढंत तहरीर पर आईपीसी की धारा 384 के तहत मुकदमा कायम कर मुझे संपादक से अपराधी बनाने का काम किया है। यही नहीं मेरे द्वारा दर्ज कराये गए मुकदमें की विवेचना में अभी तक संबंधित विवेचक ने कोई कार्रवाई नहीं की है। यह सब दैनिक जागरण बैनर के बड़ा होने के कारण हो रहा है। मेरे साथ ये लोग कभी भी कुछ भी कर और करवा सकने की हैसियत में इसलिए हैं कि इनके साथ दैनिक जागरण का बैनर है। दैनिक जागरण के बिनय जायसवाल आदि के द्वारा पत्रकारिता की आड़ में किए जा रहे अवैध कारनामों को उजागर कर ऐसा लगा रहा है जैसे मैंने पाप कर दिया है, जिसकी सजा में ‘सजा’ ही एकमात्र विकल्‍प है। मैं कहां जाऊं? किससे न्याय मांगू? जहां खुद को सबसे उपर बताने वाला अखबार दैनिक जागरण मेरे और चार माह पुराने हो चले मेरे ब्रहमखोज के खिलाफ साजिश में लगा हो। काश! जागरण कर्मी के अपराधिक कृत्यों को सिर्फ यह समझ कर उजागर करना कि उनके कृत्य से जिले में दैनिक जागरण और उसकी पत्रकारिता बदनाम हो रही है, यदि पाप है तो प्लीज ऐसा कुछ कीजिए कि दैनिक जागरण वाले मुझे माफी दे देवें।

ब्रह्मानंद पाण्‍डेय

संपादक

ब्रह्मखोज

मोबाइल 9532333435

Comments on “क्‍या जागरण के पत्रकारों की कलई खोलने पर ‘सजा’ का प्रावधान है?

  • sushil Gangwar says:

    Yaswant ji padne ji se puchho ki kis kis kalee kholege . Kahi khud ki kalee kisi ne khol di to kya hoga .

    Pande ji khud ek baar socho. jab maal kamane ko nahi mila to kalaee khole par uataooo ho gaye . kair mai to yashwant ji se ye hi kahuga . Bhagwan ne hame bahut achha platform diya hai . Bhadas 4 media… jaha kisi ko naga kar sakte hai.

    Magar bhai hum bhi utne hi nange hai ye bhul jaate hai .. maine sach kaha to bura na mane . Bhai baat hi esi hai . Khishyaani billi khamba noche .

    sushil Gangwar
    http://www.sakshatkar.com
    http://www.writerbook.com

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  • bhaee…Sushil gangwar. pandey g ke koee kalee to khole….tab n pata chalega ki wah kitne pani me hai’ Jaha tak mai unhe Janta hu wah Bahut hi Emandar Aur jugharoo Patrakar hai….Mughe Yad hai ki Sheker g ne Amar ujala ke RE Manoj Tiwari g ka Transfer head office ke liye ker diya tha To bas Kya Pandey G ne tyagptra dene ke mood me a gaee lekin logo ne roka …..Aise hai pandey g…………..Aj wah akhabar Nikal rahe hai to unke dil ke arman to failenge hi…Pandey g me takat hai pahano se TAKARANE ka. Mughe lagata hai kafan ki bhi wah kabhi nahi sochate…Patrakarita ko Yadi kishi ne badnam kerne ki kertoot ki to bas wahbhi uski ikhanane ki Taiyari ker letai hai….

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