गांधीजी को अमिताभ का जोरदार सेल्यूट

: गणतंत्र दिवस के दिन फेसबुक पर ‘आई हेट गांधी’ ग्रुप बैन कराने में पाई सफलता : अमिताभ ठाकुर की लड़ाई रंग लाई. गणतंत्र दिवस के दिन ही गांधी विरोधी उस ग्रुप को बैन कर दिया गया जिसके खिलाफ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ने लखनऊ के एक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. ग्रुप को बैन करने की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद फेसबुक कंपनी ने की.

इस बारे में शिकायत थाना गोमती नगर, लखनऊ में दर्ज कराई गई थी. इसमें कहा गया है कि फेसबुक नामक सोशल नेटवोर्किंग साईट पर “आई हेट गाँधी” नाम से एक बेहद आपराधिक किस्म का ग्रुप चलाया जा रहा है जिसके जरिए राष्ट्रपिता का भरपूर अपमान कर भारत देश के हर सोचने-समझने वाले मनुष्यों की भावनाओं का अपमान किया जा रहा है. इस ग्रुप के आपराधिक कृत्य के सम्बन्ध में फेसबुक कंपनी तथा अन्य के विरुद्ध, आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट मु०अ०सं० 72/2011 अंतर्गत धारा 153, 153 A(1)(a),  153 A(1)(b), 153 A(1)(c), 153-B, 290, 504, 505 (1), 505 (2),506 आईपीसी तथा धारा 66 A इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट 2000 दर्ज कराई गई थी. इस सन्दर्भ में जांच अधिकारी अमित पाठक को नियुक्त किया गया. अमित पाठक लखनऊ में ए.एस.पी. हैं. अमित पाठक और उनकी टीम ने अमिताभ ठाकुर की शिकायत को सही पाया और इसके पश्चात फेसबुक इन्क. के अधिकारियों को तत्काल उक्त ग्रुप को बैन करने के लिए अनुरोध भेजा. फेसबुक कंपनी ने अनुरोध को तुरंत स्वीकार करते हुए “आई हेट गाँधी” ग्रुप को ब्लाक कर दिया है.

Comments on “गांधीजी को अमिताभ का जोरदार सेल्यूट

  • ravi Srivastav says:

    Gandhiji ke baare mein jo bhee main us social site mein dekha tha..usse kafi hairani hue..lekin achchi baat yeh rahi ki ek Zimmedar IPS Officer ne us per Sakhti dikhate hue FIR darj karawaya…great

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  • Congrats.

    Mr Amitabh’s efforts must be lauded. One may disagree with views of a leader but freedom of expression doesn’t mean mudslinging and running hate campaigns.

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  • mazhar Husain .Basti says:

    इस नेक काम के लिए आपको दिली मुबारकबाद ठाकुर साहब .. सच में हमारे राष्ट्रपिता के बारे में कुछ लोग बहुत गन्दी सोंच रखते है l इनलोगों को किसी तरह से सबक सिखाने की ज़रुरत है.. आपने एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी का काम किया है आपको इसके लिए धन्यवाद

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  • madan kumar tiwary says:

    अमिताभ जी लिखने का मूड नही था । लेकिन आज जब ड्रींक कर रहा हूं तो रोक नही सका । मैने भडास पर हीं एक से वादा किया था पिते हुये हीं २६ जनवरी को इंज्वाय करुंगा । खैर अब असली बात पर आते हैं। उस ग्रुप की कोई अहमियत नही थी , आपने बढा दी । बैन होने के बाद फ़िर आ जायेगा । फ़ेस बुक पर बैन भले हो जाये , अनगिनत बेव साईट हैं , जहां बैन नही किया जा सकता । उदाहरण देता हूं पैगंबर पर एक कार्टुन डेनमार्क के अखबारों में छपा था , हो सकता है, डेनमार्क की जगह पे किसी और देश में छपा हो । दंगे तक हुये उस कार्टुन के कारण , आज भी वह कार्टुन नेट की दुनिया में मौजूद है । साईट का नाम नही बताउंगा , क्योंकि उससे उस कार्टुन का और प्रचार होगा । फ़ेसबुक द्वारा ग्रूप को बैन करने को मैने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिये खतरनाक कदम माना । स्वंय एक ग्रुप या ब्लाग बनाने की बात दिमाग में आई । रियल फ़ेस आफ़ गांधी । फ़िर लगा मेरा यह कदम रियेक्शनरी होगा जो हमेशा नन प्रोडकटिव होता है , ठिक जलमा सुलम और रण्वीर सेना के निर्माण की तरह और मैने उसे सुधार लिया । आपकी जित हुई होगी , आपकी नजर में , ग्रुप को बैन करवा कर , लेकिन २६ जनवरी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुह पर जोरदार तमाचा मारा है, आपने ।

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  • Aap apni mithai mithi-taji bata kar aur dusre ki kharab bata kar hi khus nahi huye balki samne wale ko chup bhi kara diya ki wo apni mithai ke bare me bole hi nahi. Swatantra desh me Abhivyakti ki swatantrata par lagam Thik nahi. Kahan kahan rokenge, communication ki duniya bahut badi aur through & through hai. Logon ko bolne dijiye, Gandhi ji ne bhi bura na sunne par jor diya hai.
    Thik nahi hua.

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