घटते प्रसार को रोकने के लिए उजाला ने कमीशन बढ़ाया

वाराणसी। अमर उजाला ने वितरक कमीशन 30 पैसा अचानक बढ़ा दिया है, जो मंगलवार यानी पहली फरवरी से लागू होगा। इस प्रकार अपने घटते सर्कुलेशन को थामने के लिए इस अखबार को अपने दाम लगातार कम करने पड़ रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अमर उजाला को यह कवायद उस नेशनल प्रसार हेड यादवेश कुमार यादव की अगुवाई में करनी पड़ रही है जो किसी समय अमर उजाला के इलाहाबाद के यूनिट हेड तथा हिंदुस्तान, वाराणसी के यूनिट हेड सहित जागरण वाराणसी के चीफ जनरल मैनेजर तक रह चुके हैं। इसके बावजूद अमर उजाला का लगातार घटना जारी है।

सोमवार को यहां यादवेश कुमार की अगुवाई में वितरकों के साथ हुई मीटिंग में कमीशन बढ़ाने की यह घोषणा की गयी। इसके पहले यादवेश कुमार की अगुवाई में ही भोजूबीर में अमर उजाला का नया सेंटर बनाने का प्लान इसलिए फेल हो चुका था क्योंकि न सिर्फ वितरकों ने इसका विरोध किया था अपितु जागरण और हिंदुस्तान ने इस अखबार की वितरक तोड़ू नीति का यह कहकर विरोध किया कि वह अमर उजाला के प्रसार विभाग की नीतियों से सहमत नहीं है। यादवेश कुमार यादव की अगुवाई में सोमवार को जो मीटिंग हुई उसमें अमर उजाला के स्थानीय प्रबंधक मनीष तिवारी के अलावा काशी समाचारपत्र विक्रेता संघ के पदाधिकारियों सर्वश्री राजेंद्र पाल, सतीश, दशरथ, विशाल उर्फ छोटू, नरेश तिवारी, राजेश्वर दुबे, अशोक तिवारी और राजेश पांडेय थे।

इस तरह अमर उजाला ढाई रुपये कवर प्राइज पर अब वितरक एक रुपया 15 पैसा देकर यह अखबार खरीदेंगे। दरअसल पूर्वी उत्तर प्रदेश में अमर उजाला को अपना प्रसार बनाए रखने के लिए बराबर संघर्ष करना पड़ रहा है। नेशनल हेड यादवेश कुमार वाराणसी के अस्सी के होने और आज अखबार से अपना कैरियर शुरु करने के बावजूद अमर उजाला अखबार की प्रसार संख्या को बरकरार रख पाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। इस तरह जागरण कवर प्राइज साढ़े तीन रुपये पर एक रुपया पांच पैसा सोमवार से शुक्रवार तक कमीशन दे रहा है। इसके अलावा शनिवार और रविवार को साढ़े तीन रुपये कवर प्राइस वाले पूरे अखबार पर एक रुपया पचपन पैसा कमीशन दे रहा है। यही नहीं सोमवार से शुक्रवार तक हर बढ़ी कापी पर पचास पैसा अतिरिक्त कमीशन भी दे रहा है।

अमर उजाला सोमवार से शुक्रवार तक कवर प्राइस ढाई रुपये लाइन कापी पर एक रुपया 35 पैसा कमीशन सोमवार से शुक्रवार तक दे रहा है और शनिवार और रविवार को दो रुपये पर एक रुपया दस पैसा कमीशन दे रहा है। हिंदुस्तान साढ़े तीन रुपये कवर प्राइज पर सोमवार से शुक्रवार तक एक रुपया 35 पैसा कमीशन दे रहा है और शनिवार व रविवार को एक रुपया 55 पैसा कमीशन दे रहा है। दरअसल कमीशन का यह खेल सहारा के पदार्पण के बाद से शुरु हुआ है जो पूरे सप्ताह दो रुपये में पूरा का पूरा अखबार पढ़ा रहा है। सहारा की तोड़ निकालने के लिए जागरण और उजाला दोनों ही पीसीसी भी करा रहे हैं जिसमें उसके कमीशन याफ्ता युवक घर-घर जाकर लोगों को अखबार पढ़ने की नयी नयी स्कीम का लालच दे रहे हैं। बनारस के अखबारों के प्रसार की जंग में स्वयं नेशनल हेड जैसी शख्सियत के कूदने को लेकर उनके भविष्य के बाबत तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। साभार : पूर्वांचलदीप

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Comments on “घटते प्रसार को रोकने के लिए उजाला ने कमीशन बढ़ाया

  • बेनामी says:

    कमीशन बढ़ाने से कुछ नहीं होगा, जब खबरें ही नहीं होंगी तो कौन खरीदेगा अमर उजाला। जो हाल अखबार का आजकल हो रहा है उसमें तो प्रसार संख्या घटेगी ही। जागरण, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान जैसे अखबार दिनों-दिन आगे बढ़ रहे हैं और ये अमर उजाला पतन की राह पर है। अमर उजाला के मालिकान को सोचना होगा कि आखिर कमी कहां है। अखबार खबरों से बिकते हैं।

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  • akhabar khabaro se bikata hain naki bakvas se. sath hi sath es akhabar ne purvi up ke tamam jilo me 1-1 marketo me 3-3 agenciya de rakhi hain jisase aaye din ajento me baval hota hain. eske liy purn rup se akhabar ke sarkuletion par asar pad raha hain. sath hi sath es paper ne 1-1 marketo se 2-2,3-3 anpado ko reporter bana diya hain jinka kam hi hain keval aapas me gali dena tatha bakavas ki khabaro ko chhapavana jaise bacho ki ma farar, gay mari tamam khabaro ko pathako ko kabhi bhi achha prabhav nahi dal sakati. esliye akhabar ko apani sakh bachane ke liye sangharsh karna pad raha hak

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