घर-घर गूंज रहे निशंक के घोटाले

नरेंद्र सिंह
नरेंद्र सिंह
: निशंक की करतूतों पर लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने लांच की आडियो सीडी :  यूपी सूचना विभाग की नौकरी में रहते हुए सरकारी दमन की चिंता किए बगैर उत्तराखंड आंदोलन को अपनी आवाज देने वाले प्रसिद्ध गढ़वाली लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी की एक आडियो सीडी से इन दिनों निशंक सरकार घबराई हुई है।

आज के बाजारू दौर में जब नेता, अभिनेता, लेखक, पत्रकार और गायक सब बिकाउ माल हो गए हैं, तब भी लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी अपनी पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोक के पक्ष में खड़े हैं। 2007 के विधानसभाई चुनाव से ठीक पहले एनडी तिवारी की रंगीन मिजाजी और घपले-घोटालों पर ‘नौछमी नारेणा’ टाइटल से वीडियो सीडी बाजार में उतारकर नेगी ने कांग्रेस की सत्ता से विदाई का गीत लिख दिया था। कांग्रेसी आज भी उत्तराखंड की सत्ता से बेदखली के लिए इस लोक गायक पर तोहमत मढ़ते हैं। तब विपक्ष में बैठी भाजपा को खुश होने का मौका मिला था, लेकिन अब उसी का विदाई गीत सामने आ गया है।

करीब पांच साल बाद नेगी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘अब कदगा खैल्यो’ यानी ‘अब कितना खाएगा’  आडियो सीडी से निशंक की नींद हराम कर दी है। राज्य की निशंक सरकार के घपले-घोटालों पर केन्द्रित इस नई आडियो सीडी से निशंक की पोल खोली गई है। 2007 के चुनाव में एनडी तिवारी की रंगीन मिजाजी पर केन्द्रित नेगी की ही वीडियो सीडी ‘नौछमी नारेणा’ को अपना प्रचार का माध्यम बनाने वाले भाजपाई अब यह कहते हुए अपना बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं कि नेगी की इस नई सीडी में टूजी और कॉमनवेल्थ घोटाले का भी जिक्र है, लिहाजा उत्तराखंड में हम भ्रष्ट हैं तो केन्द्र में कांग्रेसी भी कम भ्रष्ट नहीं हैं, दोनों के ही दामन दागदार हैं। नेगी के चाहने वाले भ्रष्टाचार के खिलाफ इस नई सीडी को हाथों-हाथों ले रहे हैं।

निशंक सरकार इस नई सीडी से कितनी पगलाई हुई है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिस होटल में सीडी की लॉंचिंग हो रही थी, वहां सरकार की ओर से न केवल खुफिया विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए थे, बल्कि निशंक ने इससे पहले सीडी की लांचिंग रोकने के लिए नेगी की मान-मनौव्वल की हर संभव कोशिश भी की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। नेगी ने इस ऑडियो सीडी को भ्रष्टाचार के खिलाफ भूख हड़ताल करने वाले गांधीवादी अन्ना हजारे के जन-आन्दोलन को समर्पित किया है। ‘कमिशन की मीट भात’ गाने के जरिये नेगी ने जहां राज्य में हो रहे घोटालों को प्रमुखता से उठाया है, वहीं केन्द्र सरकार पर भी निशाना साधा है। निशंक के घोटालों में हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट, स्टर्डिया, कुंभ और कमीशनखोरी को मुख्य मुददा बनाया गया है। वहीं टूजी और कॉमनवेल्थ घोटालों के लिए कांग्रेस की घेराबंदी की गई है।

अपनी नई आडियो सीडी की लांचिंग पर नेगी ने कहा- ‘भ्रष्टाचार देश में एक बहुत बड़ा मुद्दा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को धार देने के लिए ही इस आडियो सीडी में कमीशनखोरी और सरकारों की लूट खसोट की नीयत पर सवाल उठाए गए हैं।’  गढ़वाली जानने-समझने वाले घरों में यह आडियो सीडी खूब सुनी जा रही है। रंगीन मिजाज तिवारी के बाद अब इसे निरंकुश निशंक की सत्ता से विदाई गीत के रूप में सुना जा रहा है।

देहरादून से दीपक आजाद की रिपोर्ट.

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Comments on “घर-घर गूंज रहे निशंक के घोटाले

  • sumit kumar says:

    Nisandeh Negiji bahut achhe kalakar hain, unke geeton me samsamyikta hai. Is bar unhone corruption ko chuna hai jo aj ka hot topic hai. Negiji se main bas itna poochhna chahta hoon ki sarkari naukri me rahte hue unhone apne vibhag ke liye kitna kam kiya ? Mujhe janha tak pata hai ki vo apne office ke kam se adhik apni cassets nikalne par adhik dhyan dete the. Jis kam ke liye sarkari vetan milta hai vo kam na kar office me apna kam karna kanha ka saccharitra hai ? Brashtachar par baten karna bahut asan hai par actually poora system he bhrasht hai aur hum sab usi system ka hissa ban gaye hain.

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  • VED BHASKAR says:

    a single media in uttrakhandwhich was truely covering news is VON news channel. from govt till chief secreatary every GHOTALA and bhrastachaar was coverd by this channel . but voice of uttrakhand is crashed by nishank govt to save his chief secreatry also. democracy is killed by nishank govt……. why whole media is silent in uttrakhand.is the rest media in state a DALAL of nishank sarkaar……?

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  • भाई यशवंत सुना नरेंद्र नेगी पहाड़ के बहुत बड़े लोक गयाक है। लेकिन यह सवाल अवश्य उठता हैं कि नेगी को हर चुनाव से पहले सरकार में भष्ट्राचार नजर आता है। इससे पहले भी नारायण दत्त तिवारी के शासन काल में उन्हें भष्ट्राचार नजर आया था। लेकिन हम नेगी जी से पुछना चाहते है,क्या चुनाव से पहले उन्हें कहीं भष्ट्राचार नजर नहीं आया था। सिर्फ चुनाव से पहले ही उन्हें अपनी सीडी निकालने का इंतजार क्यों रहते है। इससे ऐसा लगता हैं कि नेगी जी धीरे-धीरे अपने लोक गायन के छवि को धुमिल करने लगे है। और राजनीति के जरिए,सरकारों को घेरने नहीं बल्कि ब्लैक मेल करने लगे है। उत्तराखंड में तो उनकी सीडी को लेकर यही चर्चा है। दीपक आजाद जी शायद यह नहीं जानते हो की नरेंद्र सिहं नेगी पहाड़ के लोगों के किसी भी कार्यक्रम में बिना पैसे लिए नहीं जाते बल्कि खुले मुंह से एक लाख की मांग करते है। क्या यह लोक गायक की परिभाषा होती है।

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