जागरण में ये भी होने लगा, डीएनई की जान लेने की कोशिश

विनोद भारद्वाज
विनोद भारद्वाज
पिछले चौबीस सालों से दैनिक जागरण, आगरा के साथ जुड़े रहे डिप्‍टी न्‍यूज एडिटर विनोद भारद्वाज को भरे मन से अखबार से इस्‍तीफा देना पड़ा. लगभग ढाई दशकों के सेवा का जागरण प्रबंधन ने ये सिला दिया. कार्यालयी षणयंत्र में उनकी जान लेने तक की कोशिश भी की गई. प्रबंधन ने इस मामले में जांच तक कराने की जहमत नहीं उठाई. विनोद ने प्रबंधन पर पूरा साजिश रचने का आरोप लगाया है.

विनोद भारद्वाज सन 87 से जागरण, आगरा के हिस्‍से हैं. असिस्‍टेंट रिपोर्टर रहे, चीफ रिपोर्टर रहे, एडिटोरियल इंचार्ज रहे, इन दिनों डिप्‍टी न्‍यूज एडिटर थे. पिछले दिनों इनके पैर का ऑपरेशन होना था. तभी इनके एक सहयोगी का परिचित डॉक्‍टर कार्यालय में आकर उन्‍हें दवा दी थी. ये डॉक्‍टर बिना बुलाए उनके पास पहुंच गया था. मना करने के बावजूद उन्‍हें कनवींस करके दवा खाने को दिया.  जिसको खाने के बाद इनकी हालत खराब हो गई. बाद में आगरा के डाक्‍टरों ने काफी प्रयास के बाद इनकी स्थिति को ठीक किया था.

इन्‍होंने इसकी जानकारी ऊपर से लेकर नीचे तक के लोगों को दिया परन्‍तु कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. आरई से लेकर डाइरेक्‍टर तक को पूरे मामले की जानकारी दी परन्‍तु वहां से कोई दिलचस्‍पी नहीं ली गई. जिसके बाद इन्‍होंने प्रबंधन को इस्‍तीफा दे‍ दिया. प्रबंधन ने दरियादिली दिखाते हुए नियम से हटकर तीन माह की सेलरी के साथ इनको विदा कर दिया.

विनोद ने बताया कि मैं पिछले चौबीस सालों से दैनिक जागरण, आगरा को अपनी सेवाएं दे रहा था. प्रबंधन मुझसे काफी पहले से ही रंजिश रखता था. सन 98 में जागरण, आगरा में हुए नौ दिनों के हड़ताल का नेतृत्‍व मैंने ही किया था, तभी से प्रबंधन मुझे चिढ़ा हुआ था. उसी दौरान एक व्‍यक्ति को मैंने ट्रेनी बनवाया. रिपोर्टर बनवाया, चीफ रिपोर्टर बनवाया पर उस बंदे ने महत्‍वाकांक्षा दिखाते हुए मेरे खिलाफ ही साजिश शुरू कर दी. कई गलत-सही काम भी करने शुरू कर दिए.

विनोद ने बताया कि उसके बाद मैंने उस शख्‍स की शिकायत डाइरेक्‍टर से की. उसके उल्‍टे-सीधे कामों से प्रबंधन को प्रूफ के साथ अवगत कराया. जिसके बाद 2009 में उसका तबादला कर दिया गया. इसके बाद मेरे उसके खुले पंगे शुरू हो गए. मैं उसे किसी कीमत पर आगरा आने नहीं देना चाहता था. परन्‍तु विष्‍णु त्रिपाठी एंड कंपनी की मद्द से उसने अपनी वापसी की राह तैयार की. डाइरेक्‍टर ने भी मुझे समझाया कि अब वो गड़बडियां नहीं करेगा. जिसके बाद मैं भी तैयार हो गया.

विनोद ने बताया कि इसी बीच मुझे घुटने में चोट लगी थी, जिसका ऑपरेशन दिल्‍ली में कराना था. मैं एक दो दिनों में जाने की तैयारी कर ही रहा था कि जागरण कार्यालय में एक डॉक्‍टर राज परमार प्रकट हो गया, इस डॉक्‍टर से उसी शख्‍स ने परिचय कराया था. इस डॉक्‍टर को मैंने नहीं बुलाया था, लेकिन ये प्‍लांड वे में प्रकट हो गया था. ये होमियोपैथी तथा एक्‍यूप्रेशर का डाक्‍टर है. वो मुझे मेरी चोट के बारे में कनविंस करने लगा.

उन्‍होंने बताया कि वह डाक्‍टर बिना मेरे बुलाए मेरी चोट को अपनी दवा से ठीक करने का दावा करने लगा. जब मैंने उसे मना किया कि मुझे तुम्‍हारी दवाई की जरूरत नहीं है, ऑपरेशन कराने जा रहा हूं. उस डाक्‍टर मुझसे कहा कि आप एक बार ये दवा ले लीजिए ठीक हो जाएगा. ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर नहीं ठीक हुआ तो आप ऑपरेशन करा लीजिएगा. जबरिया दवा वहीं छोड़ गया. इस दौरान कार्यालय के मेरे कई साथी भी मौजूद थे.

उन्‍होंने बताया कि इतना कनवींस होने के बाद मुझे लगा चलो दवा खाकर देखते हैं. मैंने 31 जुलाई 2010 को इस दवा की पहली डोज खाई. बीस-पचीस मिनट बाद ही मुझे चक्‍कर और बेहोशी छाने लगी. जब मैंने उक्‍त डॉक्‍टर को फोन करके बताया तो उसने इधर-उधर की बातें शुरू कर दी और कहा कि मैं सिम्‍टम समझ नहीं पा रहा हूं. इसके बाद मेरी तबीयत ज्‍यादा खराब हो गई. बेचैनी और बेहोशी बढ़ने पर मेरे घर वाले मुझे जीजी नर्सिंग होम ले गए.

विनोद ने बताया कि मेरी हालत देखकर डॉक्‍टर भी कुछ समझ नहीं पा रहे थे. दवा दी गई, कई टेस्‍ट कराए गए. डॉक्‍टरों ने कहा कि आपकी स्थिति तो ऐसी हो गई है कि कभी भी ब्रेन हेमरेज या हार्ट अटैक की नौबत सकती थी. जब तबीयत नार्मल होने के बाद ऑपरेशन कराने वाले डॉक्‍टर के पास गया तो उन्‍होंने कहा कि पहले उन डॉक्‍टरों से चेक अप करा आओ,  जिन्‍होंने तुम्‍हारा इलाज किया था. और वहां से रिपोर्ट लेकर आओ, उसके बाद ऑपरेशन करने की स्थिति देखी जाएगी.

उन्‍होंने बताया कि मैं जीजी नर्सिंग होम के उस डॉक्‍टर के पास पहुंचा, जिन्‍होंने मेरा इलाज किया था. उनसे जब बीमारी और उसके कारण के बारे में जानने की कोशिश की तो उन्‍होंने बीमारी तो नहीं बताया परन्‍तु यह जरूर बताया कि आपकी स्थिति ऐसी हो गई थी, जैसे आपने अफीम, चरस, गांजा एक साथ ले ली हो. मैंने कहा कि मैं तो ऐसा कोई नशा करता नहीं, तो उन्‍होंने कहा कि भले ही नशा न करते हों परन्‍तु उस समय टेस्‍ट सिम्‍टम में यही आया था. इसके बाद मेरे माथा ठनक गया क्‍योंकि मैंने उस डॉक्‍टर के दवा के अलावा कुछ भी नहीं लिया था.

विनोद ने बताया कि उसके बाद मैंने इस दवा की जांच करवाने की सोची. फोरेंसिक लेबोरेटरी में अपने कुछ परिचितों से कहा तो उन्‍होंने कहा कि हम इसकी जांच तो कर सकते हैं परन्‍तु आपको कोई लिखित रिपोर्ट नहीं दे पाएंगे. मुझे भी इससे फर्क नहीं पड़ता था. मुझे तो बस उस दवा के बारे में जानना था, लिहाजा मैं तैयार हो गया. जांच में यह सामने आया कि इसमें एक्‍यूप नारकोटिक्‍स ड्रग्‍स है. मैं यह जानकर हक्‍का-बक्‍का रह गया. मैंने इसके बाद पुलिस को शिकायत देकर पूरे मामले की छानबीन कराने का निवेदन किया.

उन्‍होंने बताया कि लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई दिलचस्‍पी नहीं दिखाई. बाद में पता चला कि प्रबंधन के दबाव के चलते ऐसा हो रहा है. इसकी शिकायत लेकर मैं लखनऊ में डीजीपी से मिला. उन्‍हें पूरी बात सुनाई. उन्‍होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए इस मामले को एसटीएफ को सौंपने का निर्देश एसटीएफ के आईजी सुवेश कुमार सिंह को दिया तथा पूरी जांच कराने को कहा. उन्‍होंने कहा कि यह जांच लखनऊ से ही खुलवाता हूं. मैं आगरा आ गया परन्‍तु दस-बारह दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

उन्‍होंने बताया‍ कि जब फिर मैंने डीजीपी से बात की तो कुछ दिन बाद एसटीएफ, लखनऊ के सीओ नित्‍यानंद राय आए.  पर उन्‍होंने इस जांच में बहुत ज्‍यादा दिलचस्‍पी नहीं दिखाई. बहुत मुश्किल से उनसे बात हो पाई. फिर काफी दिनों तक कुछ नहीं हुआ. यह बात फिर जब मैंने डीजीपी को बताई तो उन्‍होंने मुझे तथा सीओ को अपने ऑफिस में बुलाया. इसके बाद सीओ ने मुझसे चिकनी चुपड़ी बातें करके जल्‍द जांच करने की बात कही थी, परन्‍तु अब तक कुछ नहीं हुआ.

विनोद ने बताया‍ कि एसटीएफ को जांच 18 नवम्‍बर 2010 को सौंपी गई थी. लेकिन उसमें वह एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है. जबकि डाक्‍टर के दवा देने के दौरान मौजूद लोगों से मैंने एसटीएफ को एफीडेविट भी दिलवा दिया बावजूद इसके जांच आगे नहीं बढ़ सकी. इस बीच मुझे पता चला कि आगरा के एसएसपी रह चुके सुवेश कुमार सिंह से प्रबंधन के मधुर संबंध हैं, जिनके चलते यह मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है. यह बात मैंने डीजीपी को भी बताई तो उन्‍होंने पूरे मामले को अपने स्‍तर से दिखवाने का आश्‍वासन दिया.

उन्‍होंने बताया कि इस बीच मैंने 18 फरवरी को जीएम को सभी बात स्‍पष्‍ट करते हुए इस्‍तीफा लिखकर दे दिया. मैंने अपने इस्‍तीफे में लिखा कि कार्यालय में हो रहे आपराधिक षणयंत्रों के चलते स्‍वस्‍थ तन-मन से काम कर पाना संभव नहीं है. महसूस करता हूं कि प्रबंधन द्वारा मेरे साथ छल किया गया है, इसलिए इस नोटिस को संज्ञान में लेते हुए मुझे अप्रैल में मुक्‍त कर दिया जाए. जिसके बाद प्रबंधन ने मेरा इस्‍तीफा स्‍वीकार क‍र लिया.

विनोद ने बताया कि प्रबंधन मेरा इस्‍तीफा स्‍वीकार करने के लिए इतना तत्‍पर था कि नोटिस मैंने दिया था, परन्‍तु प्रबंधन ने मुझे तीन महीने की सेलरी देकर विदा किया, जबकि ऐसा प्रावधान नहीं था. मेरा इस्‍तीफा स्‍वीकार करने के लिए इसमें बदलाव भी करवाया गया.  जिससे साबित हो रहा है कि सब कुछ प्रबंधतंत्र की जानकारी और शह पर हो रहा था. जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं ताकि मैं इस्‍तीफा दे दूं.

उन्‍होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी डाइरेक्‍टर देवेश गुप्‍ता को भी दी. परन्‍तु उन्‍होंने कहा कि जब आपने पुलिस कम्‍पलेन कर दी है तो फिर आपको जो करना था आपने कर दिया है. अब हम इसमें क्‍या कर सकते हैं. ये बात आपको पहले लेकर आनी चाहिए थी. उन्‍होंने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया. कई बार आगरा आए परन्‍तु मेरे मामले में बात करना या चर्चा करना भी उन्‍होंने जरूरी नहीं समझा, जिसके बाद मेरे पास इस्‍तीफा के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं था.

विनोद ने आरोप लगाया कि मेरी जान लेने की कोशिश में पूरा का पूरा जागरण प्रबंधन इनवाल्‍व था. तभी तो मेरी किसी शिकायत पर ध्‍यान दिए बिना इस तरह का माहौल रचा गया. उन्‍होंने कहा कि अपनी शिकायत में मैंने साजिश रचने वाले का नाम नहीं दिया है ताकि पुलिस खुद पता लगा सके कि मेरी जान लेने की कोशिश करने के पीछे किन लोगों का हाथ था.

आवेदन

आवेदन

आवेदन

इस्‍तीफा

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “जागरण में ये भी होने लगा, डीएनई की जान लेने की कोशिश

  • madan kumar tiwary says:

    एक डाक्टर कभी भी जहर नही दे सकता । कभी – कभी होोमिियोपैथिक दवा से तत्क्षण बिमारी बढने के लक्षण होते हैं। आप किसी मनोचिकित्सक से सलाह लें। मंं मैं गंभीरता से यह बात कह रहा हूं।

    Reply
  • JAGRAN KA BURA SAMAY SHURU HO GAYA HAI…………………………

    YE PRIVATE CO. VALE KISI K SAGEY NAHI HOTE……KAAM NIKAL JAANE PAR YE SAB KUCH BHOOL JAATE HAIN…………..

    INHI VINOD BHARDWAJ JI NE AAJ JAGRAN AGRA KO BULANDIYON TAK PAHUNCHAYA HAI PAR YE LAALCHI PRABANDHAN IS BAAT KO SHAYAD BHOOL RAHA HAI…………….

    THNX VINOD JI………….U HAVE SHOWN A GREAT COURAGE……..
    V ALL R WITH U………….

    Reply
  • AAPKE IS SAHSIK NIRNAY KO HAMARA SALAAM………………..

    U HAVE SHOWN A GREAT COURAGE & SET AN EXAMPLE IN FRONT OF OTHERS TO FIGHT 4 UR RIGHTS………………….

    Reply
  • vinod bhardwaj says:

    priya sri madan tiwari ji,
    medical science k tamam visheshgayo se lambi baatchit k baad maine homeopathic dava or doctor k baare me poori gambhirta se soch smajker or apne aaropo ko saabit karne ki isthti me ye poora mamla uthaya hai. mere dwara tamam angle se ki gayi jaankariyo k baad me ye b jaan chuka hun k doctor ka istemaal sirf mujh tak dava pahunchane or khilwane k liye tha. wo dava to kisi uske khaas ne hi banaker doctor se bhijwayi thi. dusri jaruri baat ye he ki aap apni jaankari ko durust ker le k homeopathic dava se bimari k lakshan badh sakte he , mental disorder me jaane k koi lakshan paida nahi ho sakte or mere paas to apni baat sabit karne k liye eye evidence, documentry evidence k saath saath circumstances evidences bhi he. saare tathyo ko jaane bina aadhi adhori jaankari per mujhe manochikitsak k paas jaane ki raye dena aapke ati utsaha or purvagraha se grast hone kahone ka saboot hai. kripya apni jaankariyo me or bradhi kare or jaarrorat ho to meri madad b le sakte he.

    Reply
  • PRIYA MADAN TIWARI JI,

    AAPKI BAATO SE LAGTA HAI KI AAPME COMMON SENSE KI BAHUT KAMI HAI…..

    YA PHIR AAP BHI IN JAGRAN VALO K HI TATTU HAIN JO FACTS KO DHYAN SE PADHE AUR JAANE BINA & APNI BUDDHI KA PRAYOG KIYE BINA HI APNI ADVISE BAANT RAHE HAIN……………

    IN PSYCHOLOGICAL TERMS U R A SICK PERSONALITY….

    I REALLY STRONGLY FEEL THAT U NEED A PSYCHOTREATMENT………………………………….

    PLZ READ THE FULL STORY,FACTS & ATTACHED DOCUMENTS(SPECIALY D REZIGNATION LETTER) CAREFULLY ONE MORE TIME &,THEN AFTER POST ANY COMMENT…………

    I HOPE U WILL TAKE MY ADVISE IN A POSITIVE WAY & WILL DEFINITELY GO 4 PSYCHOTHERAPY……………………

    HAHAHAAAAAAAA………..

    HAVE A GUD TIME

    JAI HIND…..JAI BHARAT……………………………

    Reply
  • vinodji agra jagran me GURU KE NAAM SE FAMOUS Hain. unhone journlist ko naukri de h aue bachai h. kisi ki naukri nahi lee h. isi karan unka sub aadar krte hain. guru jiske bare me kah rahe hain, ussenbada kameena udhri nahi hai koi bhi. agra jagran me aatnk faila rakha h. city ke logon ko maa bahan ki galiya dena aam baat h. saroj awasthi yo uski chamchagiri karte h. saroj vaise to RE hain lekin apne milna walo ki news chapwane k liye iski irori karte hain. yahi haal raha to jararan agra me kabhi bhi maarpit ho sakti hai. agra jagran me jo bho muh kholega, uski naukari chali jayegi. so sab muh band karke apne bachchon ka pet pal rahe h. devesh gupta bhi dhritrashta ki tarah ankhen band kiye hue hain. DGP ko akhir kiska dar h. kyun nahi jaanch karwa rahe hain.

    Reply
  • VIPIN(AGRA) says:

    VINOD JI IS A LEGEND IN THE FIELD OF JOURNALISM IN AGRA…..

    SOCIETY AUR JOURNALISM FIELD SE JUDA HAR INSAN UNKA BAHUT SAMMAN & ADAR KARTA HAI…………

    Vinod Ji k resignation k baad Jagran Office ki situation bahut hi visphotak hai…………..
    Lower level worker se lekar Editorial tak k logo me aakrosh hai…………..

    Shayad ITIHAS KHUD KO DUHRANA CHAHTA HAI……………..JAGRAN ME PHIR SE 1998 KI ISTHITIYAN BAN CHUKI HAIN………..

    AB DEKHNA KEWAL ITNA HAI KI 2 LOGO DWARA KI JA RAHI IS ANDHERGARDI & NIRANKHUSHTA KO EMPLOYEES KAB TAK JHELTE HAIN…………………

    Reply
  • RAVI SHARMA says:

    क्या अब विनोद जी के बारे में ये मोहन तिवारी जैसे लोग टिपण्णी करेंगे? जाहिर है ऐसे लोग फर्जी नाम से ही ऐसा साहस दिखा सकते है , क्यों तिवारी जी , सामने आये तो पता चले कितना दम है …..aage b tiwari jaise log is bat ka khyal rkhe

    रवि शर्मा

    Reply
  • P.D.SHARMA says:

    It is vwry shameful thing , Dainik Jagran is a very prestigious paper in Agra after this I have change my openion about Jagran , if this type of incidence occure with some seniour official then who will do the right work in this country . It is also a prestigious point for the State Govt. that this type of incidence occure and no bady is warried on this and taking action against the culprits. It is also moral responsibility of media to catch the right person who is culpit , for that they have to form a committe who will look after this and thrown him away . P.D.Sharma,general manager(h.r.)pratibha syntex(p)ltd. indore

    Reply
  • aisa to hona hi tha aaj ke yug me imandar insan ke sath koi bhala kar hi nhi sakta. jagran ko aaj itni unchai par pahunchane me bhadwaj ji sabse bda yogdan hai. prabandan ne unka istifa swikar kar har us patrakar ko aaghah kiya hai jo imandar aur kartvya ke prati samarpit hai. imandar patrakaron ko samajh lena chahiye ki swarthi prabandan unke sath bhi aisa hi der saber kar sakte hain.

    Reply
  • JAGRAN MAIN IS TARAH KI AAPRADHIK SANYATRA HONA DUKH KA VISHAY HAI… SAMACHAR PATRA KE OFFICE MAIN LOG NYAN MILNE KI UMMID MAIN JATE HAIN YADI WAHA PAR HI IS TARAH KE AAPRADHIK KRITYA HONE LAGE TO IT”S SURPRISING……

    ISSE BHI JYADA SURPRSING FACT YEH HAI KI JO VYAKTI PURE MATTER MAIN SABSE JYADA DOSHI HAI USE HI MANAGMENT NE SABSE IMPORTANT SEAT KI LIABILITY DE DI HAI…..ISSE AISHA FEEL HOTA HAI KI IS PURE MATTER MAIN MANAGEMENT SILENT FAVOUR KAR RAHA THA ……

    Reply
  • JAGRAN MAIN IS TARAH KI AAPRADHIK SANYATRA HONA DUKH KA VISHAY HAI… SAMACHAR PATRA KE OFFICE MAIN LOG NYAN MILNE KI UMMID MAIN JATE HAIN YADI WAHA PAR HI IS TARAH KE AAPRADHIK KRITYA HONE LAGE TO IT”S SURPRISING……

    ISSE BHI JYADA SURPRSING FACT YEH HAI KI JO VYAKTI PURE MATTER MAIN SABSE JYADA DOSHI HAI USE HI MANAGMENT NE SABSE IMPORTANT SEAT KI LIABILITY DE DI HAI…..ISSE AISHA FEEL HOTA HAI KI IS PURE MATTER MAIN MANAGEMENT SILENT FAVOUR KAR RAHA THA ……

    Reply
  • Vikas Bhardwaj says:

    dainik jagran desh ka no. 1 news paper ab apradhiyon ki sharanisthli bana hua hai. shri bhardwaj ji ki hatya ki sajish main jis tarah se mon rakha hua hai usse yah pratit ho raha hai ki kanhi na kanhi is sajish main prabandhtantra bhi lipt hai. main prabandhtantra se kahunga ki agar wah is sajish main shamil nanhi hai to is prakaran ki nishpaksh ucchsteriya janch kara kar apne ko nirdosh sabit kare aur doshiyon ke khilaf karyavahi kare.

    Reply
  • Vivek Bhardwaj says:

    Suniye!Suniye!!Suniye!!!

    Dainik Jagran Bharat ka no.1padha janewala dainik ab apradhiyon ki sharansthali bana hua hai.
    Apne hi karmnishetha,23 varhoen se karyarat DNE ki hatya ke prayas mein lipt apradhiyon ko mon swikriti dekar apradhiyon ka manobal badhakar yeh newspaper samaj ko kya sandesh dene ka pratna kar raha hai.
    Ab to is no.1 newspaper ka bhagwan hi malik hai.
    Bhardwaj sir > Go ahead,we all are with you.
    Good Luck

    Jai Hind>>>Jai Bharat>>>Vandematram

    Reply
  • wah re dainik jagaran…… apni niv rakhane walon ko hi nhi bakhsh rha hai. vafadari aur imandari se kam karne wale vinod bhardwaj ji ko istifa dene ke liye majbur kar diya. prabandan ki ye karvai jagaran me kam kar rhe karmiyon ko apne bhavish ke bare me sochane ke liye majboor karegi.

    Reply
  • wah re dainik jagaran…. apno ke hi khun ka pyasa ho gya. apni niv rakhane walon ko hi nhi bakhsh rha. apno ki hi hatya ki sajish rach dali. kya isi ko kahte hain CHHA JANA ye hi hai na apke jagaran ka slowgen. aise hi karte rhe to chha jana to dur baras jaoge.(khun ke asuon se)

    Reply
  • wah re dainik jagaran…. apno ke hi khun ka pyasa ho gya. apni niv rakhane walon ko hi nhi bakhsh rha. apno ki hi hatya ki sajish rach dali. kya isi ko kahte hain CHHA JANA ye hi hai na apke jagaran ka slowgen. aise hi karte rhe to chha jana to dur baras jaoge.(khun ke asuon se)

    Reply
  • JAGRAN JAISA GROUP JO KHUD KO SABSE AAGE AUR NO.1 BATATA HAI……………USKE OFFICE ME IS TARAH KI GHATNA HONE SE SAABIT HO GAYA KI JAGRAN KHABRON ME AAGE HO NA HO PAR APRADH,BHRASHTACHAR VASTAV ME SABSE AAGE HAI………………

    AAJ YAHAN PAR KEWAL VO HI TIK PAYEGA…..JO GHOOSKHOR,BHRASHT HO, BLACKMAILER HO……….JO KHUD TO PAISA KAMAYE HI LEKIN USSE BHI JAROORI KI US PAISE ME SE TOP MANAGEMENT KO BHI HISSA PAHUNCHAYE……………….

    YAHI KARAN HAI KI AAJ AWASTHI AUR ANAND SHARMA AGRA ME TIKE HUYE HAIN KYUNKI YE INME UPAR LIKHI GAYI SABHI QUALITIES HAIN……………………….

    ISI KO KEHTE HAIN” JAAKO PRABHU DAARUN DUKH DEHI,TAAKI MATI PEHLE HAR LEHI”

    Reply
  • vinay shukla says:

    itni badi ghatna hone k baad bhi management ka yuun chup rehna aur in sab ghatnayon ko nazarandaj kar ghatna k lye jimmedar logo ko promote karna ye saaf darshata hai ki is poore ghatnakram me prabandhan bhi poorn roop se sanlipt raha…………………………

    aur to aur in logo ne apne prabhav ka istimaal karte hue STF ki jaanch ko bhi prabhavit kiya……………..

    Reply
  • Manoj Rana says:

    Aaj k samay me Vinod Ji jaise imandar logo k liye aise bhrasht group me koi jagah nahi hai…………is group me to Khud Khao aur Hume Bhi Khilao ki philosophy chalti hai aur yahi inka dheye vakya hai…………………

    Yahan kewal CHAAPLOOSE,CORRUPT logo ki jarrorat hai ……………
    ISI VAJAH SE aaj awasthi , anand aur inhi k apne tattu(gurgey) aaj agra me hain………………

    Reply
  • itni badi ghatna hone k baad aur tamaam circumnstancial & eye evidence hone k baad bhi STF ka ab tak kuch na karna ye saaf bataata hai ki is ghatna ko anjaam dene k liye doctor parmar ko kewal madhyam banaya gaya……..ghatna k sutradhar itne rasookh vale log hain ki STF in sutradharoon ka naam kholna to door ki baat ,ab tak k mukhya aaropi doctor ko bhi nahi pakad payi hai………..

    YA phir shayad poora mamla hi ek achche amount k saath MANAGE kar liya gaya hai

    Reply
  • Manish Tiwari says:

    abey madan tiwari(ya phir jo bhi tumhara asli naam ho)

    tumhari aukat nahi hai GURU jaise logo par comment karne ki………….
    tumhari comment ne tumhari soch,tumhare background k baare me kaafi kuch keh diya…….

    kabhi saamne aakar milo phir tumhe aur jo log tumhare peeche hain unhe asli aukat dikha di jayegi…………..

    Reply
  • Is khabar k baad maine jagran k liye apni soch ko badal liya……..

    kuch prash mere dimag me aaye jinka main jawaab janna chahta hoon

    1-Doctor bina bulaye kyun pahuncha ?

    2-Doctor ne dawa jarror khane ki zid kyun ki jabki vo janta tha ki Vinod Sir july last week me hi apne ligament operation k liye ja rahe they?

    3-Dawa lene k 20 min.baad hi tabiyat kharab hona kya matra ek ittefak tha?

    4-Jab forensic lab ki jaanch me ye saabit ho gaya ki dawa me ACUTE NARKOTICS DRUGS hain to bhi STF ne doctor se poochtaach karne ki jehmat kyun nahi uthayi?

    5-Documentary evidence,circumnstancial evidene aur dawa dete vakt office me maujood staff k log is baat k gawah hain ki is aapradhik conspiracy ka kendra jagran office hi tha phir bhi JAGRAN MANAGEMENT aur STF ab tak khamoosh kyun hain?

    6–Akhiri lekin bahut jarrori prashn”””DGP KARMVEER SINGH JI JINHONE AGRA ME HUE PANVARI KAAND K SAMAY KUCH SAHSIK KADAM UTHAYE THE AUR APNI EK VISHESH CHAVI BANA LI,
    AAJ JAB IS CONSPIRACY KI JANKAARI VINOD SIR DWARA UNHE SABSE PEHLE(NOVEMBER 2010 ME) DI GAYI PHIR BHI AAJ LAGBHAG 5 MAHINE BEET JAANE K BAAD BHI VO BHI KUCH KAR PAANE ME ASAMARTH RAHE”””””

    PRASHN YEH HAI KI KYA DGP KO BHI KISI KA DAARR HAI YA PHIR KYA UNKE UPAR BHI KUCH RASSOKHDAR LOGO KA DAWAAB HAI…….YADI AISA HAI TO ISSE SHARMNAAK AUR KUCH NAHI HAI……………

    ye kuch aise sawaal hain ki yadi inka jawaab dhoondhe jaayen to is conspiracy se jude tamaam khulase 1 samanya buddhi vala insaan bhi kar de……….

    JAGRAN VALO JITNE GHOOSKHOR AUR BHRASHT LOG TUMNE APNE OFFICO ME (SPECIALLY IN AGRA UR GM/R.E & N.E.) BITHA RAKHE HAIN USKE HISAB SE ———–TUMHE SLOGAN BADALKAR KAR DENA CHAHIYE””””””””””””ISE KEHTE HAIN KHAA JAANA”””””””””””

    Reply
  • Its really very shamefull act…………

    Abey Jagran Management vaalon agar tumme sharm baaki hai to doob maro kahin jaa kar…………..
    Lekin akele mat jana——apna sath dene k liye Agra Office me baithe apne dallalon ko bhi le jana

    Reply
  • DIVYA SHARMA says:

    Khud ko samaj ka prabuddh varg batane vale do alag-2 tabko k logo ka is tarah ki aapradhik ghatna ko anjaam dena vastav me bahut hi sharmnaak ghatna hai………

    ek taraf vo ambitious patrakar (patrakaron k naam par kalank,dallal) hain jo post aur prestige k laalach me ye bhi bhool gaya ki vo us vyakti(GURU/VINOD SIR) k khilaf hi khasdhyantra rach raha hai jis vyakti(VINOD SIR) ne uski naukri lagvayi,,samay -2 par swayam hi use aagey badhaya..is kabil banaya ki vo logo k samne khada ho sake ……….

    Aur doosri taraf Vo Mahakamina doctor hai jisne aisi harkato me is ehsanfaramosh,besharm insaan ka saath diya aur apne profession ko badnaam kiya…………………

    Is ghatakram me management ka involvement bhi saaf pata chalta hai jisne office me hui is ghatna ki jaanch karane k bajaye swayam victim ka hi resignation accept kar liya…………

    Kya kabhi koi company chahegi ki uske saath 23 saalon se juda koi vyakti naukri chodhkar jaaye?

    Kya ye management ki jimmedari nahi ki vo office me hone vali is tarah ki ghatnaon ki nishpaksh jaanch karaker doshi vyaktiyon k khilaf legal action le?

    LEKIN JAGRAN KI BAAT DOOSRI HAI KYUNKI YAHAN TOH POORI SAAJISH HI MANAGEMENT K LOGO DWARA RACHI GAYI……….AAKHIR UNHE BHI TOH 1998 ME HUI APNI INSULT KA BADLA LENA THA ( 9 DINO TAK CHALI STRIKE AUR USSE HUE LOSS KA)aur ISKE LIYE UNHONE DIVIDE & RULE KI POLICY FOLLOW KARTE HUE PEHLE TO AGRA OFFICE ME EMPLOYEES K BEECH PHOOT DALWAI PHIR UNHI ME SE EK OVER AMBITIOUS VYAKTI KO OONCHEI POST AUR PRESTIGE KA LAALACH DEKAR 98 KI STRIKE K LEADER RAHE VINOD SIR KO MAARNE KI SAAJISH RACHI……………….

    ITS MY HUMBLE REQUEST TO ALL MY COLLIGUES & ELDERS(JOURNALISTS n ALL REPUTED PERSONS) TO STAND WITH VINOD SIR & FIGHT AGAINST THIS RUBBISH POLITICS n TREND.

    bcoz 2day vinod sir is a victim of this type of conspiracy,next turn may be yours………..

    JOURNALISTS R THE ONE WHO HAVE THE GREATEST POWER,THE POWER OF PEN n WORDS.

    SO,FROM TODAY ONWARDS GO WITH VINOD SIR , SUPPORT HIM, STAND WITH HIM,as HE IS A PERSON WHO HAS INITIATED A FIGHT AGAINST THE WHOLE SYSTEM……………

    Reply
  • Dinesh Rai says:

    is poore ghatnakram me doctor k prathmic roop se doshi paaye jaane k bavjood STF ka doctor k against koi action na lena ye saaf jaahir karta hai ki doctor to matra ek mohra hai ,,asli khiladi itne pahunch vaale hai ki un par ya unke pyado par haath dalna STF k bhi bootey ki baat nahi……..

    In logo ki pahunch itni hai ki SABSE PEHLE JAANKARI HONE K BAAD AUR KHUD HI STF KO YE CASE DENE K BAAVJOOD DGP BHI KUCH NAHI KAR PAA RAHE HAIN AUR BEHAD HI ASAHAY NAZAR AA RAHE HAI…………

    JAB DGP KA YE HAAL HAI TO BAAKI POLICE TEAM KA TO BHAGWAN HI MAALIK HAI……………….

    DGP SIR SHOW SOME COURAGE………………V R WAITING 4 UR POSITIVE ACTIONS.

    Reply
  • adhar sharma says:

    क्या अब विनोद जी के बारे में ये मोहन तिवारी जैसे लोग टिपण्णी करेंगे? जाहिर है ऐसे लोग फर्जी नाम से ही ऐसा साहस दिखा सकते है , क्यों तिवारी जी , सामने आये तो पता चले कितना दम है …..adhar sharma

    Reply
  • SHARM SE DUB MARO JAGRAN KE DIRECTORON AUR AGRA UNIT MAIN BATHE APARADHIYON.
    JIS TARAH SE SHRI VINOD JI KE SATH KUCH NAMAK HARAM LOGON NE SAJISH KI HAI WAH KAMINEPAN KI HAD HAI.
    LEKIN MAIN UN SAJISH KARNE WALO SE YAH KAHNA CHAHTA HUN KI————-CHANHE WAH KITANI BHI SAJISH KARLEN

    BAP BAP HOTA HAI BETA BETA HOTA HAI.

    AUR SHRI VINOD JI TUM SAKE BAP HAIN AUR HUM SAB UNKE SATH HAIN.

    Reply
  • shri guru ji,
    hum yeh chahenge ki wah anna hajare desh main vyapt curruption ke khilaf jang kar rahe hain aur aap DAINK JAGRAN, AGRA MAIN APRADHIYON AUR UNKE CHAMCHON KI BEND BAJA DEN.

    Reply
  • its very same full things done by Dainik jagran unit. And after accepting resignation of Vinod ji , its shows that Davesh gupta, anand sharma, n the other management of danik jagran also involved in this conspiracy . the reason behind this conspiracy is 1998 strike of danik jagran bcoz Vinod ji was the leader of that 1998 strike.
    we all r with you vinod ji.

    Reply
  • meri samjh main yah nahi aa raha hai ki yah madan tiwari asli aadmi hai ya asli aadmi ka farji nam hai. agar yah asli nam hai to main inse kahunga ki kisi manochikitsak se pahle wah apna ilaj karvaye. itne sare tatyon ko dekhne ke bad bhi unki samjh main nanhi aa raha hai ki sahi kya hai aur galat kya hai.
    DAINIK JAGRAN KE PRABANDHTANTRA KE TO KAHNE HI KYA HAIN. AKHBAR MAIN IMANDARI AUR SAMAJ KO JAGANE KI BAT KARTE HAIN AUR KHUD APRADHIYON KO PANAH DIYE HUA HAIN. MUJHE TO LAGTA HAI KI YAH DESH KA NO. 1 AKHBAR NANHI HAI YAH TO DESH KA SABSE BARA MEDIA PAR KALANK HAI. AGAR YAH MERI BAT KO GALAT SABIT KARNA CHAHTE HO TO IMANDARI SE APNE YANHA PAL RAHE APRADHON KO SAMAPT KAREN.

    Reply
  • shankar rana says:

    what the hell is going on police is nothing if this kind of incident is happened, the person who spend half life in an organization and become a star for those person if organization do that so it is better closed that organization and die in “chuulu bhar panni”:P:P:P:P:P:P:P:P:P:P:'(:'(:'(:'(

    Reply
  • Avnish Gautam says:

    Agar media ke log bhi kisi honest person ka is tarah se bura karne ki koshish karenge to aam aadmi kiske paas jayega.

    Police aur dainik jagaran sab log milke kisi insaan ki jaan lene ki koshish karenge to humaari aur aam aadmi ki jaan ka kya hoga ?????

    haay ri media…………

    ab aam admi ke paas aur vinod ji jaise honest logon ke paas shanti se jeene ka aur apna farz poora karne ka hak bhi khatam ho gya hai.

    where should we go ??????

    Reply
  • Avnish Gautam says:

    Agar vinod ji ko time se sahi insaaf nhi mila to hum aur saari political parties puri tarah se unke saath is galat system ka poori tarah se virodh karenge.

    Aur mai ye chahta hoon ki har wo aadmi jo honesty ka sath dena chahta hai aur sahi raste par chalne se nahi darta. wo humare sath milkar vinod ji ke sath huye shadyantra ke khilaaf awaaz uthaye.

    Hum vinod ji ko insaaf dilwane ke liye delhi tak jayenge.

    Aur Prime minister ko letter denge.

    Vinod sir aap aage badhen hum aapke sath hain.

    Avnish Gautam

    General secretary – Youth Congress.

    Reply
  • Pt. Raam Sharna says:

    Mr. vinod ji aapne apne sath huye is galat shadyantra ke khilaaf jis himmat se kadam uthaya hai. wo taarif ke kaabil hai.

    hum aapke is kadam ki sarahna karte hain, aur apka is ladai me akhiri dum tak saath dene ka promise karte hain.

    Aur dainik jagran ke is crime ki ninda karte hain. aur hum indian government se request karte hain ki dainik jagran ki is sharmnaak harakt ke khilaaf koi action jaldi se jaldi liya jaye.

    Bye.

    Reply
  • Manu Kulshreshtha says:

    JAGRAN NEWS PAPER KI TANHASHAHI AB NAHI CHALNEWALI AB JAGRAN KO BAND HONA CHAHIYE
    JIS BANDE NE ITNE LAMBE TIME SE IS NEWS PAPER MAIN JEE-JAAN SE KAM KIYA OR IS AKHABAR KO ITNI UNCHI BULANDIYON TAK PAHUCHAYA ISKE BAD BHI IS BANDE K SATH ITNI SHARMNAK OR GIRI HUI HERKAT KI GAI KI IS BANDE KI JAAN TAK LENE KI KOSHISH KI GAI OR ISKE BAD BHI IS BANDE NE ITNI GHAMBHIR HAALAT ME APNI COMPLAIN JAHAN THAK HO SAKTA THA WAHAN TAK KI, OR SARE EVIDENCE , WITNESS COLLECT KERTE HUYE POLICE PRASHAN KI DUTY KO KHUD HI PURA KIYA OR POLICE KO UN SABHI EVIDENCE / WITNESS KO HANDOVER KIYA OR D.G.P.(U.P) SE KAI BAR MULAKAT BHI KI FIR BHI POLICE PRASHAN NE KOI BHI ACTION NAHI LIYA OR IS DESH KA KANOON IS BANDE KI KOI MADAD NAHI KER PAA RAHA.
    MAINE ABTAK TO SIRF KAHANIYON /FILMS ME MAINE LACHAR KANOON KO DEKHA THA PER AB YAKEEN HO GAYA HAI KI IS DESH KA KANOON OR POLICE PRASHAN EK DAM BEKAR OR LACHAR HAI JO KHUD DUSRON KE HAAT KI KATHPUTLI HAI WO KYA KISI KI MADAD KER PAAYEGA .
    MERE MUTABIK JAGRAN MANAGEMENT OR POLICE PRASHAN MILA HUA HAI JO KI IS GHATNA KO AAGE NAHI BADNE DE PAA RAHA HAI. ISKE PICHE KYA WAJAH HOGI YE TO WO LOG HI JAANTE HONGE JO KI ISKE PICHE HAIN OR JO ITNE PRATISHTHIT BANDE KO DABANE KI KOSHISH KER RAHE HAIN PER AB HUM SAB SATH HAIN , IS MAMLE KO DABNE NAHI DENGE ISKI PURI JHANCH KARANI HOGI CHAHE AB KOI BHI RASTA APNANA PADE.

    VANDE MATARAM
    JAI HIND…………………………………
    (MANU)

    Reply
  • JAGRAN KARYALAY ME HI IS PRAKAR KI AAPRADHIK GHATNA KA HONA BAHUT HI SHARMNAK HAI……………..

    ISSE BHI SHARMNAAK DEVESH GUPTA JO KI PHILHAAL DIRECTOR KI KURSI SAMBHAL RAHE HAIN(BHAGWAN HI JAANE KAISE SAMBHAL RAHE HAIN) KA BEHAVIOR HAI JINHONE ISTIFA MAJOOR KARNE ME ITNI TATPARTA DIKHAYI KI VO YE BHI BHOOL GAYE KI YE UNKI PRATHMIK JIMMEDARI HAI KI VO GHATNASTHALI RAHE JAGRAN KARYALAYA ME GHATNA KI JAANCH KARAYEN…………..

    MERE KUCH PRASHNA HAIN DEVESH JI KE LIYE:-

    1-JAB GHATNASTHAL JAGRAN KARYALAY HI HAI ,VAHI PAR YE SAB CONSPIRACY HUI (DOCTOR KA OFFICE ME AANA , DAWA DENA AUR DAWA KHNAE KI ZID KARNA) PHIR BHI AAPNE JAANCH KARANE KI JEHMAT KYUN NAHI UTHAYI JABKI IS BAAT KE GAWAAH AAPKE AGRA OFFICE KE VO KARMCHARI SWAYAM HAIN JO DAWA DETE VAKT VAHAN PAR MAUJOOD THE?

    2-JAB AAPNE SWAYAM HI BHARSHTACHAR KE AAROPO KE KAARAN AGRA KARYALAYA SE EK EMPLOYEE KA TRANSFER DOOSRI UNIT ME KIYA THA TO AISA KYA HO GAYA KI 6 MAHINE KE BHITAR HI AAP USEY DUBARA AGRA KARYALAY ME PROMOTION KE SAATH( AS NEWS EDITOR) VAAPAS LE AAYE?
    KYA MATR 6 MAHINE ME HI VO VYAKTI PAAK-SAAF HO GAYA YA PHIR AAPNE IN 6 MAHINO ME USKO PROMOTION KA LAALACH DEKAR EK BADI CONSPIRACY KE LIYE TAYYAR KAR LIYA?

    3-GHATNA KI JAANKARI HONE KE BAAD DEVESH JI AAP KAI BAAR AGRA AAYE PAR EK BAAR BHI VINOD JI SE MILNA TO DOOR PHONE PAR BAAT KARNA BHI UCHIT NAHI SAMJHA? AAKHIR KYUN?
    KYA YE AAPKI MANSHA KO JAAHIR NAHI KARTA?

    4-ISTIFA SWEEKAR KARNE KI AISI BHI KYA JALDI THI KI AAPNE KHUD HI VINOD JI KO 3 MAHINE KI ADVANCE SALARY DEKAR VIDA KAR DIYA JABKI AISA KOI BHI NIYAM AAPKE SANSTHAN ME AB TAK NAHI THA?
    ADVANCE SALARY DENE K PEECHE AAKHIR KYA KAARAN THA?
    AAKHIR KYUN AAPNE SANSTHAN K NIYAMO ME BADLAV KIYA?

    5-KYA 23 SAAL TAN-MAN SE NAUKRI KARNE KA AAPKE YAHAN YAHI INAM DIYA JAATA HAI KI USKI JAAN LENE KA PRAYAS KIYA JAYE AUR USME NAAKAM HONE PAR US KARMCHAARI KO ISTIFA DENE KI HAD TAK TORCHER KIYA JAAYE ?

    6- DEVESH JI,VINOD JI KA ISTIFA SWEEKAR KARKE AAPNE YE SAABIT KAR DIYA KI AAP JAGRAN VAALO K MAN ME 1998 KI HAAR KI TEES( 9 DIN TAK CHLI HADTAL) ABHI TAK THI, ISILIYE AAPNE US VYAKTI(VINOD JI JINHONE US HADTAL KA NETRATVA KIYA THA) KE KHILAF SAAJISHON KA JAAL BUNA AUR APNI SAAJISH KO ANJAAM DENE K LIYE AAPNE AGRA OFFICE KE HI EK BEGAIRAT, NEECH INSAAN (ANAND SHARMA) KO PROMOYION KA LAALACH DEKAR APNA MOHRA BANAYA..

    Reply
  • Vinod Bhardwaj says:

    KAUN DEGA IN SAWALO K JAWAB

    Main U.P ke DGP karamveer singh ke saath-saath desh Pradesh ki sabhi jaanch agencies, media aur desh ke prabuddh varg ke saamne tathyatmak roop se ish poore maamle per kuch tark rakhna chahta hun taaki unke sochne aur jaanch karne ka marg poori tarah se prashast ho sake .
    Duniya mian sirf 3 tarah ke evidence hote hain jinme eye evidence, documentary evidence aur circumstantial evidence hote hain. Duniya ki koi bhi jaanch agency inhi ke adhar per apradhon ka khulasa karti hain.
    Main khud bhi mool roop se 14 saal tak ek crime reporter raha hun. Aisa kaise ho sakta hai ki khud se jude itne gambhir mamle ko uthane se pehle maine in teeno tarko aur sabooto ki kasauti per na parkha ho.
    29 july ko doctor parmar bina bulaye office me mere paas aaye aur mere sahakarmiyo k saamne mujhe apni dava khane k liye lagatar pressure daalte rahe. Tammam tark-vitark k baavjood ve apni zid per adde rahe ki main unki dava jarur khau. Ve her haal main mujhe apni dava khilane per amada the. Ish ghatna ke eye evidence mere paas hain.
    30 july ko doctor parmar achanak dava lekar office main aaye aur mere sahakarmiyo k saamne hi mujhe dava dekar dabav daalte rahe ki main 10 din tak her haal main dava ko kahu aur agar fir bhi fayda na ho to operation kara lun. Ish baat k bhi eye evidence mere paas hain. Gaur karne ki baat ye hai ki ish se pehle maine unki dava kabhi nahi li aur na hi unhone kabhi mujhe dava di. Main unse hamesha sirf acupressure karata tha.
    31 july ko na chahte hue bhi maine unki dava ki pehli dose li or iske 30 minute k under hi mujhe behoshi aur mental disorder ki condition me hospitalized karane ki jarurat pad gayi. Ish baat ke bhi eye evidence and documentary evidence mere paas hain.
    Ye bhi 100% sach hai ki lab ki report mian doctor parmar dwara di gayi pine ki dono davao main acute narcotics drugs paye gaye .
    Hum sabhi conspiracy ki baat bhul jayen aur sirf uprokt facts per baat kare to doctor parmar IPC k section 276 k doshi hai. Ye non-bailable (gair jamanati) apradh hai. Itne evidences k baad doctor parmar k khilaf STF ko report darj karke ushe police k hawale ker dena chahiye tha.
    •Doctor raj parmar hi batate ki mujhe dava khilane k liye unhe kisne kaha aur kisne unko dava banaker di. Lekin DGP k tammam prayaso aur vaado k baavjood aaj tak doctor k khilaf report nahi likhi gayi. –Aakhir kyu?
    •Aakhir ve kon log hain jo nahi chahte ki report derj ho, doctor pakda jaye aur koi poochtaach ho paye? Yadi aisa ho jata to ish ghatna k piche k sabhi raaj khud hi khul jate. Lekin aakhir kin logo ne aisa nahi hone diya?
    •Ve koun log hai jo DGP k baar baar aadeshon per bhi bhari pad gaye aur aaj tak koi karyavahi nahi hui?
    •GG Nursing home ke un doctoro k bayan STF ne aaj tak nahi liye jinhone mera treatment kiya tha ? Akhir kyu?
    •STF ne aaj tak un gavahon ke bayan kyu nahi liye jinhone affidavit diye the?
    •Doctor raj parmar se aaj tak koi pooch taach kyu nahi ki gayi?

    Yahi saari baate hain jo cheekh-cheekh ker kehti hai ki is conspiracy ke piche taakatvar logo ka haath hai. In logo k khilaf mere paas akatya circumstantial evidence hai. Main kisi bhi khule munch per kisi bhi jaanch agency k saamne apne aropo ko siddh karne k liye tayyar ho.
    Jagran parabandhan ki khamoshi, kayde kaanuno aur naitikta ko taak per rakhker manjoor kiya gaya mera ishtifa khud main ek bada saboot hai jise accept ker prabandhan ne ye maan liya ki unke office me aapradhik sajish hoti hai aur ye bhi maan liya ki prabandhan ne mere saath chhal kiya hai.
    Tathya aur saboot to mere paas ish se bhi jyada hai lekin prashna yeh hai ki kyauper diye gaye saare tathya ish baat ka saboot nahi ki kuch logo ne apne pad aur taakat k boote ish maamle mai koi karyavahi nahi hone di.

    Nyay pama her kisi ka adhikaar hai aur mera bhi. Abhi to mere samne nyay pane k tammam raste khule huye hai. Lekin jab mujhe aisa lagega ki log mere nyay pane k adhikaar per daketi daal rahe hai to mai unhe chetavni deta hun aur ye bata dena chahta hun ki mai un logo mai se nahi jo anyay or atyachar k saamne ghutne tek dete hai. Isliye saare log ye samaj le ki yadi sidhe raste se nyay nahi milega to mai nyay ko chin ne me bhi piche nahi hatunga. Aur ish sab k liye DGP karmaveer singh, STF k IG suvesh kumar singh aur CO nityanand ray sidhe kaanuni taur per jimmdaar honge.

    VINOD BHARDWAJ

    Reply
  • Devesh Tripathi(Meeruth) says:

    Vinod Ji

    “JUSTICE DELAYED IS JUSTICE DENIED”

    AAp bhi kin logo se sawaal pooch rahe hain ……ye log (DGP & STF) dhratrashtra aur gandhari jaise hi hain jinhe kuch bhi dikhayi nahi deta ……….balki ye to unse bhi ek kadam aage hain kyunki inhe to sunaayi bhi nahi deta……….
    Agar inhe is maamle ki nishpaksha jaanch karni hoti aur conspiracy ko kholna hota to 5 mahine ka samay nahi lagta….

    Itna samay lekar inhone apne iraade saaf jahir kar diye hain ki aap chahen kuch bhi kar lein,kitne bhi saboot de dejiye lekin hum to apraadhiyon k saath hain aur unhi k saath rahenge.

    Shrimaan DGP mahodaya,kabhi aam janta ka bhi saath de kar dekhiye aapko pata chal jayega ki sach ka saath dene se dil ko kitna sakoon milta hai……

    Reply
  • Is khabar ko padhne k baad mujhe lagta hai ki management ka jo ravaiya vinod ji k saath raha usse pratham drastya management ka involvement is poori conspiracy me saaf pata chalta hai,,,,,,,
    # sabse bada sawaal to yahi hai ki aakhir kyun management ne apne 23 saal purane employee ko yu hi jaane diya ,
    # kya kabhi koi chahega ki uski neev kamjor ho
    # aakhir unka istifa sweekarne ki aisi bhi kya jaldi thi ki prabandhan ye bhi bhool gaya ki jo istifa unhe diya gaya hai usme saaf likha hai ki office me chalne vaale aapradhik kshadyantro aur management dwara dikhaye ja rahe asaheyogatmak , nakaratmak aur poorvagrah se grasit behavior se dukhi hokar hi yeh istifa diya ja raha hai.

    # Is istife ko sweekarkar prabandhan ne swayam hi yeh maan liya ki unke office mein conspiracy hoti hain jo ki management k hi isharo par ho rahi hai aur inhe rokne k liye prabandhan koi kadam nahi uthayega….

    Vinod Sir ko meri salaah yehi hai ki Vo is maamle ko ya toh CM tak le jaayen ya phir Court me jaayen……………
    ALL D BEST VINOD SIR…….

    Shalini
    Correspondent
    Sahara

    Reply
  • Itne comments kay baad ab mere paas kisi ka charitra chitran karne k liye shabd nahi bache

    Par kuch prashna jaroor hain Jaise ki-
    ***aakhir itni badi ghatna hone k baad bhi jagran prabandhan, police vibhag(mukhya rup se dgp or stf) aakhir khamosh kyun hain?????
    ***bhadas par is khabar ko aaye 5din ho gaye hain lekin ab tak jagran prabandhan kuch kar kyun nahi raha………………
    ***kuch na karke to prabandhan shayad yahi batana chahta hai ki chahe kitna bhi hulla macha lo lekin hum to aankh or kaan band karke baithe hain,,muh to hai lekin usey hum kholenge nahi kyunki agar muh khola to hum or bhi bure phans sakte hain,isliye inhe jitna hulla machana hai macha lene do kyunki jaanch ki report to stf hi banayegi or vo bhi humare favour me kyunki ahir humare paas paise aur power ki koi kami nahi hai..STF or DGP aakhir hain to humare hi log.

    Reply
  • saurabh singh says:

    sabse pehle to mein yashwant ji ka shukriya ada karna chahta hu jinhone itni badi ghatna ko pramukhta k saath apne blog me jagah di aur ummid karta hu ki jo jung vinod ji ne shuru ki hai usey anzaam tak pahunchane me aap unka bakhoobi saath denge aur is ghatna se sambandhit followup actions ki jankari bhi hume dete rahenge.
    vinod ji se mein yeh janna chahta hu ki kya is ghatna k bhadas par aa jaane k bad jagran prabandhan ne ya police prashasan ne unse koi baat ki….
    Itni sharmnaak ghatna ka hona poore patrakarita jagat k liye ek aisa kaala dhabba hai jo shayad hi kabhi door ho sakega…
    Meri samajh me toh ye nahi aa raha hai ki apne hi field se jude ek senior vyakti k saath itni badi ghatna hone k baad bhi press or media aakhir khamosh kyun hai,khabron k peeche bhagne vale ye log aakhir is khabar ko pramukhta se kyun nahi utha rahe
    Mein kewal itna chahta hun ki jo bhi vyakti is ghatna me sanlipt ho or doshi ho unhe kadi se kadi saja di jaaye phir chahe vo agra unit ka koi karmchaari ho ya phir prabandhan ka koi aadmi…..

    Reply
  • Manu Kulshreshtha says:

    AB HUM SAB UNCLE JI K SATH HAIN
    IN LOGO KE UPER TO SECTION- 34 {(I.P.C.)Acts done by several persons in furtherance of common intention} /
    Section 149 {(I.P.C). Every member of unlawful assembly guilty of offence committed in prosecution of common object}
    KE TAHAT POLICE KO CASE FILE KERNA CHAHIYE KYUNKI INLOGO NE EK CRIMINAL OFFENCE KIYA HAI OR IS K PICHE KITNE LOG HAIN OR UNKA KYA OBJECT THA IS OFFENCE KE PICHE YA FIR WO LOG FIR SE AISA KARENGE YE TO WO LOG HI JANTE HONGE IS LIYE VINOD UNCLE JI KO, OR UNKI FAMILY KO POLICE PROTECTION DENA HI CHAHIYE.
    OR UN LOGO KE KHILAF INVESTIGATION KIYA JANA CHAHIYE TAKI KADA ACTION HO SAKE. AGAR UNKE UPER CASE FILE NAHI HUA TO YAHAN PER BHI KAI SARE ANNA HAZARE PAIDA HO JAYEGE. OR LOKTANTRIK TARIKE SE SAB AWAZ UTHAYENGE OR PHIR POLICE KO UN LOGO K KHILAF CASE CHALANA HI PADEGA
    IS LIYE AB HUM CHUP NAHI RAHENGE………………………JAI HIND……..

    Reply
  • K.V.S. Sikarwar says:

    अबे बेटा मदन मुझे ऐसा लगता है की तुम अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हो या फिर जागरण के ही कोई टट्टू हो. बेटा जागरण का तो बुरा वक्त शुरू हो चुका है तुम खुद को क्यों बर्बाद करना चाहते हो? अगर मदन तुम्हारी आँखों में जरा सी भी हैया बाकि है तो अपने घर आराम से बैठ जाओ. अन्यथा जिस दिन तुम हाथ लग गया तो तुम्हे तो शायद किसी भी डॉक्टर की जरुरत भी नही पड़ेगी. कहावत तो सुनी होगी कि अगर कुकर की पूंछ हाथी के पैर के नीचे दब जाये तो उसकी भलाई इसी में है कि वो बिना भोंके अपनी पूंछ को हाथी के पैर से निकल कर चलता बने. प्रिय मदन जी ये कहावत आपके ऊपर एकदम सही बैठती है. अब तुम्हारी भलाई इसी में है कि तुम विनोद सर के बारे में आगे से ऐसा कुछ न कहे. और अपनी बुध्दी को सही करने के लिए इन सब बातों को छोड़कर पूजा पाठ में अपना मन लगाए. भगवन आपको साद बुध्दी दे. k.v.s. sikarwar agra

    Reply
  • Mai bhi Jagran ka karmchri hu aur Aanand Sharma ke sath maine kaam bhi kiya hai. unhi ke shbdo me kahe to “NE (sampadak) banana unka sapna tha, aur ve ban aur chahe jaise. esliye sabhi sudar jaoo nahi Aanand sharma naukari se nikal denge ” Es samay agagra office me kisi bhi editorial wale se baat kar lijaiye, apne aap Aanand sharma ki haquikat pata chal jayegi. kahne ki jarurart nahi vo sampadak kaise bane hai.

    Reply
  • VINODJI
    JISNE APKI HATYA KA PRAYAS KIYA, KYA AP USSE DARTE H, SHAYAD HAN. TABHI TO APNE USKA NAAM NAHI LIKHA HAI. AB AP KRIPA KRKE USKA NAAM BHI BATAIYE YA ABHI TK DAR LAG RAHA HAI..

    Reply
  • raj sharma says:

    jis vyakti ne ungli pakad kar chalna sikhya…usne hi kameen pana de diya……yahi kalyug hai…media line mian is tarah ki sajish kaafi sharm naak hai…usse bhi sharmnaak hai ki sanstha ke malikon ne jo ahsaanfaramoshi dikhaiii……sewa ka aisa sila……aaj ke jamane ke yuva isliye ek sansthan se bandh kar nahi rahte..kyon ki wah jaante hain ki kisi bhi news paper ka malik unka hit kabhi nahi soch sakta….wah lala hai aur kamane wale ghode par hi daav lagat hai…

    Reply
  • shriman rakesh ji
    lagta hai ki aapka mansik santulan bigda hua hai shayad isiliye aap ye keh rahe hain ki vinod ji ne ab tak saajish karne vale ka naam nahi liya hai………………..
    Yahan main aapko yeh batana chahunga ki vinod ji dwara sabhi tahyatmak aur jaroori saboot BHADAS par & samay-2 par STF ,DGP ko diye jaa chuke hain…………………..
    Vinod ji ka maksad kisi vyakti vishesh k saath apni koi personal dushmani nikalna nahi hai,unka maksad to nyaya lena hai……..
    Isi kaaran unhone kaha hai ki Pratham dhrashtya dooshi Doctor Parmar hai aur agar Doctor Parmar se poochtaach ki jaaye to poora maamla aur is mamle se jude sabhi shadyantrakarion ka naam khud ba khud hi saamne aa jayenge……

    Rahi baat yeh ki jaisa aapka kehna tha ki kya vinod ji ko kisi ka daar hai to uska jawaab ye hai ki Darte vo log hain jo kuch galat kar rahe hon,vinod ji apne haq ki ladai lad rahe hain aur yahi kaaran hai ki unhone swayam hi jagran ki naukri ko laat maar di aur aaj ye poora mamla national level tak aa pahuncha hai.
    Ab vo din door nahi jab is poore maamle par se parda uthne vala hai aur un sab shadyantrakariyon ko saja hone vaali hai………..
    Ummid karta hu aapko apne sawaal ka jawaab mil gaya hoga,yadi ab bhi koi sawaal ho to aap khud seedhe vinod ji se baat kar sakte hain(itni himmat to shayad aapme hogi) aur agar nahi ho to apna contact no. bhadas par daaliye,mei khud aapko hindi me sab samjha doonga.

    Reply
  • Vinod Bhardwaj says:

    Dear rakesh ji,
    aapka comment dekhker jabab dena jaruri ho gaya hai. darr shabd meri dictionary mai nahi hai. darta to mai sirf bhagwan se hun, aapne kaha ki mai mukhya saajis karta ka naam kyu nahi likh raha hun. mai aap sab ko batana chahta hun ki mai ye nahi chahta tha ki ki koi mujhse ye keh sake ki mai kisi purvagrha se grasit hoker naam le raha hun. jais aki maine kaha tha evidence 3 type ki hoti hai. mere paas doctor k khilaf 100% documentary or eye evidence hai. kanoon k anusar
    sajis karne wale ka naam investigation officer ko doctor se poochtach k baad kholna chahiye. mai chahta hun ki case per kaam kanoon ki paridhi me thos saboot k aadhar per ho. circumstantial evidence k aadhar per or co-incidence k aadhar per mujhe ye kaahne me kisi se koi darr nahi hai ki ush dauraan mujhe hospitalised karane ka laabh sirf 1 aadmi ko tha or uska naam anand sharma hai. samay aane per mai court mai apne aaropo ko siddh bhi karunga. sahi baqt ka intzaar kijiye .mai ish blog per likhne wale sabhi mahanubhawo se ye anurodh avasya karunga k apne comment mai samanya sistachar ka palan kare or kisi k bhi prati avhadra bhasa ka or gaali galoj ka use na kare. kripya meri baat ko anytha na le kyu ki yadi nyay ka saath dene wale hi avhadtra karenge ya avhdra bhasa ka use karenge to fir apradhiyon ko anabasyak sahanubhuti milegi. nischint rahiye nyay ki ish jung ko anjaam tak le jane se mujhe koi nahi rok payega.
    Thanks for your moral co-operation

    Reply
  • its really very pathetic that being a loyal employee, sir u have been targeted by your company itself .they dont have the right to do so .and a conspiracy against u that is certainly a crime that was attempted by others . being a human we have no right to hurt others and that is done by ur enemies. so v all r with u sir and we really respect ur decision to stand against this.truth has to come outside.truth can be delayed sometime but cannot be hidden .

    Reply
  • madan kumar tiwary says:

    विनोद जी , मिस्टर आज़ाद , रवि शर्मा , मनीष तिवारी , अधर शर्मा , के वी सिकरवार तुम लोगो का कमेंट पढा । तुममे से कुछ ने लिखा है कि फ़र्जी नाम से कमेंट किया है मैने । मुर्खो जिंदगी भर यही करते रहे इससे उपर उठकर सोच भी नही सकते पहले अपना पता सहित सबकुछ दे देता हूं ताकि अपने जैसा चिरकुट न समझो । मदन कुमार तिवारी , समीर तकिया, पुलिस चौकी के पास , गया , बिहार । फोन ०६३१-२२२३२२३, मोबाईल – ०९४३१२६७०२७, ब्लाग http://www.madantiwary.blogspot.com . कानूनी सलाह भी देता हूं http://www.lawyersclubindia.com/profile.asp?member_id=75212 । विनोद भरद्वाज ने तो कम से कम एक सभ्य भाषा का ईस्तेमाल किया है , लेकिन के वी एस सिकरवार नाम के कायर ने धमकी दी है । मुर्ख सिकरवार तुम्हारे जैसों की धमकी का अर्थ क्या होता है मुझे पता है । जिंदगी गुजर गई होगी चमचागिरी करते , पहले हिम्मत पैदा करो । महा कायर आदमी है तुं। तुझे तु तु आ आ तु तु कहकर बुलाने का मुड करता है लेकिन कुतो का मैं बहुत सम्मान करता हूं उनका अपमान होगा उनके साथ तुम्हारी तुलना करना। मुझे लगता है तुमलोग जैसे चिरकुटों के कारण हीं हिंदी पत्रकारिता का यह हाल है । खैर अब बहस करने लायक कुछ है हीं नही और न हीं तुम चिरकुटों से ्बहस का मुड है । जवाब इसलिये दिया की समझ सको जिंदा ईंसान हूं और फ़र्जी काम या नाम कुछ भी नही है । बाकी अपना पता सहित सब दे दिया कुछ कर के मेरे खिलाफ़ दिखाओं वरना मुझे शक होगा की अपने असली बाप की औलाद हो या नही तुमलोग ।

    Reply
  • Ankush Dwidedi says:

    Shriman MadanTiwariJI apki identity par mujhe koi sandeh nahi kintu apke comment likhne k motive aur intentions par mujhe sandeh hai,apne kaha hai ki aap kanuni salah dete hai to iska matlab hai ki apko kanun ki jankari honi chahiye aap mujhe ye batayen ki
    ##agar koi bina bulaye hi apko koi dawa dene chala aaye aur dawa khane ki jid karne lgae aur usii dawa ko khane k matra 20 min. ke bhitar hee agar kisi ko hospitalized kar dena pade to iska kya matlab nikala jaye?
    ##agar hospitalized hone k baad apka treatment karne vale doctors hee apko yeh batayen ki jo haalat 16-17 tarah ki tamam nasheeli dawaon ko khane ke baad hoti hai vahi haalat apki thee to iska kya matlab nikala jaaye?
    ##apke kahe anusar doctor kabhi jeher nahi de sakta jabki usi doctor ki dee hui dawaon ki forensic jaanch me ACUTE NARCOTICS DRUGS paaye jaayen to iska kya matlab nikala jaaye?
    ##sawaal ye hai ki agar doctor nirdosh hai toh uski dee hui dawaon me narkotics drugs kaise paaye gaye,ye drugs kahan se aaye?
    ##jab DGP ko iss mamle ki jankari de di gayi thi phir bhi aaj 5 maah beet jaane k baad bhi doctor k khilaf police dwara na to koi case file kiya gaya aur na hi aaropi doctor ya phir iss mamle se sambandhit kisi bhi vyakti se koi poochtaach ki gayi,aakhir STF k is nakaratmak vyavhaar aur tamam loopholes ka kya matlab nikala jaaye?
    ##jab iss mamle ki jankari jagran prabandhan ko de di gayi thi phir bhi prabandhan ne apne hi office me hui i9ss ghatna ki kisi bhi prakar ki koi jaanch karne ki jehmat nahi uthayi,aakhir prabandhan k is s nakaratmak aur asahayogatmak vyavhar ka kya matlab nikala jaaye?
    ##ek aarop patra ko hi istifa samajhkar sweekar kar lene k prabandhan ke nirnay ka aakhir kya matlab nikala jaaye?

    Ab jab aap swayam ko ek bahut bada kanoon ka jaankar ghoshit kar hi chuke hain to mera aapse ye sa-aadar nivedan hai ki uprokt prashno ko sandarbh me lete hue krapya apni ati mahatvpoorna kanooni salah bhadas par avashya likhen jis se ki humara kanooni gyan bhi thoda sa bhad sake..

    Dusro ko sabhyata ka gyan baant te-baant te shayad aap yeh bhool gaye ki jis bhasha ka prayog aapke dwara kiya gaya hai veh ek aam insaan k liye toh shayad sabhya nahi ho sakti , lekin aapke liye sabhyata k kya maayne hain, kya paribhasha hai ye meri samajh se parey hai.

    Vaise apke blogpost maine padh liye hain aur unhe padhne k baad maine aapke baare mein apni ek rai kayam ki hai jise mein aapki kanooni salah padhne k baad bhadas par bata doonga…

    ummid karta hu ki aap mere prashno ka uttar mujhe jaroor denge aur apni atiavashyak kanooni salah bhi yahan jaroor denge.
    DHANYAVAAD

    Reply
  • adharsharma says:

    tiwari, pahle chatukarita ki paribhasa seekho. jo patrakar company malikon ki tareef aur paksh leta hai. use chatukarita ka madle diya jaata hai aur is khel main tu kaafi aage nikal chuka hai. vinod ji ki jagah yah aarticle tere baap ne likha hota tab bhi farzi batata tu. tere jaise logon ne media line ka naash kar diya hai.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.