पत्रकार की पिटाई होती रही, विधायक तमाशबीन बने रहे

बख्तियारपुर :  बिहार में नीतीश शासन की दूसरी पारी में अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है. अपराधी तांडव कर रहे है और पटना पुलिस मसाज पार्लरो और पार्कों में छापामारी कर लडकों लड़कियों को एक दूसरे से करीब आने से रोकने के अभियान में लगी है. इसी पटना जिला के बाढ़ अनुमंडल में अपराधियों का मनोबल कुछ इस कदर बढ़ा हुआ है कि अब पत्रकार भी लगातार निशाने पर हैं.

ताजा मामला बख्तियारपुर के प्रभात खबर संवाददाता सबल कुमार का है,  जिनकी अपराधियों ने हथियार के बल पर जमकर पिटाई कर दी और कैमरा छीन लिया. सारा तांडव बख्तियारपुर के विधायक अनिरुद्ध यादव के सामने हुआ, पत्रकार पिटता रहा और विधायक तमाशा देखते रहे. विधायक के साथ रहे सुरक्षा गार्डों ने भी पत्रकार को बचाने की को‍ई कोशिश नहीं की.  उनके लगुये भगुए भी तमाशबीन बने रहे. तीन की संख्या में रहे अपराधियों ने जब अपनी मनमानी कर ली और पत्रकार सबल कुमार को पीट कर चलते बने तब विधायक हरकत में आये.

सबल कुमार ने इलाके के डीएसपी रामानंद कुमार कौशल को सूचना डी और विधायक ने भी उसी समय डीएसपी रामानंद कुमार कौशल से कार्रवाई की मांग की. विधायक अनिरुद्ध यादव के पैतरे से भन्नाए डीएसपी रामानंद कुमार कौशल ने तत्काल उलाहना दे दी की कार्रवाई उनके गार्डों ने क्यों नहीं की. डीएसपी रामानंद कुमार कौशल ने विधायक अनिरुद्ध यादव से यह भी शिकायत की क्यों नहीं उन्होंने अपने गार्डों को पत्रकार के हमलावरों के पीछे दौड़ाया. सारा घटना क्रम तब हुआ जब विधायक अनिरुद्ध यादव गंगा कटाव का निरिक्षण करने गए थे.

पत्रकार ने पुलिस थाने को लिखित सूचना दे दी है और नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. बताया जाता है की विधायक अनिरुद्ध यादव इसलिए मौन रहे क्योंकि हमलावर उनके स्वजातीय थे. पत्रकार को उनके अखबार प्रभात खबर ने भी ईनाम दे दिया. यह इनाम है सबल को अखबार की सेवा से हटाये जाने का. ताजा सूचना है कि सात अगस्त को पत्रकार सबल कुमार अपराधियों क़ी गुंडागर्दी के शिकार हुए और शाम में अखबार ने उनको हटाये जाने का फैसला कर दिया. इससे पहले इसी अनुमंडल के बाढ़ थाना इलाके में सहारा समय के संवाददाता कमालुद्दीन को भी बदमाशों ने धमकाया था कि वो बलात्कार क़ी खबर ना चलाएं.

बाढ़ इलाके में तीन दिनों में पत्रकार उत्पीड़न का यह दूसरा मामला है. यहाँ यह बता देना गौरतलब होगा कि सुशासन का नारा देने वाले राज्य सरकार के मुखिया नीतीश कुमार बाढ़ इलाके से लगातार पांच बार सांसद रह चुके है और केंद्र में मंत्री भी. दोनों ही मामले में कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुयी है, जिससे पत्रकारों में रोष व्‍याप्‍त है. शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है.

पटना से कृष्‍ण कुमार की रिपोर्ट.

Comments on “पत्रकार की पिटाई होती रही, विधायक तमाशबीन बने रहे

  • khabrilalreporer says:

    main aap ko bata do prabhat khaber ki purani fitrat hain ki jab unke patkaro par aanch aaye to use aakhbar se hata dena ji ha is bare main aap ranchi or jamshedpur main pata laga le

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  • bhai patrakar banoge to ye sab hoga hi.aakhi log ye kyown nahi samajhte ki patrakar ek khas byakti ka naukar hota hai….waise bhi aaj kal to har jagah patrakarown ko kutte ki nigah se dekha jata hai….isiliye bhai dukan khol lo lekin patrakar nahi bano—-ek patrakar ki pira–

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