पत्रकार जब भी जागें, प्राणायाम जरूर करें : रामदेव

संथाल परगना के अपने चार दिवसीय दौरे के आखिरी दिन बाबा रामदेव देवघर से प्रकाशित होने वाले प्रभात खबर के दफ्तर पहुंचे. प्रभात खबर के स्थानीय संपादक संजय मिश्र ने उनका स्वागत किया. इसके बाद योग व स्वाभिमान यात्रा से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि प्रभात खबर ने युवा पत्रकारों की टीम बनायी है.

रामदेवयुवा पत्रकारों के कारण ही प्रभात खबर मात्र अखबार नहीं आंदोलन का नाम है. देर रात तक जागने और सुबह देर तक सोने वाले पत्रकार आखिर कैसे स्वस्थ रहें, इस सवाल के जवाब में बाबा ने कहा कि जब जागें तभी सवेरा. पत्रकार सुबह जब भी जागते हों, उन्हे नित्य क्रिया से निवृत होने के बाद प्रणायाम करना चाहिये. अच्छी पत्रकारिता कैसे हो सकती है? इसके जवाब में बाबा ने बताया कि आत्मा की सुनो. समाज व देश के कल्याण के लिए लिखने से कभी नहीं हिचकों. इससे पहले बाबा दैनिक प्रभात खबर के प्रिटिंग प्लांट गये व अखबार छपाई की बारीकियों से अवगत हुये.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “पत्रकार जब भी जागें, प्राणायाम जरूर करें : रामदेव

  • jitendra kumar singh says:

    स्वागत की यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए. इस से पत्रकारों का मनोबल ऊचा बना रहता है. संजय मिश्राजी इस बात को बखूबी जानते और समझते है.

    Reply
  • madan kumar tiwary says:

    बाबा राजीव दीक्षित के प्राण तो आपने ले हीं लिया और कितने पत्रकारो को मारने का ईरादा है। पेट अंदर बाहर करने वाले आपके मदारीनुमा योग ने बहुतों को अस्पताल पहुंचा दिया है। अब तो पतांजली योग पर रहम करो। पातांजली की आत्मा को बख्श दो बाबा। दवा बेचो , वह भी हिन्दुस्तान में किसी विकसित मुल्क में बेचने जावोगे तो सीधे कानून का फ़ंदा मिलेगा । वहां मानकहिन दवायें बेचना अपराध है।

    Reply
  • SWAMI JI KI BAAT AGER HAMAARE JOURNALIST BHAI MAAN LE TO YE JO MORAL DEGRADATION KA TIME MEDIA MEIN CHAL RAHA HAI VO APNE AAP KHATAM HO JAAYEGA.

    Reply
  • [b]achha to ab baba ye bhi batayenge ki patrkarita kaise hoti hai.
    inki baton men rahenge to sara samay to yog men hi nikal jayega, phir ho gayee patrakarita[/b]

    Reply
  • Rajendra upadhyay says:

    Jis prakar ak swasth shashir main swasth dimag rahata hai tthik usi prakar Pratrakarita ke shetra main bhi tan, man ka swasth rahana jajoori hai. Isliye patrokaron ko Baba Ramdev dwara sujhaye gaye marg ka anusaran karana chahiye.isase swasth aur sakaratmak patrakarita ho sakegi.aj jarurat hai rachanatmak awam srijanatmak patrakarita ki.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *