: डिप्टी सीएमओ की जमकर धुनाई हुई : होली आने से पहले ही गाजीपुर जिले में होली का नशा आबकारी विभाग और सरकारी अफसरों पर चढ़ने लगा है. दारू के दाम को लेकर डिप्टी सीएमओ से आबाकारी के लोग भिड़े ही, पत्रकार पर भी हमला किया गया. घायल पत्रकार की तहरीर पर आबकारी निरीक्षक और हेडकांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. दलील सुनने के बाद सीजेएम ने दोनों को जेल भेज दिया.
होली से पहले शराब के दुकानदार आबकारी विभाग के कर्मियों की शह पर निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर शराब बेच रहे थे. जिले में डिप्टी सीएमओ के पद पर तैनात डा. आरके मेहरा एक दुकान में शराब पी रहे थे. दुकानदार द्वारा जब शराब की कीमत तय मूल्य से अधिक मांगा गया तब डिप्टी सीएमओ साहब ने अपना परिचय दिया, इस पर दुकानदार ने अधिक पैसे लिए जाने की बात आबकारी विभाग से जाकर पूछने का कहा. जिसके बाद डाक्टर साहब तुरंत आबकारी विभाग पहुंच गए. वहां विभागीय लोगों से अधिक पैसे लिए जाने के बारे में पूछने लगे. जिस पर वहां के अधिकारियों तथा आबकारी निरीक्षक के कहने पर कर्मचारियों ने डाक्टर साहब की जमकर धुनाई शुरू कर दी.
इस घटना की जानकारी मिलने पर वाराणसी से प्रकाशित होने वाले दैनिक आज के फोटोग्राफर गुलाब राय भी मौके पर पहुंच गए तथा फोटो लेने लगे. अपनी फोटो लिए जाते देख विभागीय लोग डाक्टर को छोड़ कर पत्रकार पर टूट पड़े. इनकी भी जमकर सुताई की गई. गुलाब से कैमरा छीन लिया गया. जब इलेक्ट्रानिक मीडिया के लोग पहुंचे तो उनसे भी विभागीय लोगों ने बदतमीजी करनी शुरू कर दी. कैमरे छीनने के प्रयास किए गए. पत्रकारों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंचकर डाक्टर को ही पकड़ लिया. आबकारी के कर्मचारियों के बारे में पूछताछ करने पर आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर कोतवाल से ही भिड़ने की कोशिश की.
पत्रकार जब उक्त आबकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे तो तो पास ही बैठे अपर पुलिस अधीक्षक के इशारे पर वह वहां से उठकर भागने लगा. जहां पत्रकारों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. मामला बिगड़ते देख अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश पाण्डेय वहां से खिसक लिए. इस घटना के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने डिप्टी सीएमओ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन आबकारी विभाग के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया.
घायल पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, हेडकांस्टेबल विन्ध्याचल राय सहित दस लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 392, 143 एवं 323 के तहत मामला दर्ज कर लिया. बाद में पुलिस ने किसी दबाव के चलते धारा 392 हटाकर 356 लगा दिया. इसके बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. जहां धाराओं में कुछ संशोधन के बाद सीजेएम ने आरोपियों को जेल भेज दिया. जमानत की सुनवाई अगले दिन के लिए टाल दिया गया.
गाजीपुर से अनिल कुमार की रिपोर्ट.












QUABIZ
March 11, 2011 at 1:48 pm
desh bhar ke patrkaro ko aek ho kar patrkar virodi gatividhiyo ka moh tod jawab dena chaiye
patrkar par hamla desh ki vichar dhara par hamla hey
sriram jaiswal
March 11, 2011 at 4:11 pm
prees pe hamla huaa hai, sabhi patrkaro ko cahiye ki aise adhikario ko juta juta maro fir baad me mukdma likhaoo. iske sath hi pool khol k rakh do salo ki. batado ki hase bada kun sala gunda ho gaya, press wale ager ek baar man banakar tamam vibhago pe focas kar de to mantri se lekar santri tak adhikari se lekar karmcari tak sab sale nange ho jayenge…..
(sriram jaiswal patrkar AMAR UJALA jakhniya ghazipur