आखिर क्या वजह है कि अन्ना आंदोलन की घोषणा करते हैं, और मीडिया में छा जाते हैं. आखिर क्या वजह है कि अन्ना के आगे हर बार सारी खबरें बौनी बन जाती हैं और अखबार से लेकर टीवी चैनल तक पर बस अन्ना अन्ना और अन्ना नजर आते हैं. पिछले चार दिनों से आलम कुछ ऐसा है कि क्रिकेट टेस्टमैच की खबरें भी कहीं पीछे छूट गईं और अन्ना 24 घंटे टीवी स्क्रीन पर चमकते रहे.
इन कारणों को समझने के लिए जानना होगा अन्ना के उन चाणक्यों के बारे में, जो मीडिया मैनेज नहीं करते बस मीडिया को समझते हैं और मीडिया अपने आप मैनेज होती चली जाती है. ये चाणक्य हैं, अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, किरण बेदी और मनीष सिसौदिया. बाकी लोगों के बारे में तो हर कोई जानता है पर मनीष सिसौदिया को कम लोग जानते हैं.

मनीष सिसौदिया
मीडिया मैनेजमेंट का इससे बेहतरीन नमूना हिंदुस्तान के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया. जब से अन्ना ने आंदोलन का ऐलान किया है अन्ना की टीम ने सरकार को हर चाल में मात दी है. मीडिया को मैनेज करने के लिए अन्ना की टीम के पास बकायदा एक नियमावली है. जिसका टीम का हर सदस्य कड़ाई से पालन करता है. सिर्फ प्रेस मीडिया मैनेजमेंट ही नहीं टीम अन्ना ने अपने आंदोलन से ऐसे पत्रकारों को भी जोड़ा है जो मास मीडिया की कार्य प्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ हैं.
मीडिया को दोस्त बनाकर कब कहां और कैसे ब्रेकिंग न्यूज चलवानी है. ये बात अन्ना की टीम बखूबी समझती है. इतना ही नहीं, न्यूज चैनलों के टाइम स्लॉट को समझकर मीडिया स्ट्रैटजी तैयार करना टीम अन्ना की सबसे बड़ी खासयित है और इसके पीछे है उन पत्रकारों का दिमाग जो अन्ना के साथ काम कर रहे हैं. जी न्यूज के पूर्व पत्रकार, मनीष सिसोदिया और स्टार न्यूज की जानी मानी एंकर रहीं, साजिया इल्मी मीडिया को समझती हैं. खबरों में अन्ना और उनका आंदोलन कैसे रहे इसकी बारीकी इन्हें पता है. इसके अलावा एनडीटीवी से जुड़े अभिनंदन शेखरी ने भी अन्ना के आंदोलन को काफी हद तक मीडिया फ्रेंडली बनाया है.
सिर्फ मीडिया मैनजमेंट ही नहीं आंदोलन के लिए तकनीक के इस्तेमाल में भी टीम अन्ना सरकार से कई कदम आगे है. आंदोलन के बारे में पल पल की जानकारी देने के लिए अन्ना की टीम ने एक कॉल सेंटर बनाया. इंडिया अंगेस्ट करप्शन नाम की वेबसाइट तैयार की जिसको हर पल अपडेट किया जाता है. आंदोलन से जुड़ी हर खबर इसके जरिए लोगों तक पहुंचाई जाती है. मोबाइल मेसेज के जरिए भी आंदोलन को पूरे देश में फैलाया गया.
वालंटियर्स की एक पूरी फौज है टीम अन्ना के पास जो चौबीसों घंटे फोन पर आंदोलन के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार रहती है. इतना ही नहीं टीम अन्ना ने अपना संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए रिएलिटी शोज का भी इस्तेमाल किया. साफ है कि अन्ना की टीम मीडिया मैनेजमेंट से लेकर सूचनाओं के प्रचार और जनमत बनाने में हर मामले में सरकार पर बीस साबित हुई है.
सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य को एक चाणक्य ने नंदवंश का नाश करके राजा बना दिया था. अब सोचिए अन्ना के साथ हैं 5 चाणक्य. ऐसे में अन्ना के आंदोलन का मज़बूत होना लाज़िमी
है. आइए जानें मनीष सिसौदिया के बारे में. टीम अन्ना के पांचवें चाणक्य हैं मनीष सिसौदिया. पेशे से पत्रकार रह चुके सिसौदिया, समझते हैं कि कैसे टीवी पर छाया जा सकता है. अन्ना के फैसलों में सिसौदिया भी शामिल रहते हैं. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार अन्ना के सामने ऐसे झुक जाएगी ये खुद सरकार को भी गुमान नहीं होगा और इसकी वजह है टीम अन्ना. जी हां सिविल सोसायटी से एक और शख्स जुड़ा है जो मीडिया की नब्ज़ को अच्छे से जानता है और उसका नाम है मनीष सिसौदिया.
अन्ना के फैसलों में सिसौदिया का भी अहम रोल होता है. आज अन्ना का आंदोलन मीडिया में छाया हुआ है तो शायद उसकी वजह मनीष सिसोदिया ही हैं क्योंकि मनीष सिसौदिया एक टीवी पत्रकार रह चुके हैं और टीवी पर छाए रहने के गुर उनसे बेहतर अन्ना को कौन बता सकता है? मनीष सिसौदिया आरटीआई, यानी राइट टू इनफॉर्मेशन से जुड़े हुए हैं. सरकारी कार्यप्रणाली में खुलापन और पारदर्शिता लाने के लिए 2005 में इस अधीनियम को बनाया गया था. आरटीआई लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत बनाने, करप्शन हटाने, जनता को अधिकारों से लैस बनाने और देश के विकास में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हुआ.
मनीष सिसौदिया केजरीवाल के साथ परिवर्तन संस्था से भी जुड़े हैं यानी भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कब क्या करना है और खास कर मीडिया में कैसे बने रहना है ये गुर सिसौदिया को ठीक से पता है और ऐसे में अन्ना और आंदोलन कैसे बने रहें सुर्खियों में इसके पीछे सिसौदिया के सलाह की अनदेखी नहीं की जा सकती. साभार : आजतक












tमदन कुमक़र तिवारी
August 19, 2011 at 7:38 pm
अभी बहुत कुछ देखना बाकी है । कबीर संस्था को दो लाख डाल्र मिला है इस आंदोलन को चलाने के लिये यह नही पता है । मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब आप गालियां बकना शुरु करेंगें । इनलोगों को । सरकार सेअ गलती हुई । पाच – दस दिन तक और रखती अंदर तब अन्ना ग्रुप की बैचेनी का पता चलता । दो दिन में हीं ग्रुप की ऐसी-तैसी हो गई थी । जनता सिर्फ़ अन्ना – अन्ना चिल्ला रही थी । रविशंकर और रामदेव भी आ गये थें । पता चल्ता कि सभी चाणक्य मुह देखते रह गयें और एक नया ग्रुप बन गया ।
mirchinamak
August 20, 2011 at 4:49 am
Anna Ke Chanyke Maneesh Sisoudia je ko Naman jo itna Accha media management kiya Baba Ramdev Our Anna Hajare mein sirf ek hi baat ka fark hai wo hai media management jiske paridam swaroop Baba Ramdev flop ho gaye our Anna Hajare Hit. Jaihind
Sageer khaksar
August 21, 2011 at 2:17 am
Manish sir.apki karishmai vyaktiva aur jujharupan ko salam.sageer khaksar/IAC,siddharthnagar.9838922122.
adarsh prakash singh
August 29, 2011 at 5:29 pm
manish ji aap ka kam sarahniya raha, iske liye badhai. achha hoga ki media me ghusi gandgi ke virodh me bhi aap log bolen. is field me bhi bhrastachar hai. bade nam wale log hi ise badnam kar rahe hai
adarsh p singh . news editor jansandesh times lucknow
PankajPandey
August 31, 2011 at 7:19 am
dear madan k tiwari aap jaise jalankhor logon ke karan hi is desh me koi acha nahi ho pata. anna ji ko critisize karte ho gariyate ho apne khud is desh ke liye kya acha kiya ya ukhada hai ,yeh batao fir kisi ache kaam ki alochana karna.Jai Bharat Jai Hind
SHIV PRAKASH TIWARI
March 24, 2012 at 3:52 pm
dil ke rishte bhi ajeeb hot hai,
Dur hoke bhi kareeb hote hai,
Jo log aapko roj dekhte honge,
Wo log kitne khusnasib hote honge!
SHIV PRAKASH TIWARI
[CHAKAUNDH,CHITRAKOOT,U,P]