पत्रकार वेतन बोर्ड का प्रपोजल कैबिनेट को हफ्ते भर में

हैदराबाद : केन्द्रीय श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि अखबारी उद्योग के कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन के बारे में मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों पर नोट तैयार कर उसे एक सप्ताह के भीतर मंत्रिमंडल को भेज दिया जाएगा. खड़गे ने कहा कि पत्रकारों और गैर-पत्रकारों के वेतनमान में संशोधन के लिए गठित जस्टिस मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों पर विभिन्न मंत्रालयों की टिप्पणी मिल चुकी है.

उन्होंने कहा कि इसके बारे में नोट तैयार कर उसे एक सप्ताह के अंदर मंत्रिमंडल को भेज दिया जाएगा. खड़गे ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान एक समाचार एजेंसी के साथ हुई बातचीत में कहा कि मैंने जस्टिस मजीठिया से प्राप्त रिपोर्ट सभी संबंधित मंत्रालयों के पास भेजी थी. मुझे सूचना प्रसारण मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय की टिप्पणियां पहले ही मिल चुकी थीं. केवल कानून मंत्रालय की टिप्पणी आनी बाकी थी जो गुरुवार को प्राप्त हो गई.

रिटायर्ड जज जी.आर. मजीठिया की अध्यक्षता में गठित वेतनबोर्ड ने दिसंबर 2010 में श्रम मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट निश्चित समय के भीतर सौंप दी थी. लेकिन लगभग पांच महीने बीत जाने के बाद भी इसे अधिसूचित नहीं किया जा सका है. वेतनबोर्ड को जल्द लागू करने की मांग को लेकर कान्फेडरेशन ऑफ न्यूजपेपर एंड न्यूज एजेंसी एम्प्लायज आर्गेनाइजेशन्स पूरे देश में जगह-जगह धरना प्रदर्शन करता आ रहा है. हाल में कान्फेडरेशन के महासचिव एम.एस. यादव के नेतृत्व में कान्फेडरेशन ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी को ज्ञापन देकर उनसे मामले में हस्तक्षेप कर वेतनबोर्ड की सिफारिशों को तत्काल लागू कराने की अपील की थी.

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Comments on “पत्रकार वेतन बोर्ड का प्रपोजल कैबिनेट को हफ्ते भर में

  • It is good that proposal has been given to cabinet within a week, but government should give direction to the newspaper industries that the compulsion of implementation of the wage board. If the government not taking strict action against the newspapers who’s not implement the report the value and construction of wage board is waste. So govt. should be strict on the compulsion of implementing the wage board report. Hope the govt. taking the appropriate action on the wage board compulsion and give relief to the newspaper employees at the time of dearness crisis.

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  • ईश्वर सिंह says:

    भाई, थोड़ा जल्दिये रहे। छह महीना से आप लोग रिपोर्ट दबाकर बैठे हैं। अरे केवल अखबार के मालिकों व शीर्ष पदों पर तैनात लोगों के ही बारे में सोचिएगा कि युवा पत्रकारों का भी भला होगा।

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  • VETAN BOARD KI REPORT ISSI MAHINE LAGOO HONI CHAHIYE. JO REPORTER IMANDAR HAI AUR MASIK VETAN PER KAM KAR RAHE HAIN UNKI HALAT KHARAB HAI. RADIA EFFECT WALE PATRAKARON KI CHANDI HAI.

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  • सैलरी तो बढ़ जायेगी लेकिन नौकरी कैसे मिलेगी ??????????? बड़ी सीट पर बैठे छटे बदमाश (काश मैं इन्हें मुंह पर गाली भी दे पाता) सिर्फ तेलकों ओर साधने वालों को ही काबिल समझते हैं…..। अब पूरी खेप में 90 प्रतिशत ऍसे लोग हों तो….। इसलिये अगर आप में यह गुण न हों तो पत्रकार बनने के बारे में सपने में भी न सोचें…

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  • sameer tiwari says:

    rah takte_takte aah nikal jayegi…..dosto….ye sagoofa hai sirf..sirfiro ka…asliyat na samajh lena……bus dua yahi hai meri…..har bande ki kasti kinare lag jaye…veg board aye ya na aye…jai ho patrakarita ki….

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