पत्रिका और भास्‍कर के पत्रकारों को ढंग से नींद भी नहीं आ रही

हनुमानगढ़ में इन दिनों पत्रिका- भास्कर में खूब घमासान मचा हुआ है. दोनों अखबारों ने गंगानगर से अलग ”हनुमानगढ़-संस्करण” शुरू कर दिए हैं. प्रसार, विज्ञापन से ज्यादा इन दिनों समाचारों को लेकर जंग छिड़ी हुई है. दोनों के कार्यालयों में सम्पादक-मंडल में करीब 8 -9 पत्रकार होने के बावजूद अन्य अखबारों के पत्रकारों से भी सहयोग लिया जा रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि पत्रिका- भास्कर के पत्रकारों को सुबह होने के इंतजार में आजकल रात को नींद भी ढंग से नहीं आती है.

कुछ तो 4 बजते ही गेट पर खड़े होकर हॉकर का इंतजार करने लग जाते हैं. उनका बस चले तो वे गंगानगर से आती अख़बार ढोने वाली जीप के सामने ही चले जाएं. कारण सिर्फ एक है वो है ”डर”, डर लगता है उन्हें कि कहीं कोई समाचार छूट न जाए. क्राइम, कोर्ट, विभाग से लेकर सभी प्रकार के समाचारों के अलावा विशेष समाचारों (स्टोरी) पर भी ध्यान देना पड़ रहा है. पता चला है कि पिछले दिनों एक ही दिन में पत्रिका ने दो बड़े कोर्ट के समाचार छोड़ दिए, जिसे भास्कर ने छापा. इस पर पत्रिका ब्यूरो-चीफ को गंगानगर और जयपुर से खूब खरी-खोटी सुननी पड़ी.

Comments on “पत्रिका और भास्‍कर के पत्रकारों को ढंग से नींद भी नहीं आ रही

  • santosh jain.raipur says:

    Jab 2 Kunjdine ladti hai to kisi na kisi lampat seth ki kartoot ka bhanda chourahe par foot ta hain /aour Jab 2 Akhbar ladte hai to dhoti me band khabro ki ganth khulti hain /DAG se Kuch Accha hota hai To DAG Acche hai,

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