पाली में पत्रकारों के साथ भाजपाइयों ने की मारपीट, आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर

राजस्‍थान के पाली शहर में बांगड़ अस्‍पताल के ट्रामा सेंटर में एक हादसे की कवरेज करने मीडियाकर्मियों के साथ भाजपा जिलाध्‍यक्ष एवं उसके सहयोगियों ने मारपीट की. नाराज पत्रकारों ने जिलाध्‍यक्ष एवं उसके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत की है. परन्‍तु अभी तक गिरफ्तारी न होने से पत्रकारों में नाराजगी है.

जानकारी के अनुसार पाली के सिंधी कालोनी में एक मकान की बालकनी गिरने से कुछ लोग घायल हो गए थे, जिन्‍हें बांगड़ अस्‍पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था. उसी घटना का कवरेज करने सहारा समय के रिपोर्टर सुभाष रोहिशवाल, टीवी99 के रिपोर्टर दिनेश डुलगच, राजस्‍थान पत्रिका के प्रेस फोटोग्राफर शेखर राठौड़, एचबीसी चैनल के रिपोर्टर श्‍याम चौधरी व दैनिक नवज्‍योति के विक्रम परिहार अस्‍पताल पहुंचे. जब वे लोग अस्‍पताल पहुंचे तो भाजपा जिलाध्‍यक्ष महेंद्र बोहरा, शहर अध्‍यक्ष किशोर साबू, वरिष्‍ठ भाजपा नेता महेंद्र गोयल समेत दस लोगों ने मीडियाकर्मियों से बदतमीजी शुरू कर दी.

पहले कवरेज में बाधा उत्‍पन्‍न किया गया. जब मीडियाकर्मियों ने कहा कि उन्‍हें अपना काम करने से न रोका जाए तो भाजपाइयों ने पत्रकारों के साथ मारपीट शुरू कर दी. पत्रकारों ने इसकी जानकारी अपने सहयोगियों को दी. तत्‍काल कई पत्रकार अस्‍पताल पहुंचे. इन लोगों से भी भाजपाइयों की गरमागरम बहस हुई. इसके बाद सभी पत्रकार एसपी से मिलकर लिखित शिकायत की, जिसके बाद एसपी अजयपाल लाम्‍बा ने जांच कराकर मामले में उचित कार्रवाई का आश्‍वासन दिया. एसपी के निर्देश पर पत्रकारों का मामला शहर के कोतवाली थाना में दर्ज हुआ.

घटना के चौबीस घंटे बाद भी आरोपी भाजपाई पुलिस पकड़ से बाहर हैं. इस घटना से नाराज पत्रकारों ने इस मामले से सीएम अशोक गहलोत, उनके मीडिया सलाहकार को अवगत करा दिया है. पत्रकारों ने निर्णय लिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक राजकीय समाचारों का बहिष्‍कार किया जाएगा. प्रेस क्‍लब पाली के उपाध्‍यक्ष जितेंद्र कच्‍छवाह के नेतृत्‍व में आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है. जार ने भी सीएम को पत्र प्रेषित कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

Comments on “पाली में पत्रकारों के साथ भाजपाइयों ने की मारपीट, आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर

  • कुमार सौवीर, लखनऊ says:

    अरे ऐसा कैसे हो गया। पाली में तो नेता और पत्रकारों के सम्‍बन्‍ध बहुत मधुर रहे हैं। नेता या पत्रकार कैसा भी हो, दोनों में गजब का अंतर्संबंध दिखता है वहां। यह खबर कष्‍ट दे रही है।

    Reply
  • Deepak Patra says:

    Neta Aur Patrakar Dono Hi Doshi Honge. Kabhi-Kabhi Ham Patrakar Bhi Apni Seema Langhne Se Baaz Nahi Ate. Us Taraf Bhi Kaimra Ya Kalam Chala Deta Hain, Jahan Manviya Ya Samajik Taur Par Theek Nahi Hota, Sambhal Kar Reporting Karni Hogi Aur Dhairya Dono Pakshon Ko Rakhna Hoga.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *