Connect with us

Hi, what are you looking for?

प्रिंट

बहुत प्रताड़ित करता है ये इंदुशेखर पंचोली

: इसलिए हे अतुल माहेश्वरी जी, मेरा इस्तीफा अब स्वीकार कर लें : सेवा में, श्री अतुल माहेश्वरी जी, निदेशक, अमर उजाला,  सादर नमस्कार, महोदय, मैं अमर उजाला में पंचकूला यूनिट में कार्यरत था। जहां से 23 मई 2010 को मेरा स्थानांतरण लखनउ यूनिट के लिए किया गया। तबसे आज तक पूरी निष्ठा और मनोयोग के साथ मैं संस्थान को अपनी सेवाएं दे रहा हूं। क्षमता से अधिक कार्य करने का मेरा रिकार्ड रहा है। यह अलग बात है कि संपादक इंदुशेखर पंचोली का व्यवहार पहले दिन से ही मेरे लिए ठीक नहीं रहा। वे आए दिन मुझसे गाली गलौज करते रहे। पन्ने फेंककर सबके सामने उन्होंने मेरी बेइज्जती की। इसकी तस्दीक आप अमर उजाला के किसी भी स्टाफ से करा सकते हैं।

<p style="text-align: justify;">: <strong>इसलिए हे अतुल माहेश्वरी जी, मेरा इस्तीफा अब स्वीकार कर लें </strong>: सेवा में, श्री अतुल माहेश्वरी जी, निदेशक, अमर उजाला,  सादर नमस्कार, महोदय, मैं अमर उजाला में पंचकूला यूनिट में कार्यरत था। जहां से 23 मई 2010 को मेरा स्थानांतरण लखनउ यूनिट के लिए किया गया। तबसे आज तक पूरी निष्ठा और मनोयोग के साथ मैं संस्थान को अपनी सेवाएं दे रहा हूं। क्षमता से अधिक कार्य करने का मेरा रिकार्ड रहा है। यह अलग बात है कि संपादक इंदुशेखर पंचोली का व्यवहार पहले दिन से ही मेरे लिए ठीक नहीं रहा। वे आए दिन मुझसे गाली गलौज करते रहे। पन्ने फेंककर सबके सामने उन्होंने मेरी बेइज्जती की। इसकी तस्दीक आप अमर उजाला के किसी भी स्टाफ से करा सकते हैं।</p> <p>

: इसलिए हे अतुल माहेश्वरी जी, मेरा इस्तीफा अब स्वीकार कर लें : सेवा में, श्री अतुल माहेश्वरी जी, निदेशक, अमर उजाला,  सादर नमस्कार, महोदय, मैं अमर उजाला में पंचकूला यूनिट में कार्यरत था। जहां से 23 मई 2010 को मेरा स्थानांतरण लखनउ यूनिट के लिए किया गया। तबसे आज तक पूरी निष्ठा और मनोयोग के साथ मैं संस्थान को अपनी सेवाएं दे रहा हूं। क्षमता से अधिक कार्य करने का मेरा रिकार्ड रहा है। यह अलग बात है कि संपादक इंदुशेखर पंचोली का व्यवहार पहले दिन से ही मेरे लिए ठीक नहीं रहा। वे आए दिन मुझसे गाली गलौज करते रहे। पन्ने फेंककर सबके सामने उन्होंने मेरी बेइज्जती की। इसकी तस्दीक आप अमर उजाला के किसी भी स्टाफ से करा सकते हैं।

मैं ही नहीं, अखबार का एक भी कर्मचारी संपादक के व्यवहार से खुश नहीं है। उनकी निरंकुशता और तानाशाही का आलम यह है कि अपने सहयोगियों को पूर्वग्रहग्रस्तता के तहत प्रताड़ित करना उनका स्वभाव बन चुका है। इससे अखबार की कार्यसंस्कृति पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। हर साथी दहशत और खौफ के साये में नौकरी कर रहा है। मेरे ख्याल से यह स्थिति न तो संस्थान के हित में है और न ही कर्मचारियों के हित में। यहां कार्यरत महिला कर्मचारी भी डरी सहमी हैं। सबसे अहम बात है कि श्री पंचोली निष्ठावान सहयोगियों के साथ सलीके से पेश नहीं आते हैं। इससे मेरे जैसे कार्यरत यहां के तमाम साथियों का मनोबल टूट रहा है। अमर उजाला में मैंने कई सुयोग्य संपादकों के साथ कार्य किया और बहुत कुछ सीखा लेकिन इंदुशेखर पंचोली के व्यवहार से मुझे लगता है कि मेरी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। मेरी इच्छा है कि मैं अमर उजाला की पूरी जिंदगी सेवा करूं लेकिन संपादक का व्यवहार इसकी इजाजत नहीं देता। मैं अब आगे अपनी सेवाएं देने में असमर्थ हूं। निवेदन है कि मेरा त्याग पत्र स्वीकार करें और मेरा भुगतान कराने की कृपा करें। मैं आपका जीवन भर आभारी रहूंगा।

आपका

दुष्यंत कुमार तिवारी
उपसंपादक
इंप्लाई कोड- एलके310

Click to comment

0 Comments

  1. दोस्‍त

    November 17, 2010 at 4:04 pm

    पता नहीं क्‍यों सब के सब पंचोली जी के पीछे पड़ गए हैं। हर आदमी उल्‍टी सीधी बात कर रहा है। लखनऊ में भी कर रहा है और इससे पहले जयपुर में भी। सही आदमी को काम नहीं करने दे रहे हैं। अब तो समझ जाना चाहिए कि पूरा स्‍टाफ ही खराब है। एक तरफ पंचोली जी जैसे अच्‍छे, साफ सुथरे, गैर विवादित व्‍यक्ति हैं और दूसरी तरफ नकारों की फौज। एक नहीं सौ से अधिक नकारों की फौज है। केवल पंचोली जी अच्‍छे हैं। एक-एक कर्मचारी को निकालकर नए सिरे से नियुक्ति करें। तभी अखबार नंबर वन पर पहुंच पाएगा। वरना भगवान ही मालिक है। ऐसी ही हालत जयपुर में भी थी। लेकिन वहां मैनेजमेंट में पूरी टीम को हटाने का मादृा नहीं था। हटाया तो पंचोली जी को। पर यहां सतर्क रहने की जरूरत है। मैनेजमेंट कुछ करे, उससे पहले बदल डालिए पूरे लखनऊ की टीम को। इस बार मजाक नहीं कर रहा हूं।;D

  2. एडिटर

    November 20, 2010 at 2:45 am

    अलग-अलग नामों से लेकिन एक ही आईपी एड्रेस से ढेर सारे कमेंट आने और ज्यादातर कमेंट घटिया होने के कारण इस आर्टिकल पर प्रकाशित सभी कमेंट हटाए जा रहे हैं और आगे कोई कमेंट स्वीकार नहीं किए जाएंगे. अगर किसी को कुछ कहना हो तो वो अपने नाम, पहचान, मेल आईडी व तस्वीर के साथ अपनी बात [email protected] पर भेजे.
    एडिटर

  3. mahesh

    November 18, 2010 at 2:24 pm

    kisi k pass pancholi ji k mobile no. ho to bataye..pancholiji kam k jankar hai, agar log ye soch kar kam kare ki wo sabko kabil banana chahte hai to problem hi khatm ho jaye. maine pancholi ji k sath rajasthan me kam kiya hai, unka vision aur approch hamesha journlist wali rahi hai,so kamchoro pe gussa to aayega hi. pls mobile no ho to bataye.

  4. rupesh

    November 19, 2010 at 10:08 am

    pancholi k dost…i mean chamche…ek tu he unke gungaan ker raha hai…main toh bhadaas k dwara nahi balki tumhare office k logo se he unke baare mein jana hai aur office k halat k baare mein bhi…tu khush hai…toh achhi baat hai..yuen hi laga reh TP mein …tera bhi bhagwaan he malik..sabki baduyein tujhe bhi lagegi..

  5. Abhay kumar

    November 21, 2010 at 9:32 am

    यशवंत जी, आपने सारे कमेन्ट अचानक हटा दिए थे. अपने पाठकों पर कई आरोप भी लगा डाले. लेकिन अचानक पंचू के दोस्त का लिखा तीन दिन पुराना कमेन्ट बढ़ गया. लगता दाल में कुछ काला है, या दाल ही काली है. आपको अच्छी तरह पता है की लखनऊ के हालात यूपी के किसी पत्रकार से पूछे जा सकते हैं, चाहे वह हिन्दुस्तान का हो या जागरण का. हो सकता है नाम और आईडी गलत रही हो, लेकिन कमेन्ट सच्चे थे.

  6. shalini

    November 22, 2010 at 5:42 pm

    yashwant ji galat baat es tarah aap ek tarfa nahi ho sakte …aapne saare comments hata k pancholi ji k chmcho ki unhi purani comments se teen comment ko diya…this is not fair….any way…ab kisi ko kisi k baarein mein batane ki jaroorat nahi sab aise bhi jante hain pancholi ko ….kya chal raha hai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

टीवी

विनोद कापड़ी-साक्षी जोशी की निजी तस्वीरें व निजी मेल इनकी मेल आईडी हैक करके पब्लिक डोमेन में डालने व प्रकाशित करने के प्रकरण में...

हलचल

: घोटाले में भागीदार रहे परवेज अहमद, जयंतो भट्टाचार्या और रितु वर्मा भी प्रेस क्लब से सस्पेंड : प्रेस क्लब आफ इंडिया के महासचिव...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Advertisement