भड़ास वालों, एक मुफ्त की सलाह ले लो!

: केवल मीडिया तक क्यों सिमटे हो, दायरा बढ़ाओ : मित्र यशवंत जी, नमस्कार, पिछले कुछ दिनों से भड़ास4मीडिया डॉट काम देख रहा हूं। वह भी इसलिए कि दिल में तमन्ना जागृत हुई कि कहीं लिखने की। हालांकि मैं एक दैनिक अखबार का वेतनभोगी और अखबारी लाइन में दो दशक से जीवन गुजार रहा हूं। इसके बाद भी इतना तजुर्बा हासिल नहीं कर सका कि किसी खबर को बेधड़क और बेहतर तरीके से लिख सकूं। इसलिए अधिक से अधिक लिखने का मन किया। इसी दौरान भड़ास के बारे में जानकारी हुई। लिहाजा साइट खोला और देखने लगा। लेखनशैली और खबरों की प्रस्तुति तो अच्छी लगी लेकिन खबरों का दायरा मीडिया तक देख दुःख हुआ। मेरा तजुर्बा कहता है कि खबरों का चयन तो पाठक वर्ग को ध्यान में रखकर ही तय किया जाता है।

और भड़ास अपना पाठक वर्ग सीमित जनसंख्या में जी-खा रहे खबरनबीसों तक मान कर चल रहा है। ऐसे में क्या ऐसा नहीं लगता कि विस्तृत दायरे में फैलने, ढेर सारे पाठकों को जोड़ने का अवसर हम खोते जा रहे हैं। यदि मेरी बात उचित लगे तो भड़ास को मीडिया की खबरों से बाहर निकल कर स्तरीय खबरों और अच्छे लेखकों से जोड़ने की दिशा में बढ़ाया जाय। मेरी इस भड़ास के पीछे भड़ास से जुड़ने अथवा लिखने का अवसर मिलने जैसी मेरी कोई मंशा नहीं है। मेरी आंखें भड़ास को आम पाठकों और स्तरीय रचनाकारों से जुड़ते देखना चाहती है। इसलिए मुफ्त की सलाह दे मारी। आगे आप की मर्जी।

भवदीय,

एक शुभचिंतक

(भड़ास4मीडिया के पास मेल से पहुंचा एक पाठक का पत्र. उन्होंने नाम न छापने का अनुरोध किया हुआ है)

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Comments on “भड़ास वालों, एक मुफ्त की सलाह ले लो!

  • पंकज झा. says:

    ये नाम ना छापकर छुप-छुप कर बोलने की बीमारी भी अजीब है. आखिर इसमें कौन सी ऐसी बात ककही गयी है जिसके लिए नाम छुपाना पड़े? बड़ी चिढ होती है बेमानी लोगों पर. मेरे समझ से बेनामी का मतलब बे-इमानी.

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  • कोई जरूरत नहीं है इस पोर्टल को प्रयोगशाला बनाने का। अभी भड़ास का जो पाठक वर्ग है, अगर कंटेंट की प्रकृति के साथ छेड़छाड़ शुरू किया गया, तो नये पाठक जुड़ेंगे या नहीं ये तो नहीं पता, लेकिन पुराने जरूर भाग जायेंगे। बौद्धिकता बघारने के लिए बहुत सारे मंच खुले हैं। जिन्हें ऐसा लगता है कि कहीं अपनी बातें रखनी है, तो बहुत सारे अड्डे हैं, वहां रखिये।

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  • ambuj sharma says:

    विचार .. वास्तव में विचारणीय है …. लेकिन लगता है कि यहाँ लोगों को सिर्फ खिचाई करनी ही आती है ……… कभी भावनाओं को भी समझने की कोशिश कर लिया करो !

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  • SHAILENDRA PARASHAR says:

    सज्जन भाई कुछ विचारो का अदन प्रदान हम लोगो को भी कर लेने दो सलाह आप अपने पास रखे ?

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  • Alam Khan Editor says:

    BHIYA JI,
    AAP NE GALAT NUMBER DAIL KAR LIYA HAI.AAP KO NOKRI CHAHIYE TO DOOSRI JAGAH TALASH KARO.DOOSRO KE BAARA ME LIKHNE WALE APNA DUKH DARD BAATTE KE LIYE “B4M” KE MAIKHANE ME AATE HAI.LEKIN AAP JAISE MATLABI LOOG YAHA BHI R$ BANANE KI KOSHISH KARNA SURU KAR KE APNI AOKAT DIKHANE SE BAAZ NAHI AAYE.
    NAME CHHUPANE WALE KA CHHOTA BHAI===Alam Khan Editor==9839372709

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