भास्‍कर के सागर इकाई में उथल-पुथल, पत्रिका ने खरीदी जमीन

दैनिक भास्‍कर ग्रुप के बुंदेलखंड एडिशन में धड़ाधड़ हो रहे तबादलों के बीच पत्रिका भी सागर में दस्‍तक देने की तैयारी शुरू कर दी है. खबर है कि पत्रिका ने सागर के इंडस्‍ट्रीयल एरिया में दो हजार वर्ग मीटर जमीन खरीदी है. इधर भास्‍कर के भीतर लगातार तबादलों से कर्मचारियों में नाराजगी है.

भास्‍कर ने हाल ही में सागर इकाई में 19 वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्‍ठ पत्रकार प्रह्लाद नायक को रतलाम भेज दिया है. प्रह्लाद यहां पर जमे हुए तथा पकड़ रखने वाले पत्रकार थे. इसी तरह छतरूर के ब्‍यूरोचीफ आशीष खरे को भोपाल बुला लिया गया है. खबर है कि अभी कई और तबादले किए जाने वाले हैं. टीकमगढ़ से घनश्‍याम पटेल को दामोह भेजा गया है. इस कारण बुंदेलखंड इकाई में उथल-पुथल की हालत है. कई कर्मचारी तो भास्‍कर को अलविदा कहने का भी मन बनाने लगे हैं.

पत्रिका फिलहाल अपने रीवा वाले प्रोजेक्‍ट को टाल दिया है. बिलासपुर एडिशन के बाद सागर एडिशन लांच करने की तैयारी है. वह सागर में मचे उथल-पुथल का फायदा उठाना चाहती है. भीतर खाने में चर्चा यह भी है कि भास्‍कर के कुछ सीनियर पत्रिका प्रबंधन के संपर्क में हैं. वे देर सबेर पत्रिका के साथ जुड़ सकते हैं. इसलिए ही वे भास्‍कर के भीतर तबादलों से असंतोष पैदा कर रहे हैं.

पत्रिका के बुंदेलखंड प्रोजेक्‍ट शुरू होने से पहले ही भास्‍कर में मची धमाल पत्रिका के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. पत्रिका ने सागर में जमीन रजिस्‍ट्री करा ली है. बताया जा रहा है कि जल्‍द ही इसपर काम शुरू होने वाला है. इस प्रोजेक्‍ट को रीवा में शुरू होने वाले प्रोजेक्‍ट से पहले तैयार किया जाएगा.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आ‍धारित.

Comments on “भास्‍कर के सागर इकाई में उथल-पुथल, पत्रिका ने खरीदी जमीन

  • Sanjay Kumar Mishra says:

    Jago Bhaskar Jago:
    How sad! If a paper like Dainik Bhaskar is not able to manage its people,its employees,its workers![quote]
    At present the 70% market share of the Sagar is been captured by the Dainik Bhaskar.Circulation and Marketing targets at Chattarpur & Sagar have also been achieved before the year endings.[/quote]
    Then why and for what reasons the Management people sitting at Sagar are blaming its subordinates?
    Why they want to transfer their employees from here to there and create ‘fuss’ in the Sagar edition of Bhaskar?
    What will they gain if Prahalad Nayak or Ashish Khare or Ghanshyam is transferred from here to there?
    By doing this do the Marketing or Circulation or the Editorial standards will rise or increase?
    Actually it is a tie-up between those people of Bhaskar & Patrika who want to destabilize Bhaskar at sagar and create such adverse conditions at Sagar so that Bhaskar goes down at Sagar and creates place for the entry for Patrika.
    Hope senior people at Indore & Bhopal will understand the dirty politics of the senior people of sagar Bhaskar and take such appropriate measures which stops all the rumors, fuss or melodrama being played at Sagar level of the Dainik Bhaskar.
    Long live Dainik Bhaskar!
    Jai Bundelkhand!
    Hari Singh Gaur Jindabad!
    Veer Chhatrasal ke Jai Ho!

    Sanjay

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