भास्‍कर से इस्‍तीफा देकर हिंदुस्‍तान, बरेली के संपादक बने आशीष व्‍यास

आशीषदैनिक भास्‍कर, अजमेर के संपादक आशीष व्‍यास ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे पिछले डेढ़ दशक से भास्‍कर के साथ जुड़े हुए थे. वे अपनी नई पारी हिंदुस्‍तान के साथ शुरू कर रहे हैं. उन्‍हें हिंदुस्‍तान, बरेली का आरई बनाया जा रहा है. अगले कुछ दिनों में वे अपना कार्यभार संभाल लेंगे. उल्‍लेखनीय है कि केके उपाध्‍याय का आगरा तबादला किए जाने के बाद हिंदुस्‍तान, बरेली में संपादक का पद खाली चल रहा था.

आशीष व्‍यास ने अपने करियर की शुरुआत 1995 में दैनिक भास्‍कर, इंदौर के साथ की थी. वहां वे फीचर डेस्‍क पर कार्यरत थे. इसके बाद इन्‍हें फीचर इंचार्ज बना दिया गया. राजस्‍थान में भास्‍कर की लांचिंग के दौरान इन्‍हें वहां ग्रुप फीचर हेड बना दिया गया. ये जयपुर में पांच साल रहे. फीचर के अलावा बाल भास्‍कर की भी जिम्‍मेदारी संभाली. 2001 में इन्‍हें दैनिक भास्‍कर, श्रीगंगानगर का एडिटर बना दिया गया.

यहां से प्रमोशन देते हुए इन्‍हें अलवर का एडिटर बना दिया गया. बाद में अजमेर एडिटर बनाकर भेज दिया गया. पिछले तीन सालों से अजमेर के एडिटर के रूप में कार्य कर रहे थे. श्री व्‍यास आईआईएम, इंदौर द्वारा तैयार लीडर एडिटर सेक्‍शन में भी चयनित हुए तथा एक साल का कोर्स किया. उन्‍होंने भास्‍कर के नेशनल टैलेंट पुल को भी अपनी सेवाएं दीं. इनकी गिनती ईमानदार तथा तेजतर्रार पत्रकारों में होती है.

Comments on “भास्‍कर से इस्‍तीफा देकर हिंदुस्‍तान, बरेली के संपादक बने आशीष व्‍यास

  • sanjay kumar says:

    आशीष जी आप बरेली आ तो गए है लेकिन यहाँ हरामियो की भरमार है और सबसे बड़ा हरामी है यहाँ का सिटी चीफ संजीव द्विवेदी( इससे बचके रहना ये जितना मीठा है उतना ही हरामी है( बहुत बड़ा ब्लेक्मेलेर है( पूरी बरेली को बेच खाया है इसने( अगर आप इसके चंगुल में फस गए तो समझो हो गया काम( एक बात और यहाँ दो चूतिये भी है जिनका नाम है योगेन्द्र रावत और अमित गुप्ता ( गुप्ता तो साला सबसे बड़ा चूतिया है जिसे ढंग से हिंदी भी नहीं आती ;D;D;D;D;D

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