मां-बाप ने अपने अरमानों का ‘गला घोंटकर’ देश को सायना नेहवाल दिया

लोगो: सीएनईबी पर यंग टाक में आज सात बजे अनुरंजन झा के साथ सायना की बातचीत देखिए : ‘स्कूटर पर बैठे- बैठे ही सो जाती थी- कहीं गिर न जाए इस डर से इसकी मां को भी साथ ले जाने लगा।’  यही कहा उसके पिता ने। मां-बाप के संघर्ष और अपनी मेहनत की बदौलत आज युवा पीढ़ी की मिसाल बन चुकी उस शख्सियत का नाम है सायना नेहवाल।

सीएनईबी के ‘यंग टॉक’ में अनुरंजन झा के साथ इस बार देखिए भारत की इस बैडमिंटन सनसनी के संघर्ष और सफलता की कहानी। इसमें सायना ने जो खुलासे किए वह युवा पीढ़ी के साथ मां-बाप के लिए भी एक सबक है।

जिस देश में ‘इज्जत’ के नाम पर कई बार लड़कियों की कुर्बानी दे दी जाती है, वहीं कैसे एक मां-बाप ने अपने अरमानों का ‘गला घोंटकर’ देश को सायना नेहवाल दिया। खेल के मैदान पर बड़े से बड़े प्रतिद्वंदियों को रुला देने वाली सायना को भी रोना आता है, लेकिन कब? सायना कहती हैं कि तब मुझे नहीं मालूम था कि मेरे खेल के लिए पैसा कहां से आता है- काफी कर्ज लिए थे मेरे पापा ने- अब जब मैं सोचती हूं तो मुझे रोना आता है उनके संघर्षों पर।

‘यंग टॉक’ में इस बार देखिए कभी डॉक्टर बनने की चाहत रखने वाली सायना को आखिर खेल-खेल में किससे प्यार हो गया? किस बात पर वह शरमाते हुए कहती हैं – वो तो काफी दूर है। कॉमनवेल्थ गेम्‍स में देश के लिए जीतने पर अब तक की सबसे बड़ी खुशी मानने वाली सायना को आखिर किस बात का मलाल आज भी है? हमेशा मुस्कुराकर जवाब देने वाली सायना को गुस्सा भी आता है, वह कहती हैं- ‘जब भी हारती हूं तो बहुत गुस्सा आता है।’

यंगयंग

सीएनईबी का शो ‘यंग टॉक’  युवा चेहरों से बेबाक बातचीत के लिए पहचाना जाने लगा है। इसके पिछले एपिसोड में बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने खुलासा किया था कि ‘जिस पंत मार्ग पर कभी मैं बस पकड़ने के लिए खड़ा रहता था आज उसी पंत मार्ग की कोठी में मैं रहता हूं’। यंग टॉक का प्रसारण शनिवार शाम 7 बजे और रविवार रात 9 बजे होता है।

इस शनिवार यानी 26 फरवरी  को यंग टॉक में बेबाकी से अपनी राय जाहिर करती  नजर आएंगी सायना नेहवाल। आखिर किस बात पर सायना ने कहा कि ‘लड़कियों को कुछ कहने की जरुरत ही नहीं वो तो..।’ किसे सबसे अधिक मिस करती है सायना? शाहरुख और काजोल को पसंद करने वाली सायना ने आखिर किसे कहा ‘आई लव यू’। प्रेस विज्ञप्ति

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Comments on “मां-बाप ने अपने अरमानों का ‘गला घोंटकर’ देश को सायना नेहवाल दिया

  • Kunwar Pratap Singh says:

    यंग टॉक में हर बार कोई ना कोई नया सेलीब्रिटी आता है इस खास पेशकश के लिए सीएनईबी को बहुत-बहुत बधाई । साथ ही सीएनईबी को दन दूना रात चौगुना तरक्की करने के लिए भी बधाई । अनुरंजन झा को उनके कुशल नेतृत्व, प्रबंधन के लिए भी बधाई। लेकिन मुझे एक चीज नहीं समझ में आती है कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के इस चतुर पत्रकार को आदमी परखने में भूल कैसे हो जाती है । किशोर मालवीय और राकेश भोगी को कैसे इन्होंने अपनी ड्रीम टीम का हिस्सा बना लिया । किशोर जी के बारे में क्या कहा जाय…. बिहार चुनाव के काउंटिंग वाले दिन पैनल पर बैठने के लिए सज धज के तैयार थे और उन्हें ये मालूम नहीं था कि बिहार विधानसभा में कितनी सीटें हैं। दूसरे काम से फुर्सत मिले तब तो पता कर पाएंगे । अब साहब के पास कुछ फूल जैसे लोगों को खुश करने की भी तो जिम्मेदारी है । राकेश बाबू न्यूज @9 में रोज बताते हैं कि कल क्या होने वाला है ये अलग बात है कि उन्हें खुद ही नहीं मालूम होता कि कल का क्या डे प्लान है । सब झा जी की माया है । अब भाई वरदहस्त इतना मजबूत होगा तो ऐसा तो होगा ही। खैर झा साहब आपके कुशल नेतृत्व के लिए एक बार फिर से बधाई । और आपको याद दिला दें कि नेपोलियन को उसके चहेतों ने ही नाश में मिला दिया । खैर बधाई हो …………..

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  • kuvar pratap singh says:

    पांच परशेंट की लीनिया
    सुनकर आप लोगों को भले ही थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन ये हकीकत है… ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि बात वहां से आ रही है जहां के लोगों से जबरन पैसे वसूले गए हैं… लोगों का गला भी घोटा गय़ा है तो रेशमी दस्ताना पहनकर … और ये सब कुछ किया है झा भइया ने…. लेकिन कहते हैं ना कि पाप और ढींढ़ छुपाए नहीं छुपता … तो यहां भी झा भइया कमाई छुपा नहीं पाए …. और लीनिया के रूप में उनका पाप सबके सामने है….. लोग कह रहे हैं कि झा भइया लीनिया गाड़ी खरीदे हैं। जो कि सीएनईबी के कर्मचारियों के खून पसीने की मेहनत से बनाए गए पैसे को हड़प कर लाई गई है । अब ये कैसे… ये भी जान लीजिए… दरअसल झा भइया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के चतुर पत्रकार हैं और कर्मचारियों का शोषण कैसे किया जाता है उन्हें बखूबी मालूम है । कुछ दिन पहले ही टीआरपी न बढ़ने के एवज में सभी कर्मचारियों की पांच परसेंट सैलरी गटक गए । कहने को तो टीआरपी गिरने का ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ा गया और सबकी सैलरी पांच परशेंट काट ली गई । लेकिन राकेश भोगी, किशोर मालवीय, मीनाक्षी को सेफ जोन में रखा गया यानी इनकी सैलरी नहीं काटी गई। और झा भइया भी अपना हिस्सा बचा ले गए। अब कसाई अपने गले पर थोड़े ही छूरा चलाएगा। खैर हराम के पैसे से लीनिया खरीदी गई और आजकल बड़े शान से उस जगह पर खड़ी हो रही है जहां कभी राहुल जी की होंडा सिविक खड़ी होती थी । लीनिया के आने से उन लोगों को भी बाहर का रास्ता देखना पड़ा है जिनकी गाड़ी कभी कभार कैंपस के भीतर खड़ी हो जाती थी । सब झा भइया की अपरंपार माया है । जय हो लीनिया माई की…. इनको भी गटक लो …..जैसे निर्दोषों की पांच परशेंट ये गटक गए …………

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