मीडिया शोध पत्रिका के रूप में प्रकाशित होगा समागम

मीडिया पर एकाग्र मासिक पत्रिका समागम का प्रकाशन अब शोध पत्रिका के रूप में किया जाएगा। यह शोध पत्रिका द्विभाषी होगी। इस आशय की जानकारी समागम के सम्पादक मनोज कुमार ने दी। मीडिया का विस्तार हो रहा है और मीडिया शोध का कैनवास भी बड़ा हुआ है किन्तु शोध पत्रिकाओं का प्रकाशन अभी भी नगण्य है। इस कमी को पूरा करने की दृष्टि से एक विनम्र प्रयास विगत दस वर्षों से प्रकाशित हो रही मीडिया पर एकाग्र मासिक पत्रिका समागम करने जा रहा है। पत्रिका का जनवरी 2011 का अंक महात्मा गांधी की पत्रकारिता पर केन्द्रित है।

भोपाल से प्रकाशित मीडिया पर एकाग्र मासिक पत्रिका समागम का सफर जनवरी 2010 में दस वर्ष पूरे कर फरवरी दो हजार ग्यारह में पत्रिका ग्यारहवें वर्ष में प्रवेश करेगी। अपने सफर के दस वर्ष के अनुभव को विस्तार देने तथा मीडिया में शोध प्रकाशन की जरूरत की पूर्ति करने की दृष्टि से समागम का प्रकाशन मीडिया की शोध पत्रिका के रूप में होगा। उन्होंने मीडिया में शोध कर रहे साथियों से प्रकाशन सामग्री भेजने का आग्रह किया है।

यह भी जानकारी दी गई है कि समागम के फरवरी अंक से कुछ पन्ने सिनेमा पर भी होंगे। सिनेमा में गंभीर लेखन को बढ़ावा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश फिल्म विकास निगम ने पटककथा नामक पत्रिका का प्रकाशन किया था। निगम के बंद हो जाने के साथ ही फिल्म मीडिया की गंभीर पत्रिका पटकथा का प्रकाशन भी बंद हो गया। पटकथा की तर्ज पर समागम में सिनेमा पर सामग्री दी जाएगी। समागम को शोध पत्रिका के रूप में विकसित करने के साथ ही पत्रिका के पृष्ठों में वृद्धि करने की भी योजना है।

शोध आलेख भेजने के लिये डाक का पता है सम्पादक समागम, 3, जूनियर एमआईजी, अंकुर कॉलोनी, शिवाजीनगर, भोपाल-16 अथवा k.manojnews@gmail.com मेल भी किया जा सकता है.

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