मुख्यमंत्री निशंक को पत्रकार उमेश कुमार ने दी चुनौती

umesh kumarनिशंक: जितना परेशान करना हो कर लो, पर एक आंधी आएगी और तेरा सब कुछ उड़ा ले जाएगी : उत्तराखंड की भ्रष्ट सरकार जवाब दे कि क्या भ्रष्टाचार का खुलासा करना अपराध. अगर है तो मैंने ये अपराध किया है. अगर मैंने स्टिंग करके उत्तराखंड राज्य की 56 हाइड्रो परियोजनाओं को लूटने से बचाया है तो यही काम मेरा दोष व मेरा अपराध बना दिया गया है.

मेरे स्टिंग करने और स्टोरी करने के बाद इस राज्य की अरबों रुपये की ऋषिकेश स्थित जमीन बिल्डरों के पास जाने से बची, ये मेरा दोष है. बिना पालिसी के काशीपुर स्थित श्रावंथी गैस प्लांट का आवंटन करने का खुलासा करना मेरा अपराध है. श्रावंथी मामले में मैंने हाई कोर्ट में पीआईएल डाली जिस पर सरकार को नोटिस जारी हुए. ये भी मेरा अपराध है. आस्था के प्रतीक महाकुम्भ में हुए महाघोटालों का पर्दाफाश करना मेरा जुर्म है. सीएजी की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट में पीआईएल डालकर उस पर निर्णय करा देना मेरा दोष है. अगर ये सब करना अपराध है तो मैंने किया है.

एक बात उत्तराखंड की सरकार जान ले. मेरे खिलाफ एक दर्ज़न मुक़दमे, मेरी संपत्ति सील करने या कुर्क करने से मेरा हौंसला पस्त नहीं होने वाला. उत्तराखंड की मीडिया और जनता दोनों से एक बात कहना चाहूंगा, बताना चाहूंगा कि मैं अपनी संपत्ति या अपने परिवार की लड़ाई नहीं लड़ रहा हूँ. मैं राज्य के संसाधनों की महालूट के खिलाफ थोड़ा सक्रिय हुआ तो यही मेरा अपराध बन गया और मुझे तरह तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है, फंसाया जा रहा है, बदनाम किया जा रहा है. क्या गलती की मैंने अगर उत्तराखंड का 20000 करोड़ रुपये लूटकर राज्य से बहार जाने से बचाया. क्या वो शराब माफिया जिसको इन्होंने 25 हाइड्रो प्रोजेक्ट दिए थे, इस राज्य का भला करता या वो बिल्डर इस राज्य का भला करता जिसको सरकारी अरबों की जमीन दे डाली थी.

निशंक सरकार को शर्म क्यों नहीं आती किसी परिवार के बुजुर्ग, 4 साल के बच्चे और पत्नी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराते. क्या दोष है मेरी पत्नी का जिसके खिलाफ उत्तराखंड के कई थानों में अलग-अलग एससीएसटी, ४२०, ४६७, १२० बी, ३८४, ५०४ जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज किये गए. क्या अपराध है मेरे चार साल के बेटे का जो अपने जीवन के स्कूल की पहली परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया. क्या अपराध है मेरे 26 साल के भांजे का जिसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुक़दमे दर्ज किये गए. मैं 4 सितम्बर से लेकर 17 सितम्बर तक चीन में था. ये मैं नहीं कह रहा, मेरा पासपोर्ट कहता है. तो 8 सितम्बर को मेरे और मेरी पत्नी के खिलाफ एससीएसटी में मुकदमा दर्ज हो गया.

हरिद्वार के लक्सर थाने में मेरे और मेरी पत्नी के खिलाफ एक इरशाद नमक गुमनाम व्यक्ति की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा कर दिया गया. जबकि ऐसे किसी नाम के व्यक्ति का कोई अता पता नहीं है. सबसे बड़ी विडंबना ये है कि पुलिस ने उसमें चार्जशीट भी दाखिल कर दी. इस चार्जशीट को हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया. उत्तराखंड सरकार के सरकारी विभाग एमडीडीए मेरे और मेरे भांजे के खिलाफ एक मुकदमा जो दो अन्य भाइयों का था और सीजीएम कोर्ट द्वारा दोनों भाइयो को बरी कर दिया गया था, उस मामले में फ्रेश मुकदमा दर्ज करा डाला जबकि कानून है कि अगर एक मुकदमा किसी भी कोर्ट द्वारा निर्णित हो जाता है तो उसके बिहाफ पर फ्रेश मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता. सिर्फ मुकदमा ही दर्ज नहीं हुआ, उसमें चार्जशीट भी पुलिस ने दाखिल कर डाली.

जिस दिन मैंने काशीपुर के श्रावंथी गैस घोटाले का खुलासा किया उसी दिन मुझ पर मेरी पत्नी पर और मेरे दो रिपोर्टर पर जिला सूचना अधिकारी द्वारा ३८४, ५०६ यानी एक्सटारशन व जान से मारने की धमकी का मुकदमा करा डाला गया. ये कहते हुए कि हमने विज्ञापन माँगा और ना देने पर कहा कि काशीपुर के गैस प्लांट की झूठी खबर चला देंगे. अगर काशीपुर का खुलासा झूठा होता तो मेरी पीआईएल पर उत्तराखंड सरकार, गिल, कस्टम, पर्यावरण मंत्रालय को हाई कोर्ट ने नोटिस कैसे जारी कर दिया. निशंक जी, होश में आइये. ये सत्ता कभी किसी के साथ नहीं गयी है. ऐसी आंधी आएगी कि सब धुल में मिल जायेगा. एक महतवपूर्ण बात और. आपके इन जुल्मों सितम से मैं ख़त्म होने वाला नहीं हूँ. 5 महीने बाद चुनाव है. आपको आपकी हसियत का एहसास हो जायेगा. आपकी क्या हालत होगी, ये आप सोच भी नहीं सकते. और उन दलाल पत्रकारों को भी मेरी नसीहत है कि होश में आ जाओ, शर्म करो. कल को ये सब तुम्हारे साथ भी हो सकता है. मैं तो झेल जाऊँगा, तुम नहीं झेल पाओगे.

मैं उत्तराखंड के उन सभी पत्रकारों को धन्यवाद देना चाहता हूँ जो आज मेरे साथ खड़े हैं. मैं उनका नाम नहीं लूँगा वर्ना ये निशंक सरकार उनके भी पीछे लग जाएगी. मैं सब जानता हूँ कि दलाल क्या कर रहा है. एक बार इससे निपट लूँ तो तुम्हारे भी सारे काले कारनामों की पोल खोलूंगा. रही उत्तराखंड में रहने-छोड़ने की बात तो मैं ये उत्तराखंड छोड़ने वाला नहीं हूँ, सरकार और अधिकारी कान खोलकर सुन लें.  मेरे इरादों, मेरी क्षमताओं, मेरे धैर्य के चाहे जितने इम्तहान ले ले  ये जालिम सरकार. ये दलाल पत्रकार. ये भ्रष्ट अफसर. पर जब दौर बदलेगा तो दिन बदलते देर न लगेंगे. फिलहाल तो इन भ्रष्टाचारियों के लिए इतना ही कहूंगा कि हे ईश्वर, इन्हें माफ कर. ये नहीं जानते ये क्या कर रहे हैं.

उमेश कुमार

चेयरमैन और संस्थापक

एनएनआई

देहरादून


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  1. निशंक सरकार का महाघोटाला

  2. बौखलाए सीएम ने पत्रकार उमेश कुमार के घर धावा बोलने के आदेश दिए

  3. निशंक की मुसीबत बढ़ी, महाकुंभ घोटाले पर कोर्ट में खींचे गए

  4. मुख्यमंत्री को ब्लैकमेल करने का आरोप, लखनवी पत्रकार बना उत्तराखंड पुलिस का शिकार

  5. पत्रकार के पीछे पड़ा पत्रकार मुख्यमंत्री

  6. निशंक सरकार ने घोटालों का पर्दाफाश करने वाले पत्रकार का घर कुर्क कराया

  7. ब्लागरों की जुटान में निशंक के मंचासीन होने को नहीं पचा पाए कई ब्लागर व पत्रकार

  8. मुझे नहीं पता था कि सम्मान मुख्यमंत्री निशंक के हाथों बांटे जाएंगे

  9. कैग ने बनाई रेल, निशंक जा सकते हैं जेल

  10. महामहिम, ये सरकार भ्रष्ट, निर्लज्ज और निकम्मी है

  11. निशंक का कोप, साप्ताहिक से मासिक होगा द संडे पोस्ट

  12. सुप्रीम कोर्ट ने निशंक का सुख चैन छीना

  13. पोर्टलों की खबर से निशंक सरकार की घेरेबंदी शुरू, विपक्ष ने की सीबीआई जांच की मांग

  14. हे प्रतापी निशंक, इस पापी विवेक का भांडा तो फूटना ही था

  15. सूचना विभाग का हाथी, चोरी का संपादकीय और प्रकाशक निशंक

  16. सीएम के हरम में मीडिया और छोटे अखबारों की लड़ाई

  17. चाटुकारिता, जीहुजूरी और विज्ञापन

  18. उत्तराखंड में मुश्किल में है मीडिया

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Comments on “मुख्यमंत्री निशंक को पत्रकार उमेश कुमार ने दी चुनौती

  • यशवंत says:

    उमेश भाई, डरना नहीं और झुकना भी नहीं. तुम्हें मैं इसीलिए चाहने लगा क्योंकि तेरे में आग है किसी से भी टकराने और लड़ जाने का. बहुत सौभाग्यशाली हो कि तुम्हारे पीछे मुख्यमंत्री पड़ा है. लोग तो किसी सिपाही के पीछे पड़ जाने से डर जाया करते हैं. और तुम तो भाई सीएम के पीछे बड़ने और तरह तरह से प्रताड़ित करने के बावजूद शेर की माफिक दहाड़ रहे. यही है नए जमाने का नायकत्व. कोई फरक नहीं पड़ता तुम्हारे अतीत से. बाबा रामदेव पर किस तरह के गंदे गंदे आरोप कांग्रेस वाले लगा रहे हैं. उसी तरह निशंक के दलाल पत्रकार तुम्हारे पर तरह तरह के आरोप लगाएंगे पर उससे घबराना नहीं है. नायकत्व किसी चरित्र का मोहताज नहीं होता. कर्म का साथी होता है. पिछले कई महीने जितने मुश्किल में आपके बीते हैं, उसका मैं गवाह हूं. मैं हर उस पत्रकार के साथ हूं जो मुश्किल में है और अकेले है और परेशान है. जल्द ही दिल्ली में निशंक के मीडिया विरोधी हरकतों के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है. और, सभी पत्रकार मिलकर निशंक के घोटालों और हरकतों का कच्चा चट्ठा विभिन्न शीर्ष केंद्रीय एजेंसियों, नेताओं, अफसरों तक पहुंचाएंगे और मुहिम शुरू करेंगे जिससे ये कुंठित निशंक फिर कभी मुख्यमंत्री क्या, मंत्री भी न बन सके.
    यशवंत
    संपादक
    भड़ास4मीडिया

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  • महाभारत में एक तरफ पांच पांडव थे और दूसरी तरफ अनेकों कौरव लेकिन इस लड़ाई में तो चारो-तरफ कौरव ही कौरव हैं… और इनसे लड़ने वाला एक अकेला पत्रकार, मुझे पूरी उम्मीद है कि इस लड़ाई में जीत सच की होगी… क्योंकि इतिहास गवाह रहा है कि सत्य को युद्ध में आज तक न कोई जीत पाया है और न ही जीत पाएगा… माना कि सच के लिए लड़ने वाले पत्रकार उमेश जी पर अभी संकट के बादल मंडरा रहे हैं लेकिन ये मत भूल निशंक की पल में हवाएं पूरब से पश्चिम होती है…………………..

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  • umeshji aap jo kar rahe hain usmein hum sabhi aapke saath hain , journalist ki yeh woh duiya hai jahan log apna imaan aksar bech deten hain lekin aapne aisa nahi kiya iss liye aapko yeh sab jhelna pada aur iss ladai hum mein aur mere jaise journalist jo imaan ko saah lekar chalte hain aapke saah hain.
    komal
    sahara

    Reply
  • jagjit sharma. editor nbs group says:

    wa mere sher bhai aapko salam karta hu. bhai aap akele nahe ho patrkaro ka samaj aapke sath h aur aap jaise bhaeo ke wajah se hi to hum garv se apne aapko patrkar kahtae h. aap hamare beradre ka heera ho. koe b mere layak aades ho to nisankoch yaad karna. aapka jagjit sharma.

    Reply
  • umseh ji chhodiyega nahi is Maha bhrastachaari Nishank Ko…. Hum Aapke Saath Har Jagah Khade Hone Ko Taiyaar Hai… Aapke Is Sahas Ko Dekhkar Waseem Barelvi Ka Vo Sher Yaad Aa Gaya Ki……

    हादसों की ज़द में हैं तो मुस्कराना छोड़ दें…..
    और ज़लजलों के खौफ से क्या घर बनाना छोड़ दें।।।।।

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  • faisal khan says:

    umesh bhai yashwant ji ne sahi kaha hai ki ye to apki khush kismati hai ki apke peechhe C M pada hai koi uthayi gira nahi.magar ye tai baat hai ki aise C M ka aane wale chunav mai jo haal hona hai vi is C M ke chele chapate shayad nahi jante.koi pani dene wala bhi nahi milega.magar umesh bhai fikar na karen ham apke sath hain aur bilkul imandari se khade hain kabhi bhi azma lena ham jis layaq bhi hain hazir hain .apse yahi darkhwast hai ki ghabrana mat sarkaren to aati jati rehti hain inse kiya ghabrana darna hai to bas upar wale se.umesh bhai jiyo aap aur sangharsh karo ham apke sath hain,apka m faisal khan,saharanpur

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  • Dhananjay Jha says:

    lets come forward to FIGHT against the corrupt system.
    keep it up Umeshjee… entire media fraternity with you, need not to worry, keep it…..
    with BEST regards

    Dhananjay Jha

    Reply
  • nishank uttarakhand me aane ale chunavome bhajpa ko puri tarah le doobenge….. ganimat hogi agar unke netritv me party dahai ka aakada bhii par kar legi….. sabse bharast mukhyanmatriyo ki suchi me nishank ka sthan sabse aage aayega…aisa cm aaj tak nahi dekha .. pure media ko manage kar raha hai aur party me 400 karod rupie ka fund ab tak pahucha chuka hai…..sabse pahle ram dev baba ko iske khilaf satya grh shuru karna chahiye…… umesh ji aap akele nahi hai hm jaise kai log aapke sath hai… nishank k khilaf aandolan to kijiye sab apka saath denge…. kyuki uttarakhand me ab pani sir se upar bah chuka hai….

    Reply
  • written by pawan. june 05, 2011
    उमेश जी हम आपके साथ हैं आपने वो कर दिखाया जो बहुत ही कम पत्रकार कर पाते हैं पत्रकारिता जगत को चौथा स्तम्भ कहे जाने वाले कलम के कुछ ऐसे भी सिपाही हैं जो देश के नेताओं व बिज़नसमेनो के हाथों बिक चुके हैं जिन्हें हम दलालों के नाम से जानते हैं पत्रकारिता जगत को आप पर नाज है कि आपने उन नेताओ की पोल खोली है जो देश के शुभ चिन्तक बनते है दर असल उन्हें अपनी कुर्सी और अपने परिवार की चिंता है जब जब आप भ्रेस्ट नेताओं के खिलाफ आवाज उठाएँगे पत्रकारिता जगत के कलम के सच्चे सिपाही हमेशा आपके साथ रहेंगे हम ऐसे पत्रकारों के हमेशा साथ रहेंगे जो भ्रेस्ट नेताओं और बिज़नसमेनो की पोल खोलते रहेंगे और देश को बचाते रहेंगे umesh ji आपकी कलम ने सही लिखा क्योंकि सच्चाई हमेशा कडवी होती है

    Reply
  • raghwendra sahu durg says:

    उमेश जी आप वाकई में निडर और इमानदार हैं. आज ऐसे ही पत्रकारों की समाज और इस देश को जरुरत है जो पत्रकार बिरादरी की नाक बचा सके. नहीं तो वाकई में ऐसे बहुत सरे पत्रकार है जो दलाली का कम ज्यादा कर रहे है.ऐसे भ्रष्ट नेता सोच्रते हैं की पत्रकारों को डरा कर या फिर विज्ञापन रोकने की धमकी देकर तोडा जा सकता है तो गलत है. हाँ ये बात सही है की जो बड़े मीडिया हाउस हैं जिनके पास पर्याप्त पैसा है वे लोग ही लालच में आकर और डरकर ऐसे नेताओ के दलाल बन जाते हैं और इमानदार पत्रकारों को भी काम नहीं करने देते.

    Reply
  • GOOD AND VERY GOOD JOB,,,, Yashwant ji bilkol sahi kah rahe hai, ki aap vakayi bhagshali hai jo CM aap ke piche pade hai,, desh me gine chune patrkaar hi hai jo CM se takkar lete hai, Baki jada tar to Cm ke hi chamche hote hai.

    Reply
  • C P Kothiyal says:

    उमेश जी मैं हो सकता है पूरी तरह से सही हों लेकिन एक बात तो तय है कि जो मीडिया दिखाता है जनता उसी पर विश्वास करता है । अतः मीडिया का ईमानदार होना जरूरी है । दुर्भाग्यवश हमारे देश का मीडिया बिका हुआ है और बिकने के लिए तत्पर है ।

    Reply
  • vivek sharma says:

    hi umesh bhai….hope you would be fine there…frist of all all my best wishes are with you and your family …..dont worry bro all we are with you in this anticorruption fight….and salute you for your dedication towards journalisum….5 mahiney baad in sab ki aukaat achey sey batayengy…..all the best n keep it up

    Reply
  • एक पहाड़ी says:

    उमेश जी आपके हौसलों को सलाम, एक इंसान इस कद्र नहीं गिर सकता लेकिन एक नेता इससे भी नीचे गिर सकता है ये सच्चाई है
    आज इन चोरों ने पहाड़ को बेच डाला है, भू माफिया से लेकर अफसरशाही तक सबने मुल्क को बेचने की कसम खायी है शायद,
    कोई इनसे पूछे की पलायन का मुख्य कारण क्या है इतनी सारी योजनाओं का बखान कर रहे हैं ये नेता कभी इनसे पूछो की उन योजनाओं में कितने पहाड़ी काम कर रहे हैं और किस पद पर.
    ये सभी नेता एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं, जब तक मुह में निवाला जाता रहे तब तक गुणगान और निवाला बंद क्या हुआ की कुर्गुले की तरह जड़ काटने पर आमद हो जाते हैं, जिस दिन
    हमारे प्रदेश की मिडिया इनकी रोटी की मुहताज बनना बंद कर दे उस दिन एक विकास का पुंज खिल उठेगा …सभी मीडिया बंधुओं से विनती है की बुराई को उखाड़ फेकने में एक हों और किसी की भी हो अच्छाई को आगे लायें,

    Reply
  • mohan bisht says:

    umesh bhai really i solute to you.. darne ki koye baat nahi hai we all are with you.. aap jaise logo ne hi kuch patrkariya ki laaj bachai hai aur aapke sath sabhi patrakaro mai dhanwad deta hoon .. aapki himmat ki daad deni padegi..

    Reply
  • Anil Rana says:

    Excellent, your role is very like to Lord Krishna to protect the humanity from the hand of these culprits. Keep The spirit of selfless service…

    We are always with you 🙂

    Reply
  • sunil jugran says:

    चलो मान लें, कुछ हुआ ही नहीं था
    वो क्या बह रहा था, लहू लग रहा था,
    चलो मान लें, कुछ हुआ ही नहीं था।
    अगर ये न होता, तो वो भी न होता,
    हुआ क्या जो इतना, शोर उठ रहा था,
    चलो मान लें, कुछ हुआ ही नहीं था
    वो क्या बह रहा था, लहू लग रहा था।
    हमें तो सिकन्द र, मुकद्दर ने मारा,
    हमीं को हमीं से, गिला हो रहा था,
    चलो मान लें, कुछ हुआ ही नहीं था
    वो क्या बह रहा था, लहू लग रहा था।
    हुआ बागपन आज का, मैला कुचला,
    कुचलता हुआ, वो कौन चल रहा था।
    चलो मान लें, कुछ हुआ ही नहीं था
    वो क्या बह रहा था, लहू लग रहा था।

    Reply
  • Brijesh Bhatt says:

    Dear Umesh Ji,

    Please share your contact no or you can dial 9999280664, lets have a discussion and do campaign against the corrupt government of Uttrakhand.

    Waiting in anticipation

    Regards,
    Brijesh

    Reply
  • अतुल अग्रवाल says:

    निशंक हटाओ-प्रदेश बचाओ… ये होना चाहिए प्रदेशवासियों का नया नारा। वैसे भी बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और दूसरे बड़े नेताओं का भरोसा तो निशंक बाबू खो ही चुके हैं। सूत्रों से मिल रही ख़बरों के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने निशंक बाबू को पार्टी का चेहरा और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार ना बनाने का फैसला कर लिया है। मतलब ये हुआ कि खुद बीजेपी नेतृत्व ने निशंक साहब से पल्ला झाड़ लिया है लेकिन चुनावों तक इनको झेलते रहना बीजेपी की मुजबूरी है क्योंकि विधानसभा चुनावों के ऐन पहले अगर इन्हे बदला गया तो ये साहब इतने बड़े घाघ हैं कि अपनी ही पार्टी को नुकसान पहुंचाने पर आमादा हो जाएंगे। यानी जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करने से गुरेज़ नहीं करेंगे निशंक जी। खैर, बीजेपी इस बार का चुनाव भगत सिंह कोश्यारी, बीसी खंडूरी, रमेश चंद्र पोखरियाल निशंक और बिशन सिंह चुफाल चारों चेहरों को आगे रखकर लड़ेगी। चुफाल साहब उत्तराखण्ड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

    हां एक बात और… ज़मीनी तौर पर मिल रहे रुझानों के मुताबिक इस बार प्रदेश में बीजेपी का डब्बा गोल ही समझो। सबसे बड़ी वजह निशंक साहब की बेवकूफियां, भाई-भतीजावाद वाली नीतियां, अपने अपनों की जेबें भरना और कमीशनखोरी करना-करवाना, प्रदेश की जनता की उपेक्षा और सच्चाई सामने वाले पर पत्रकारों और उनके परिजनों पर संगीन दफाओं के तहत फर्ज़ी मुकदमे ठोंक देना। भगत सिंह कोश्यारी और बीसी खंडूरी का खेमा तो खैर लगा ही निशंक सरकार के पलीता लगाने में। कुल मिलाकर खटिया खड़ी होनी तय है… इसीलिए निशंक बाबू, अभी तो आप सत्ता में हैं तो इतना अत्याचार कर रहे हैं लेकिन जब सत्ता नहीं होगी तो फिर…. तेरा क्या होगा कालिया?

    Reply
  • sunil jugran says:

    go brother and tell them all Jasmine is here to stay–I vote for you

    “एक ऐसा दिन भी आयेगा”
    कौन कहता है कि
    हर वन उपवन बन जायेगा
    अब जल्दी ही
    एक ऐसा दिन भी आएगा
    जब छोटा सा ईमानदारी का किस्सा भी
    चर्चा का एक बहुत बड़ा मुद्दा बन जायेगा
    ईमानदारी के घोर अभाव के चलते
    ईमानदारों को
    विलुपत प्रजाती की
    श्रेणी में रखा जायगा
    और कागजों में ही सही
    पर बड़े ही यत्न से
    और सरकारी खर्चे से
    उनका रख-रखाव किया जायेगा
    फिर टाईगर और बर्ड सैंक्चुअरी
    की तर्ज पर
    एक-एक कर
    ईमानदारों का क़त्ल किया जायेगा
    जब इतने सारे क़त्ल हों
    तो वाजिब है कि
    जे पी सी का भी
    गठान किया जायेगा
    ईमानदारों को तब
    सिर्फ संग्रहालयों में ही
    रखा जाएगा
    और मस्ती में डूबा हुआ ये दिल
    मुन्नी बदनाम हुई की तर्ज पर
    सरे आम ठुमके लगा लगा कर
    ये गाएगा कि
    ये देश है बस घोटालों का
    मक्कारों का, नाकारों का
    इस देश का यारों क्या कहना

    Reply
  • Umesh ji upar sub khe rhe hai hum aapke sath hai lakin agar hai to saamne aake kuch karte kyo nahi app media social sites jese facebook and twitter pe likho electonic media kaa use karo or supreme court me apne or apne parivar ke upar lgaye case kaa fast track me or nishank ke upar aaro ki jach kraye or anna hjaare se milo wo aapki sayad madad kare sarkar badalne se kuch nahi hoga saara politics hi ganda hai humaare uttranchal kaa jo aaj bura haal hai wo in netao ki karestaani hai. Apni madad khud karni padti hai

    Reply
  • sanjupahari says:

    Dear Umesh Bhai,

    Main bhi ek pahar premi hu, aapse is message ke through main koi hamdardi nahi jataana chahta kyunki humdadri to un logon pe honi chahiye jo bhrast hoke satta ke ghamand main manavta kho chuke hain,,,aap pe to humko garv hai ki aap jaise patrkaar hamari Dev Bhumi main hain….plz do email me at sanjupahari@yahoo.com in case I can be of any help.

    Reply
  • A.P.Bharati says:

    Umesh Bhai,
    Apke Sahas ko Salam.
    Koi Aalekh / Report Chhapni ho to Pagemaker or word ki file me bhijwayen.

    Reply
  • Poojan Negi says:

    Mr. yashwant ji ….. apke blog par kis tarah aadharheen khabren prakashit ki jaati hain… uski ek bangi ye dekhiye….. jis kathit kumbh ghotale ko tathakathit patrkaar deepak azad dwara uthaya gaya tha uska sachh ye raha… 2 may 2011 ko adalat ne mukhyamantri par darj mukadame ko kharij bhi kar diya …

    [url]https://www.facebook.com/photo.php?fbid=178760988844436&set=o.139428516120824&type=1&ref=nf[/url]

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