मेरठ में भी प्राइस वार शुरू, उजाला ने दाम घटाए

जनवाणी के आने से पहले ही मेरठ के जमे जमाए अखबारों में हलचल मच गई है. संभावित खतरे से निपटने के लिए तीनों बड़े अखबारों ने अपनी-अपनी कोशिशें शुरू कर दी हैं. यहां प्राइस वार की शुरुआत हो गई है. इसकी पहल अमर उजाला ने की है. अमर उजाला ने ऐलान किया है कि अब वह अपने पाठकों को 45 रूपये में महीने भर का अखबार पढ़वाएगा.

जनवाणी का प्रकाशन अभी शुरू नहीं हुआ है. 26 जनवरी से जनवाणी प्रबंधन ने अखबार की एडवांस बुकिंग शुरू की है. इसका अच्‍छा रिस्‍पांस भी मिल रहा है. इसकी बौखलाहट मेरठ में जमे जमाए अखबारों में देखी जा रही है. इसी का परिणाम माना जा रहा है कि दो रूपये कवर प्राइस में बिक रहे अमर उजाला ने अपने ग्राहकों को इस पर भी पन्‍द्रह रूपये छूट देने का ऐलान कर दिया है. यानी ग्राहकों को अब साठ रूपये के बदले 45 रूपये ही देने होंगे. जागरण भी लकी ड्रा के माध्‍यम से अपने ग्राहकों को रोकने की कवायद कर रहा है. देर सबेर हिन्‍दुस्‍तान के भी इस प्राइस वार में शामिल होने की संभावना जताई जा रही हैं. यानी इस प्राइस वार में पाठकों की बल्‍ले-बल्‍ले होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं. जनवाणी के प्रचार युद्घ ने भी यहां के जमे जमाए अखबारों के प्रबंधन को परेशान कर रखा है. एक तरह से पुराने अखबारों की मोनोपोली भी जनवाणी के आने से प्रभावित होने लगी है.

इस बारे में जनवाणी के मैनेजिंग एडिटर एवं जीएम मार्केटिंग रवि शर्मा का कहना है कि जनवाणी को लोगों का बढि़या सहयोग मिल रहा है. इससे 25 सालों से स्‍थापित अखबारों का वर्चस्‍व खतरे में पड़ता महसूस हो रहा है. हम पब्लिक को जो मैसेज देना चाह रहे थे, उसमें हमें पचास प्रतिशत सफलता अखबार के आने से पहले ही मिल गई है. इन अखबारों की एकतरफा मोनोपोली भी प्रभावित हो रही है. यह पाठकों के हित में हैं. जनवाणी अपने पाठकों के हितों पर हमेशा खरा उतरने की कोशिश करेगा.

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Comments on “मेरठ में भी प्राइस वार शुरू, उजाला ने दाम घटाए

  • kuchh dinon mein Akhbar Free mein milega…. Uske Kuchh Dinon baad Free ka Akhbar Reporter Ghar-Ghar Jakar Padhkar Sunayega… Uske Kuchh dinon baad is Free ke Akhbar ko Padhne ke sath sath Reporter apne Reader ke Fanse Huye Kaam bhi karayega, jaise bachche ka admission, ruki files aage badhwana, ration card banwana, voter card banwana…. vaigarah vaigarah…. Aur iske Baad Kya hoga Pata nahi….

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  • बेनामी says:

    अमर उजाला का आत्मविश्वास इतना कम हो गया है, यकीन नहीं होता है। अमर उजाला चला रहे लोगों को समझना होगा कि दाम घटाने से कुछ नहीं होगा। अखबार में खबरें बिकती हैं, अगर खबरें ही नहीं होंगी तो मुफ्त में दे दो कोई हाथ ही नहीं लगायेगा। खबरों के मामले में अमर उजाला का बैंड बजा हुआ है आजकल। ना खबर, ना खबर लिखने का तरीका, ना प्रस्तुति का अंदाज़, सब कुछ तो खत्म हो चुका है। कैसे बिकेगा अमर उजाला।

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