ये देखिए दैनिक भास्‍कर, चंडीगढ़ का हाल

सबसे बड़ा ग्रुप होने का दावा करने वाले अखबार दैनिक भास्‍कर का चंडीगढ़ में हाल गजब है. अखबार के कर्मचारी पाठकों को अच्‍छी खबरें देने की बजाय अपने अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए दूसरे अखबारों में पहले छप चुकी खबरों को प्रकाशित करने से भी नहीं हिचकता है. ऐसा ही एक मामला कल यानी पांच सितम्‍बर को देखने को मिला. यह सारी कवायद चंडीगढ़ पहुंचे एमडी सुधीर अग्रवाल को दिखाने के लिए की गई थी.

सूत्रों ने बताया कि इस तरह के खेल अखबार के लोग आए दिन करते रहते हैं. दूसरे अखबारों की बड़ी स्‍टोरियों में थोड़ा बहुत फेरबदल करके ये लोग उसे नए सिरे से छाप देते हैं. इसी के कारण अखबार की आम पाठकों में किरकिरी होती रहती है. बीते शनिवार को राष्‍ट्रीय संपादक कल्‍पेश जी चंडीगढ़ के कर्मचारियों की घंटों मीटिंग ली तथा अखबार में सुधार करने के लिए फटकार लगाई. नीचे देखिए 19 अगस्‍त को आज समाज में प्रकाशित खबर और 5 सितम्‍बर को भास्‍कर में प्रकाशित खबर.

19 अगस्‍त को आज समाज में प्रकाशित खबर
5 सितम्‍बर को दैनिक भास्‍कर में प्रकाशित खबर

Comments on “ये देखिए दैनिक भास्‍कर, चंडीगढ़ का हाल

  • bhaskar ka yehi haal hai boss. isi karan se Ranchi main 2nd round ki booking main halat kharab hai. Paper li quality aur news ka standard girta ja raha hai. Jharkhand main aane wale dinon main iski haalat ranchi express wali ho jayegi.

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  • Rajiv Sharma says:

    भाई जी रिपोर्टर एडिटर की सुनते ही नहीं, काम की जगह पुरानी खबरों को रीमाडल करके छाप देते है, अफसरों के आगे बिछ जाते है, यही कारण है दैनिक भास्कर चंडीगढ़ मे पिट रहा है और यहाँ आज समाज बड़ रहा है.

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  • bhaskar ka yehi haal hai . isi karan se vadodara main halat kharab hai. Paper li quality aur news ka standard girta ja raha hai. gujrat main aane wale dinon main iski haalat gujrat mitr wali ho jayegi. total gujrat main p.o.3 lakh copy hoga

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  • दोस्तों चंडीगढ़ भास्कर के संपादक कल्पेश जी महाराज ओअर उनका खास चमचा न्यू एडिटर सौरभ दिवेदी बाते इंतनी बड़ी बड़ी करते है की न जाने दोनों मिलकर पत्रकारिता के कोंसे नए मानदंड गड रहे हो..कल्पेश सिर्फ मीटिंग करने की ही तो तनख्व ले रहा है.. आखिर भास्कर के मालिको का चमचा जो ठहरा.. कल्पेश ने सौरभ को सिर्फ तिन साल के पत्रकारिता अनुभव पर न्यू एडिटर बना दिया न जाने उसे ब्रह्मा का पुत्र ही मान लिया गया की महज तीन साल इतना बड़ा पद दे दिया.
    दोस्तों आपको क्या क्या बताये भाकर के खास मने जाने वाले गीत चतुर्वदी जैसे संपादक ने नवरंग पत्रिका के पिचले अंक में प्रथम पन्ने पर प्रियंका चोप्रा की जनम तिथि 1882 लिख दी

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  • दोस्तों चंडीगढ़ भास्कर के संपादक कल्पेश जी महाराज ओअर उनका खास चमचा न्यू एडिटर सौरभ दिवेदी बाते इंतनी बड़ी बड़ी करते है की न जाने दोनों मिलकर पत्रकारिता के कोंसे नए मानदंड गड रहे हो..कल्पेश सिर्फ मीटिंग करने की ही तो तनख्व ले रहा है.. आखिर भास्कर के मालिको का चमचा जो ठहरा.. कल्पेश ने सौरभ को सिर्फ तिन साल के पत्रकारिता अनुभव पर न्यू एडिटर बना दिया न जाने उसे ब्रह्मा का पुत्र ही मान लिया गया की महज तीन साल इतना बड़ा पद दे दिया. दोस्तों आपको क्या क्या बताये भाकर के खास मने जाने वाले गीत चतुर्वदी जैसे संपादक ने नवरंग पत्रिका के पिचले अंक में प्रथम पन्ने पर प्रियंका चोप्रा की जनम तिथि 1882 लिख दी

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