राजा से बातचीत के दौरान राडिया आशंका व्यक्त करती है कि उसका फोन टेप हो रहा होगा इसलिए वह (राजा) टाटा के फोन से काल करें. जब राजा उन्हें काल करते हैं तो राडिया फिर पूछती है कि यह फोन ठीक है ना. तब राजा कहते हैं कि यह फोन सही है क्योंकि यह फोन उनके नाम पर नहीं है. देखिए, काले धंधे में लगे लोग किस तरह डर-भय-आशंका के बावजूद धड़ल्ले से अपने कारोबार को करते रहते हैं. और, जब इस कारोबार में देश का केंद्रीय मंत्री शामिल हो और वह कहता हो कि यह फोन ठीक है क्योंकि यह किसी दूसरे के नाम पर है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थिति कितनी विकट है. राजा को चोर हम लोग इसलिए कहते हैं क्योंकि वह पकड़ा गया लेकिन ढेर सारे चोर तो पकड़े ही नहीं जाते, वे जमकर अपना कारोबार कर रहे हैं. इस टेप में राडिया और राजा की फोन टेपिंग पर आशंका को लेकर बातचीत सुनिए.











