लखनऊ हिलाने को ‘जनसंदेश टाइम्स’ तैयार

: सात फरवरी को लोकार्पण के लिए लखनऊ में जुटेंगे देश भर के साहित्यकार और पत्रकार : हम लड़ेंगे / कि लड़े बगैर / कुछ भी नहीं मिलता / हम लड़ेंगे / कि अभी तक लड़े क्यों नहीं / हम लड़ेंगे / लड़ते हुए मर जाने वालों की / याद जिंदा रखने के लिए / हम लड़ेंगे साथी…. यह संकल्प मशहूर जनकवि अवतार सिंह पाश का है. यही संकल्प अब ‘जनसंदेश टाइम्स’ का भी है.

इसी संकल्प के साथ आठ फरवरी को ‘जनसंदेश टाइम्स’ नयी साज-सज्जा के साथ पाठकों के बीच आ रहा है। इस दिन बसंत पंचमी और महाप्राण निराला के साथ विश्वविख्यात शायर नजीर अकबराबादी का भी जन्मदिन है। परिवर्तन और संघर्ष का प्रतीक दिवस है यह। यही मंसूबा होगा ‘जनसंदेश टाइम्स’ का भी। समय बदल रहा है, परिस्थितियां जटिल से जटिलतर होती जा रही हैं। आदमी किनारे होता जा रहा है। भ्रष्ट और अन्यायी ताकतों का प्रभाव बढ़ रहा है। लेकिन इससे भी बड़ा सच यह कि लोग अब धीरे-धीरे इन ताकतों को अस्वीकार करने लगे हैं। इसी अस्वीकार को ताकत देने की जरूरत है, इस लड़ाई को तेज करने और निरंतर जारी रखने का दायित्व मीडिया के कंधों पर है। ‘जनसंदेश टाइम्स’ की कोशिश होगी की वह इस गुरुतर दायित्व का अडिग, अविचल और निर्भय होकर निर्वहन करे।

इसमें दो राय नहीं कि इधर सामाजिक परिवर्तन की गति तेज हुई है। समाज के निर्बल और बेआवाज वर्ग को धीरे-धीरे आवाज मिलने लगी है। इसके बावजूद वंचित, अल्पसंख्यक, महिलाएं और बच्चे निरंतर दमन और शोषण के शिकार हो रहे हैं। गरीबों को जीने का जो अधिकार मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा है। इसलिए कि कुछ निहित स्वार्थी ताकतें उन्हें उनके प्राप्तव्य से वंचित करने की कुचेष्टा में जुटी हुई हैं। इन सबकी लड़ाई लड़ेगा ‘जनसंदेश टाइम्स’।

ऐसे जुझारू, तेज तर्रार और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग पत्रकारों की टीम ‘जनसंदेश टाइम्स’ के संकल्प को मूर्त बनाने के लिए कटिबद्ध है। यशस्वी संपादक सुभाष राय के नेतृत्व में जुटी इस टीम में हरे प्रकाश उपाध्याय जैसा रचनाधर्मी, आदर्श प्रकाश सिंह, सत्येंद्र मिश्र, आनन्द अग्निहोत्री और प्रमोद श्रीवास्तव जैसे सजग पत्रकार शामिल हैं। लखनऊ के पत्रकारिता जगत में अलग पहचान रखने वाले अम्बिका दत्त मिश्र संपादकीय सलाहकार की भूमिका में हैं। ‘जनसंदेश टाइम्स’ के स्टेट ब्यूरो में अपनी सेवाएं दे रहे हैं सूबे की पत्रकारिता में विशेष स्थान रखने वाले शिवशंकर गोस्वामी, अंशुमान शुक्ल, सुरेश बहादुर सिंह, मनीष श्रीवास्तव और मुकुल त्रिपाठी।

‘जनसंदेश टाइम्स’ के प्रबंधन ने नयी साज-सज्जा और नये कलेवर के साथ समाचार पत्र के लोकार्पण के लिए सात फरवरी 2011 को लखनऊ के गन्ना संस्थान के सभाभार में अपराह्न एक बजे एक समारोह का आयोजन करना तय किया है। इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे प्रसिद्ध साहित्यकार असगर वजाहत। विशिष्ट अतिथि के रूप में मशहूर गीतकार सोम ठाकुर, प्रसिद्ध कवि नरेश सक्सेना, नाट्यकर्मी सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ, कहानीकार एवं ‘तद्भव’ के संपादक अखिलेश उपस्थित रहेंगे। लोकार्पण उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सुखदेव राजभर के हाथों होगा। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ आईएस नीतीश्वर कुमार के निर्देशन में उनके सहयोगी सूफी थीम पर आधारित ‘सुफ्यूजन’ प्रस्तुत करेंगे। ‘सुफ्यूजन’ का संचालन करेंगे निर्मलेंदु। लोकार्पण समारोह का संचालन वरिष्ठ संस्कृतकर्मी अजित राय करेंगे।

कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए देश के कई हिस्सों से अनेक चिंतक, विचारक, चित्रकार और पत्रकार आ रहे हैं। इसमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं आलोचक राजकुमार, कहानीकार और अजीतमल हिंदू कालेज के हिंदी विभागाध्यक्ष शिव शंकर मिश्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट के अध्यक्ष अजय जेटली, जाने-माने स्तंभका, पत्रकार व विचारक शेष नारायण सिंह, समाजवादी चिंतक विष्णु गुप्त, नवगीतकारों में सशक्त पहचान बनाने वाले युवा कवि सुधांशु उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘संपूर्ण माया’ के संपादक गोपाल रंजन, श्रीधर द्विवेदी, रतन दीक्षित, महाराज सिंह परिहार आदि शामिल होंगे। लखनऊ के साहित्य, रंगमंच, कला, पत्रकारिता, समाजसेवा एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय महत्वपूर्ण लोग भी मौके पर मौजूद रहेंगे। प्रेस विज्ञप्ति

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Comments on “लखनऊ हिलाने को ‘जनसंदेश टाइम्स’ तैयार

  • hemendra p s tomar says:

    vyakti nirmaan ho, samaaj bane aur desh sudridh ho to patrakaarita ka lakshya poora…..inhi uddeshyon me safal ho jan sandesh, yahee mangal kaamana:
    hemendra tomar

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  • डॉ; महाराज सिंह परिहार says:

    आम आदमी के संघर्ष में शामिल होने के लिए जनसंदेश टाइम्‍स का आगाज निश्चित रूप से हिंदी पत्रकारिता की अविस्‍मरणीय घटना होगी क्‍योंकि आज के बदलते परिवेश में मीडिया भी प्रश्‍नों के घेरे में है। इस परिप्रेक्ष्‍य में डा. सुभाष राय के नेतृत्‍व में जनसंदेश टाइम्‍स हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा देगा और पत्रकारिता के स्‍वाभिमान और संघर्ष को अक्षुण्‍ण बनाये रखेगा। आभार और शुभकामनाओं सहित

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  • akash rai journalist .mp says:

    hindi patkarita jagat mai jansandesh times ek meel ka patther sabit hoga.
    iske prakasion per Dr subhas rai ko bahut bahut badhai .

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  • sumit sonkar says:

    jan sandesh ke ujjval bhavishya ke liye subh kaamnaye. aur asha karta hu ki samaj me vyapt shoshad ke sath sath media ke dalalo se bhi nijat dilayega. aur sath hi soshit patrkaro ki madad ke liye aage aayea. kyu ki shoshit patrkaar kuhd khabar hain aur likhte hain auro ki.[b][/b]

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  • vijay yadav says:

    jansandesh times ko hamari or se dher sari shubhakamanaye.
    – vijay yadav , president- bharatiy patrakar vikas parishad.9869717220

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  • himanshu puri says:

    avisvasniya, adhbhut, akalpniye……………………kuch inhi naamo ko sanjo chuka hai jansandesh times.

    congratulation

    himanshu

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  • आशा है कि इतने बुद्धिजीवी एकसाथ मिलकर इस समाचार पत्र को नीले रंग के मोह से बचा कर सफ़ेद बनाये रखेंगे…काले रंग में लिखी सच की इबारत तभी साफ़ दिखेगी.
    ~विनीत~/ winit@in.com/ LuCkNoW-swennews

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  • umesh shukla says:

    achche vyakti hi achche samaj ka nirmaan karte hain. satyam, shivam, sunderam ke anuyayi Sri Subhash Rai ji ke netritva me yeh naya akhbaar samaj me baithe aur paithe do netron wale kuch drishtiheeno ko sahi rah dikhayega aishi poori ummeed ki ja sakati hai, badhai ho prakashan poorv bela men.

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  • Jaishankar Gupta says:

    kishoravastha ke rajneetik sangharsh aur patrakarita ke shuruati dinon ke saathi Subhash Rai ko bahut badhayee aur assem shubhkamnayein. Ek acchhe, mulyaparak, shabdon ke samarthya ki sarthakata sthapit karne wale secular evam loktantrik mulyaon se aabaddh akhbar ki jarurat na sirf Lucknow, Uttar Pradesh balki is desh ko bhi hai. Neela ho ya Hara, JANSANDESH TIMES ko Syah aur Safed mein Fark karnewala aisa aaina (Mirror) banana chahiye jismein hamara samaj aur ise sanchalit karnewale log bhi apna aslee chehra dekh sakein. Ek bar fir Subhash ko aur unki team (team ke kuch sadsya patrakarita ke hamare shuruati sangharsh mein saakshi aur varishth sahyogi rahe hain) ko bhi har sambhav sahyog ke ashwasn ke saath bahut badhayee aur dher saari shubhkamnayein.
    Jaishankar Gupta
    Executive Editor
    Lokmat samachar
    Nagpur

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  • Are yaar sab log chatukarita kyon karne lage ya fir isame naukari ki aas hai. Maine suna tha ye dalito ka akhbaar hoga, jo team bani hai usame koi patrakar dalit samaj ka nahi hai… Sabhi pandit, thakur aur baki savarnon ka jamghat hai yaar… Ye to wahi baat hui jaise intelectuals Kashir gaye bina kashmir samasya par jam kar likhate hain. Dekhiye ye log kaun si kranti karte hain…Meri taraf se bhi Akhbar ko shubhkamnayen.

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  • Mahendra Pratap Singh says:

    jansandesh times dher sari shubhakamanaye. Sh. Rai saheb ko bhi bhadai. naya news paper aam aadami ki aawaj bane. usaki bhi Khabare lage. aisa hi hoga es paper me is ummid ke sath shubhakamanaye.
    Mahendra Pratap Singh,

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  • girish pankaj says:

    सुभाष राय जी के नेतृत्व में एक संभावना-सी दीख रही है. वे सफल होंगे, ऐसा मेवर विशवास है. उनकी शैली से मै परिचित हो चुका हूँ. कोई दुर्भागी होगा जो, उनको अपने से न जोड़ना चाहे. मैं भी कार्यक्रम में आना चाहता था. पर दुर्भाग्य…नहीं पहुच पा रहा हूँ. दूर से ही सही, मैं शुभकामनाये दे रहा हूँ.

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  • kamran khan s/o ex chairman khurja.8954218998 says:

    khuda bahen ji k is akhbaar ko behen ji ki tarha he unchaaiya de.ameen….kamran khan khurja distt bulandshahar.8954218998

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  • subhas roy ji ko vakeel khan ki or se jansandesh ke liye haardik shubhkaamnaayen poore jansandeshprivaar ke liye bhi

    vakeel khan mathura jansandesh times dist office holi gate mathura

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  • Animesh Kumar Singh says:

    Dear Mr.G Ram,
    Mujhe lagta hai Tum patrakarita ke kabil nahi ho patrakarita shabd kya hoti hai pahale jano fir kaho.Kisi ke upar keechad uchhalane se pahale apne andar ki kami ko dekho.jab aadami khud galat ho to dusare usake liye galat hi honge, jahan tak naukri ki baat aapne kahi to aadami apne skill ke bal par hi kaam kar sakata hai ek patrakar ka role vahi ada kar sakta hai jiski dictionary me dar shabd na ho.

    Animesh Kumar Singh
    SwatantraBharat (REPORTER)

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