विजय वर्धन तथा भक्‍त दर्शन को युवा पत्रकारिता पुरस्‍कार

: उमेश डोभाल स्‍मृति समारोह आयोजित : उत्तराखंड में जनपक्षीय पत्रकारिता की धारा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ 21वां उमेश डोभाल स्मृति समारोह सम्पन्न हुआ। उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित समारोह में युवा पत्रकारिता पुरस्कार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए विजयवर्धन उप्रेती व प्रिंट मीडिया के लिए भक्तदर्शन पांडे को दिया गया, जबकि उमेश डोभाल स्मृति सम्मान डॉ. शेर सिंह पांगती को दिया गया।

इसी वर्ष से शुरू हुआ जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा सम्मान जनकवि अतुल शर्मा व राजेंद्र रावत जनसरोकार सम्मान बीज बचाओ के प्रणेता विजय जड़धारी को दिया गया। सभी ने उमेश डोभाल की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। शुक्रवार को रूद्रपुर सिटी क्लब सभागार में आयोजित समारोह के पहले सत्र का शुभारंभ पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बीएस बिष्ट व आजादी बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक बनवारी लाल शर्मा ने दीप प्रज्ज्‍वलित कर किया।

मुख्य वक्ता बनवारी लाल शर्मा ने कहा कि राजनीति व मीडिया में कारपोरेट कंपनियों का दखल समाप्त किए जाने की जरूरत है। कारपोरेट के बढ़ते दखल से मीडिया आम आदमी के सवालों को दमदार ढंग से नही उठा पा रहा है। मीडिया कारपोरेट का एजेंट बन गया है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था की कारपोरेट परस्ती के दौर में मीडिया के व्यवसायीकरण पर गहरी चिंता जताई। जनकवि अतुल शर्मा ने गिर्दा के गाए गीत सुनाकर समां बांध दिया।

पुरस्‍कार

विजय जड़धारी ने कहा कि खेती की असली बुनियाद बीज है। जैविक खेती व परंपरागत बीजों को बचाने की जरूरत है। पहाड़ को जिंदा रखने के लिए जैविविधता को बचाने की जरूरत है। डा. शेर सिंह पांगती ने पहाड़ की लोक भाषाओं के शब्दों का संकलन को आने वाली पीढ़ी के लिए बचाए रखने की जरूरत पर बल दिया। पुरस्कार से सम्मानित हुए दोनों युवा पत्रकारों विजयवर्धन व भक्तदर्शन ने पत्रकारिता के समक्ष आ रही चुनौतियों के बारे में बताया।

वरिष्ठ पत्रकार एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद पंत राजू ने संस्था का इतिहास बताते हुए गतिविधियों की जानकारियां दी। इस दौरान ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया। पहले सत्र के कार्यक्रम का संचालन योगेश धस्माना व कस्तूरी लाल ने संयुक्त रूप से किया। दूसरे सत्र में वैकल्पिक मीडिया की चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई।

पुरस्‍कार

पत्रकार राजीव खन्ना ने कहा कि कम्युनिटी रेडियो व इंटरनेट के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा जा सकता है। सुभाष चतुर्वेदी ने कहा कि पहाड़ में बढ़ते शराब माफिया वहां के जनजीवन को निगल रहे है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मीडिया में जनता के मूलभूत सवालों से मुंह चुराने की कोशिश की जा रही है। मीडिया की संरचना को समझने की जरूरत है।

वरिष्ठ पत्रकार दिवाकर भट्ट ने कहा कि मीडिया की भूमिका जनता के पक्ष व राजनीति के विपक्ष में ही सशक्त होती है। उमाशंकर थपलियाल ने कहा कि मीडिया की कुंद पड़ी धार तेज करने की जरूरत है। पूर्व विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि जनसरोकार की चीजें मीडिया से दूर होती जा रही है। आज पत्रकारों को बुनियादी सरोकारों को साहस के साथ कहने की जरूरत है। राजीव लोचन शाह ने कहा कि मीडिया का चरित्र निश्चितरूप से जनविरोधी है। जनआंदोलन तेज होगा तो निश्चितरूप से मीडिया में भी बदलाव आएगा। दूसरे सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार गोविंद पंत ने किया।

पुरस्‍कार

समारोह स्थल में कोटद्वार से आए देवेंद्र नैथानी की 300 कविताओं को दर्शाती पोस्टर प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। शाम को सांस्कृतिक संध्या में कवि सम्मेलन में दर्जन भर कवियों ने कविता पाठ किया। इस मौके पर ट्रस्ट के सचिव ललित मोहन कोठियाल, प्रोफेसर शेखर पाठक, मथुरा दत्त मठपाल, ओंकार बहुगुणा, एपी घायल, भूपेंद्र सिंह, जितेंद्र भट्ट, पूनम पांडे, महेश जोशी, बी शंकर, सुशील सीतापुरी, विधि चंद्र सिंघल, दीपक आजाद, चंदन बंगारी, आनंद बल्लभ उप्रेती, गणेश रावत, मनीष सुंद्रियाल, जगमोहन रौतेला, ओपी पांडे, अशोक पांडे सहित देश-प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए पत्रकार व बुद्विजीवी मौजूद रहे।

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Comments on “विजय वर्धन तथा भक्‍त दर्शन को युवा पत्रकारिता पुरस्‍कार

  • Prem Arora 9012043100 says:

    काफी अच्छा प्रोग्राम था…एक सार्थक बहस चली अल्टर नैट मीडिया की……बनवारी लाल शर्मा जी ने तो बिलकुल साफ़ साफ़ बोला की एक और आन्दोलन की जरूरत है……मुझे अच्छा लग रहा था जब में अपने भुला विजय वर्धन को पुरस्कार लेते हुए देख रहा था….विजय वर्धन को बैज लगाते हुए काफी ख़ुशी हो रही थी ……विजय वर्धन एक इमानदार पतरकारिता का परतीक……

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  • amit khanna says:

    विजय को पुरुस्कार मिला ख़ुशी की बात है! लेकिन ये समाज से मतलब ना रखने वाला इंसान है ! कुछ दिन इसके साथ रहोगे तो पता चल जायेगा इसका मतलाबिपना ! पुरुस्कार के लिए चुनाव कैसे किया गया, ये सोचनीय है! पुरुस्कार उन्हें मिलना चाहिए जो इसके वास्तव में हकदार है ! इस इंसान के मुह में तो हरवक्त गालिया ही रहती है ! जहाँ तक ईमानदारी की बात है, मै नहीं समझता की हर नेता से…. लेने वाला पत्रकार, इमानदार होगा! बांकी चयनकर्ता जाने इनकी इमानदारी !

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