विनोद कापड़ी, साक्षी और उमेश जोशी पर केस

: टोटल टीवी के आउटपुट हेड ऋषि दीक्षित ने कराया दर्ज : मामला विनोद-साक्षी के अंतरंग फोटो का : विनोद कापड़ी-साक्षी जोशी की अंतरंग फोटो को लेकर पिछले दिनों हुए घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है. टोटल टीवी के आउटपुट हेड ऋषि दीक्षित ने इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी, आईबीएन7 की एंकर साक्षी जोशी तथा साक्षी के पिता उमेश जोशी पर पटियाला हाउस कोर्ट में केस दर्ज कराया है. उन्‍होंने यह मुकदमा उनके विरुद्ध षणयंत्र रचने तथा छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए दर्ज कराया है.

कुछ महीने पूर्व इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी एवं टेलीविजन/एंकर साक्षी जोशी के अंतरंग फोटो पिछले साल मार्च महीने में कुछ स्‍थानों पर प्रकाशित हुए थे. उस दौरान दो तस्‍वीरों ने मीडिया इंडस्‍ट्री में हंगामा मचा खड़ा कर दिया था. बवाल इसलिए मचा कि मामला मैनेजिंग एडिटर एवं एक महिला रिपोर्टर के बीच का था. इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं और बहस हुईं. नैतिकता को लेकर भी सवाल खड़े किए गए.

कई वेबसाइटों पर प्रकाशित फोटो के मामले में साक्षी ने यूपी के सहारनपुर एसएसपी को तीन पन्‍नों का पन्‍नों का कम्‍पलेन भेजा था, जिसमें अविनाश दास, ऋषि पांडेय, संदीप चावला, रामानुज सिंह, तरुणा सिंह और मोहम्मद हसन सिद्दीकी को उनकी मेल आईडी हैक करने तथा उनके पर्सनल फोटो

विनोद साक्षी
साक्षी जोशी एवं विनोद कापड़ी
साइटों पर पब्लिश कराने का आरोप लगाया. इस मामले में ऋषि ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के खिलाफ स्‍टे ले लिया था, जिससे उनको पूछताछ के दौरान गिरफ्तार नहीं किया जा सकता था. हालांकि इस मामले में गिरफ्तार करना तो दूर सहारनपुर पुलिस ने किसी से पूछताछ भी नहीं की.

इस वाकये के बाद बाद साक्षी इंडिया टीवी से बीबीसी चली गईं. इसके कुछ समय बाद पिछले साल नवम्‍बर महीने में विनोद कापड़ी और साक्षी परिणय सूत्र में बंध गए. जिसके बाद पीछे घटे सारे मामलों का पटाक्षेप हो गया. इस फोटो एवं इससे जुड़े मामलों पर भी विराम लग गया.  इस दौरान साक्षी ने भी बीबीसी छोड़कर आईबीएन7 चली गईं. परन्‍तु ऋषि दीक्षित के केस दर्ज कराने के बाद फोटो वाला यह जिन्‍न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है.

दरअसल पूरा मामला यह है कि इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी की अंतरंग क्षणों की तस्वीरें जब नेट पर जारी हुई, उस समय ऋषि पाण्डेय इंडिया टीवी में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थे. ऋषि और साक्षी दोनों टोटल टीवी से इंडिया टीवी में आए थे, इसलिए एक दूसरे को पहले से जानते थे. दोनों के बीच दोस्‍ताना संबंध भी था. लेकिन इस चैनल में आने के बाद से दोनों के रिश्‍तों के समीकरण बदल गए. साक्षी विनोद कापड़ी के नजदीक हो गईं.  बाद में ऋषि भी आउटपुट हेड बनकर वापस टोटल टीवी आ गए.

ऋषि ने पटियाला हाउस कोर्ट में 29 जनवरी को केस दाखिल किया है. उनके अधिवक्‍ता के मुताबिक उनके मुवक्किल के खिलाफ बिना किसी ठोस आधार के आरोप लगाए गए उनके खिलाफ षणयंत्र रचा गया, ताकि उन्‍हें व्‍यसायिक, सामाजिक और मानसिक स्‍तर पर नुकसान पहुंचाया जा सके. इस संबंध में जिन तीन लोगों के नाम दिए गए हैं उनमें पहला नाम न्‍यूज एंकर आईबीएन7 साक्षी जोशी, मैनेजिंग एडिटर इंडिया टीवी विनोद कापड़ी और तीसरा नाम उमेश जोशी का है, जो साक्षी जोशी के पिता हैं. इन तीनों लोगों पर ऋषि की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है. इसके लिए उनके अधिवक्‍ता ने आईपीसी की धारा 120बी, 34, 499, 500 के तहत कोर्ट में केस दायर किया है.

बहरहाल इस पूरे मामले में ऋषि का नाम भी काफी उछला. ऋषि का मानना है कि इससे उनकी छवि पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ा. हालांकि इस मामले में मान‍हानि का दावा तो किया गया है लेकिन हर्जाना जैसा कुछ भी नहीं मांगा गया है. ऋषि का कहना है कि उनका नाम प्रोफशनल राइवलरी के चलते इस मामले में घसीटा गया. जिसके बाद उन्‍होंने कानून का सहारा लिया है.

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Comments on “विनोद कापड़ी, साक्षी और उमेश जोशी पर केस

  • jai kumar jha says:

    पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे को गंदगी से भरने वाले लोग……

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  • Roshan Thapliyal says:

    एक बात समझ में नहीं आती की जब साक्षी ने ऍफ़ आई आर दर्ज करायी और उसमे सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो गयी है… तो जब तक ये सभी आरोपी बरी नहीं होत्ते, उस से पहले कैसे मानहानि का दावा कर सकते हैं… अजीब कहानी है.. केस करने वालो की और खबर छपने वालो की भी

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  • रुद्रप्रताप says:

    दो प्यार करने वाले दिल जब रज़ामंदी से शादी कर चुके तो किसके फटे में खुजली हो रही है? वे जिन्होंने बड़े षडयंत्र से जाल गहरा बुना था, अब तक क्यों खखुआए हुए हैं। साइबर क़ानून और नैतिकता की धज्जियां तो उन्होंने उड़ाईं हैं जिन्होंने कापड़ी को चैनल से हटाने के लिए ऐडी-चोटी का ज़ोर लगा दिया था। अजब दास्तां हैं नैतिकता के कथित पहरुओं की। बजाय इसके कि जहां शोषण है..जहां पीड़िता हैं..वहां की ख़बर कौन ले रहा है। कोई ध्यान भी देता है वहां? इस बासी कढ़ी (ख़बर) में उछाल के क्या मायने हैं। सिवा इसके कि इससे न्यूसंस वैल्यू साबित की जाए?

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