सीएनईबी से आठ मीडियाकर्मियों का इस्तीफा

सीएनईबी न्यूज चैनल से खबर है कि इसके मुंबई ब्यूरो से कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. ये लोग चैनल की वर्तमान हालत से तंग थे. काम करने की बुनियादी सुविधाएं और जीने के लिए जरूरी सेलरी न मिलने की वजह से इन लोगों ने चैनल से नाता तोड़ने का ऐलान किया. इस्तीफा देने वालों में मुंबई ब्यूरो का काम देख रहे इंद्रजीत सिंह भी हैं. सूत्रों के मुताबिक बकाया भुगतान न होने और चैनल की हालत लगातार खराब होने के कारण इन लोगों ने मजबूरी में इस्तीफा दिया.

चैनल से नाता तोड़ने वालों की संख्या करीब आधा दर्जन बताई जाती है. उधऱ, सूत्रों का कहना है कि चैनल के दिल्ली नोएडा आफिसों से भी काफी संख्या में लोगों ने इस्तीफा दिया है या फिर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है. कर्मियों को आए दिन जलील और परेशान किया जाता है. दूसरे पैसे बचाने के चक्कर में बलि का बकरा कर्मियों को बनाया जा रहा है.  बिना किसी अपराध या नोटिस के ही दर्जन भर से ज्यादा लोगों को चुपचाप कार्यमुक्त कर दिया गया. यहां सेलरी इनक्रीमेंट के नाम पर बढ़ी हुई सेलरी की भांति-भांति तर्कों-कुतर्कों के जरिए कटौती कर दी जाती है. कभी यह कृत्य टीआरपी गिरने के नाम पर तो कभी एलटीए इत्यादि के नाम पर किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक टीआरपी की गाज कायदे से बड़े पदों पर बैठे लोगों पर गिराई जानी चाहिए लेकिन शिकार बनाए जा रहे हैं कम सेलरी पाने वाले सीधे-साधे मीडियाकर्मी.

सूत्रों के मुताबिक एलटीए फंड के नाम पर हर महीने कर्मियों की सेलरी डिडक्ट की जा रही है. इससे भी लोग परेशान और दुखी हैं. इस कारण जिसे जब मौका मिल रहा है, चैनल से इस्तीफा दे रहा है. चैनल के नोएडा आफिस से भी दो लोगों के इस्तीफा देने की खबर है. सुप्रियो विश्वास और सुमित चटर्जी. सुप्रियो के बारे में बताया जाता है कि वे आटी हेड थे जबकि सुमित चटर्जी सैटेलाइट और नेटवर्किंग देखते थे. कहा जा रहा है कि आगे आने वाले दिनों में कई और लोग संस्थान को गुडबाय बोल सकते हैं.

अनुरंजन झा और किशोर मालवीय के आने के बाद सीएनईबी के हालात में कितना हुआ है सुधार या फिर कितना कुछ हुआ है बेकार… कितने लोग लाए गए या भगाए गए… टीआरपी का कैसा है हाल… माहौल में कितनी है मानवीयता या अमानवीयता… इस पर आप अपनी टिप्पणी या रिपोर्ट हमें भेज सकते हैं. आपकी पहचान का खुलासा न करने का वादा है. आप अपनी बात नीचे कमेंट बाक्स के जरिए कह सकते हैं या फिर हम तक मेल bhadas4media@gmail.com के जरिए पहुंचा सकते हैं. -एडिटर

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Comments on “सीएनईबी से आठ मीडियाकर्मियों का इस्तीफा

  • rajnish tripathi says:

    अनुरंजन झा जहां पहुचे वहां गंदगी हुई है सीएनईबी के दुर्दिन शुरु हो गए है। आप लोग देखिएगा लोग कितनी जल्दी बेरोजगार होते है

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  • Anonymous says:

    अनुरंजन झा टीआरपी बढ़ाना चाह रहे थे.. उनसे पहले टीआरपी 1.2 था जो अब घट कर 0.2 रह गई है.. अपने बिहारी भाइयों को इन्होंने हर जगह बढ़ावा दिया है.. कभी 70 लोगों की भर्ती तो कभी 60 की नई खेप.. चैनल में भर्ती के नाम पर अपने लग्गू भग्गू दाखिल करते हैं.. तो चैनल की परिणिति क्या होगी..
    सही कहा है..
    एक ही उल्लू काफी है बर्बाद ए गुलिस्तां करने को

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  • vishal mishra says:

    priye sampadak ji,
    mujhe yaad hai ki kuch mahine pahle aapke isi pratisthit news portal pe ek khabar chapi thi jiska shirsak tha”chairmen ke khilaaf saazish rachi thi anuranjan ne” jisme is bat ka saaf ullekh tha ki S1 channel ke chairmen sri vijay dixit ko sri jha dwara female anchor ko aage kar blackmail karne ka prayas kiya tha.is khabar ke prakaasit hone ke baad se sri jha kaafi be-chain aur pareshan the,aise mein unka yadi koi sahara aur madadgaar bana to wo bhi aap. aap to wo hai jo dard bhi hai aur dard ki dava bhi.is dauraan hospital mein swargiye alok tomar ji se milne jana ho to aap sri jha ke saath,sri jha ke khilaaf yadi kisi patrakaar ne kadwa sach likh diya to us comment ko turant wahan se hatane mein aap sri jha ke saath,”chairmen ke khilaf saazish rachi thi anuranjan ne”yadi is khabar ko hatana ho to aap unke saath.puri media jagat mein jis vyakti ko yellow journalism ka baadshah maanti ho uska shaandaar interview aur wo bhi video ke saath load karne mein aap uske saath. to priye sampadak ji,pehle to aap yeh batayein ki jis vyakti ka gungaan karte aapka news portal nahi thakta aaj use achanak ho kya gaya hai? khair aapke liye ek sher arz hai. Aisa nahin hai ki log tujhe sitamgar nahin kehte-2, are kehte to sabhi hai zaalim lekin tere muh pe nahin kehte.

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  • ashutosh says:

    jhaji, TRP ke naam par employees ka shoshan karne se channel age nahin badega…………..
    be positive.& be honest with your employes.

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  • wriiten by anonymous says:

    mahoday sabse pahle to aapko shukriya jo aapne apni aankhe kholi aor is baar kuch sahi cneb me jo galat ho raha hai uske khilaf chapa… nahi to mujhe jahan tak yaad hai, beeti jan ko first time jab salary cut ki gai wo bhi bina batay, aor sansthan se mere jaise kareeb 5 logo ne alvida kaha tab shayad aapko khabar nahi lagi, aaj achanak ye parivartan dekhkar achha laga hai, baki mai anuranjan ji ki purani baten na janta hoon na hee janne ka ikshuk hoon, kahna sirf itna hai k jab b bhawar me naiya doobti hai, to sabse pahle khevanhar ko hee uski zimmedari leni padti hai, team india world cup haar jati to sabse pahle dhoni aage aate aor zimmedari mante, magar yahan zabardasti wo zimmedari bechare juniors par dali gai, cost cutting k naam par unhe jaleel kiya gaya, notice dene k baad bhe channel me entry band kar dee gai. nikale wo gai jo wakai channel ki zaroorat the, anuranjan ke hee sabse kareebee ne halanki apni baat kahi rakhi, aor kaha k jo gay hai unme se kuch wakai kabil the, khair sawal to kai hai, jawab ki zaroorat bhi nahi hai. achha hai jo aapne pahli baar pardarshita k sath cneb ki kamiyo aniymittao ko apne yahan jagah di…

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  • सीएनईबी की बात क्या करें,यहां तो गधे जलेबी खा रहे हैं। पत्रकारिता के धुरंधर संस्थान छोड़कर जा रहे हैं। और जो लोग सच में काम करने वाले मेहनती लोग है उनसे ज्यादा काम लिया जा रहा है। या तो प्यार पुचकार कर या फिर नौकरी की कीमत पर। जो लोग अनुरंजन की चाट रहे हैं वो लोग मौज में है। उनकी भारी गलतियों पर किसी की नजर नहीं जाती है। सैलरी भी मोटी उठा रहे हैं। लेकिन टीआरपी के नाम पर बेचारे कम सैलरी पाने वालों के पैसे काटे जा रहे हैं। मजे की बात ये है कि टीआरपी के नाम पर इलेक्ट्रीशियन के भी पैसे काटे गए हैं। यहां तक की ट्रेनी और प्रोडक्शन एक्जीक्यूटिव जैसे सबसे छोटे पद वाले कर्मचारियों तक के पैसे काट लिए गए हैं। किशोर मालवीय जैसे चोर लोग सीएनईबी में जिस दिन से आए उसी दिन चैनल के लिए उसके समर्थकों ने बड़ा सा ताला खरीद लिया था।

    रही बात यशवंत जी आपकी तो मै ये अच्छी तरह से जानता हूं कि आपकी और किशोर मालवीय व अनुरंजन झा की दोस्ती कितनी गहरी है। इसलिए कम से कम आप लेखों के नीचे अपनी सफाई औन नाम गोपनीय रखने की बात मत छापा करिए कभी कभी हंसी आ जाती है। उम्मीद करता हूं ये वाला पार्ट भी कमेंट में प्रकाशित करेंगे

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