असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई द्वारा विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पत्रकारों को लैपटाप दिए जाने की घोषणा को लेकर राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है। पहले तो पत्रकारों के बीच इसको लेकर घमासान मची थी, अब भारतीय जनता पार्टी ने लैपटाप बांटने की घोषणा को चुनावी मुनाफे से जोड़ दिया है।
असम प्रदेश भाजपा के प्रभारी विजय गोयल ने कहा है कि चुनाव से पहले पत्रकारों को लालीपाप दिखाने का मतलब चुनावी मुनाफे से जुड़ा हुआ है। गोयल ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि लैपटाप देने की घोषणा ऐन चुनाव के पहले क्यों की गई। भाजपा नेता ने सवाल किया है कि यदि राज्य सरकार पत्रकारों के प्रति इतनी हमदर्द है तो पत्रकारों की भलाई के लिए गठित मणिसेना आयोग की सिफारिशों को अब तक क्यों नहीं लागू किया गया।
गोयल ने यह भी कहा है कि सरकार ने वरिष्ठ पत्रकारों को ही लैपटाप देने की बात कही है, जबकि होना यह चाहिए की जो लोग नए हैं,उन्हें दिया जाए। कारण कि ज्यादातर नए पत्रकार लैपटाप खरीदने में सक्षम नहीं होते हैं। बताते चले कि असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई समय-समय पर पत्रकारों को लुभाने के लिए इस तरह की घोषणा करते रहते हैं। पिछले वर्षो में पत्रकारों को जमीन और मकान तक दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है।












Abhijit
June 25, 2011 at 8:11 am
जब पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है तो उसे आप सम्मान के रूप में लेते हैं लेकिन किसी प्रकार की आर्थिक सहायता जो कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए न होकर पूरे पत्रकार भाईयों के लिए हो तो इसका विरोध क्यों? मुझे लगता है किसी भी पार्टी को इस प्रकार के कार्यों का विरोध नहीं करना चाहिए.
rajkumar
October 21, 2011 at 4:14 pm
har sarkar me ye to kam hi karege phir virodh kyo aap motar ya car de dena…………rajkumar 09808898695