ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान ने ग्वालियर के होटल सेन्ट्रल पार्क में आयोजित एक समारोह में ईटीवी के ग्वालियर-चम्बल के ब्यूरो चीफ आलोक पंड्या को सादगीपूर्ण पत्रकारिता सम्मान से नवाजा. इस समारोह के मुख्य अतिथि साडा (स्पेशल डेवलपमेंट ऑथोरिटी) चेयरमैन जय सिंह कुशवाहा थे. अध्यक्षता पूर्व महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश राज्य सहकारी संघ के चेयरमेन अरुण सिंह तोमर, ग्वालियर प्रेस क्लब के सचिव राकेश अचल और जनसंपर्क विभाग के उप संचालक जीएस मौर्य मौजूद रहे.
कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार देव श्रीमाली ने श्री पंड्या के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला तदुपरांत उन्होंने और अतिथियों ने उन्हें सम्मान पत्र भेंट किया और शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री कुशवाहा ने ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान की सराहना की कि वह सादगी की चिंता कर रही है. उन्होंने कहा कि सहजता और शालीनता पत्रकारिता का आभूषण है लेकिन समाज में आ रही समग्र गिरावट के चलते जिन क्षेत्रों में इन्हीं सबसे ज्यादा कमी आ रही है वे हैं राजनीति और पत्रकारिता. यह चिंता का विषय है. आज जब मीडिया आम जन के बीच सबसे विश्वसनीय औजार के रूप में स्थापित हो चुका हो तब इसमें सादगी और सहजता दोनों की कमी होना चिंता को और भी बढ़ाती है. यह तथ्य सर्व विदित है कि सहजता और शालीनता किसी भी पत्रकार का सबसे पहला आभूषण होता है.

श्री शेजवलकर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता और राजनीति अब दोनों शक्ति संपन्न हैं और जहाँ शक्ति आती है तो स्वाभाव में बदलाव भी लाती है. राजनेताओं के दंभ तोड़ने का इंतजाम जनता के पास है लेकिन मीडिया से जुड़े लोग इस बीमारी का इलाज़ आत्म विश्लेषण से ही कर सकते हैं. पत्रकारिता की असली ताकत उसकी सहजता ही है अगर इससे जुड़े लोगों में ही दंभ की बीमारी लग जाए तो यह न तो उनके लिए ठीक है और न ही समाज के लिए.
विशिष्ठ अतिथि मध्य प्रदेश राज्य सहकारी संघ के चेयरमैन अरुण सिंह तोमर ने कहा यदि पत्रकार सहजता और सादगी की पूंजी खो बैठता है तो समझो वह समाज से कट जाता है. और इसके बगैर उसका कोई अस्तित्व नहीं रहता इसलिए इस पूंजी को सहेजकर रखना जरूरी है. प्रेस क्लब के सचिव राकेश अचल ने कहा कि नयी पीढ़ी बहुत जुझारू है और ज्यादा बुद्धिमान भी, लेकिन उसमें सेलीब्रिटी होने का दम्भी कीड़ा घुस गया है. इसने उसमें सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता की कमी कर दी है जो बहुत चिंता का विषय है. यदि मीडिया कर्मी अपने में इन गुणों का भी शामिल कर लें तो सबके लिए फायदेमंद रहेगा.
इस मौके पर पीआरओ द्वय हितेंद्र सिंह भदौरिया एवं अनिल वशिष्ठ के अलावा मनोज वर्मा, शैलेन्द्र तिवारी, राजेश वाधवानी, मध्य प्रदेश पत्रकार संघ के महासचिव राजेश शर्मा, जीतेंद्र पाठक, सुयश शर्मा, अमित श्रीवास्तव, राजीव गुप्ता, हितेंद्र शर्मा, योगेश धाकरे, तरुण प्रेमानी, राजेन्द्र कश्यप, संजय त्रिपाठी, प्रवीण खंडेलवाल, रणजीत सिंह, रवि उपाध्याय, अनिल सिकरवार, मंजर अली, विनोद शर्मा, रमण शर्मा, जय दीप सिकरवार, विक्रम प्रजापति, राजेश मंगल सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार, कैमरापर्सन और फोटो जर्नलिस्ट उपस्थित थे. इस मौके पर श्री पंड्या को भावभीनी विदाई भी दी गयी. उनका स्थानांतरण ग्वालियर से प्रदेश की राजधानी भोपाल हो गया है. वे अब वहां ईटीवी में सीनियर रिपोर्टर के रूप में कार्य करेंगे. इस मौके पर सभी ने श्री पंड्या के कार्यकाल की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम का संचालन संस्थान के अध्यक्ष देव श्रीमाली और अंत में आभार प्रदर्शन नासिर गौरी ने किया.












animesh
April 11, 2011 at 6:34 pm
बधाई आलोक भाई, ये सम्मान आपके व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों से मेल खाता है..भोपाल से नई पारी के लिए भी शुभकामनायें..जल्द मुलाक़ात होगी.
atul pathak
April 12, 2011 at 4:04 pm
badhai alok g ki sahajta aur sajjanta ke hum bhi kayal hein
Vikram Rao,,,M.K.NEWS Gwalior.
April 13, 2011 at 11:36 am
bADHAAYI HO AALOK JI,,,, AGAR HO SAKE TO JALDI VAAPAS AAJAYIYE.
manoj singh baghel
April 15, 2011 at 6:58 am
badhai ho alok bhai…bhopal me bhi yu hi dhoom machana hai…
SUSHIL
April 28, 2011 at 3:17 pm
EK AUR BLACMELLAR KA SAMMAN HUA…….KUCH CHURKAT KHUD KO PTRAKAR KAHNE WALO NE AAYOJAN KIYA OUR KHUD KI TARIF KE PUL BANDHE………HA……….HA……..HAA….SAME…SAME..SAME
SUSHIL
April 28, 2011 at 3:18 pm
ALOK PANDYA GWALIOR KA SABSE BADA,FARZI AUR CHURKAT PATRAKAR HAI.