साधना न्यूज में अंदरखाने सरगर्मी बढ़ी हुई है. एनके सिंह को नोएडा स्थित मुख्यालय लाकर बिठा दिया गया है. वे अभी तक झंडेवालान स्थित ब्यूरो आफिस बैठते थे. उन्हें साधना न्यूज के तीनों न्यूज चैनलों का इंचार्ज बना दिया गया है. मार्केट में कई दिनों से चर्चा फैली है कि प्रभात डबराल किनारे कर दिए गए हैं या प्रभात डबराल ने इस्तीफा दे दिया. चैनल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रभात डबराल से भड़ास4मीडिया ने जब इस बारे में संपर्क किया तो उनका कहना था कि कई नए न्यूज चैनलों को लांच करने की तैयारी चल रही है. काम काफी बढ़ चुका है. ऐसे में एनके सिंह को चैनलों का प्रभारी बनाए जाने का फैसला उनकी पहल पर, सहमति से और जानकारी में रखते हुए हुआ है.
प्रभात डबराल ने खुद को साइडलाइन किए जाने और इस्तीफे को चर्चाओं को बकवास व अफवाह करार दिया. उनका कहना था कि जब कोई संस्थान बड़ा होता है तो विभिन्न चरणों में बड़े पदों पर वरिष्ठ लोगों की जरूरत होती है. उधर, साधना के सलाहकार संपादक एनके सिंह से जब भड़ास4मीडिया ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि नए चैनल लाने की तैयारी चल रही है. नेशनल न्यूज चैनल आएगा. कुछ रीजनल चैनल लाए जाएंगे. इसी की तैयारियों के तहत वे नोएडा आफिस में बैठ रहे हैं. एनके सिंह ने भी प्रभात डबराल के साइड लाइन किए जाने या इस्तीफा देने की चर्चाओं को निराधार बताया.
पर चैनल से जुड़े कुछ सूत्रों का कहना है कि मामला सिर्फ उतना नहीं है, जितना इन दोनों वरिष्ठों द्वारा बताया जा रहा है. साधना के मालिकान के खेल-तमाशे बड़े पैमाने पर शुरू हो चुके हैं. प्रत्येक प्रबंधन किसी का एक हद तक इस्तेमाल करने के बाद नए लेवल के लिए नए लोगों को लाता और आगे बढ़ाता है. संभवतः साधना में भी यही हो रहा है. उधर, प्रभात डबराल से खफा साधना के कई रिपोर्टरों ने भड़ास4मीडिया को मेल भेज कर सूचित किया कि जिस तरह प्रभात डबराल ने सहारा में रिपोर्टरों-स्ट्रिंगरों पर कई तरह के दबाव बनाए, उसी तरह के दबाव उन्होंने साधना में भी बनाए हैं. इससे उनकी टीम के ज्यादातर लोग नाखुश हैं. यह नाराजगी प्रबंधन तक भी पहुंची है. इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो पता नहीं लेकिन जैसे हर संस्थान में वरिष्ठतम पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ असंतुष्टों की एक गोलबंदी हो जाती है, उसी तरह साधना में भी प्रभात डबराल को लेकर है. साधना में कई स्ट्रिंगरों-रिपोर्टरों को बिजनेस वाइज अच्छा न परफार्म करने के कारण साइडलाइन किया गया है. ये रिपोर्टर बेहद नाराज हैं.
बहरहाल, यह लगता नहीं कि साधना के मालिकान फिलहाल प्रभात डबराल से कोई पंगा लेने के मूड में होंगे क्योंकि बिहार चुनाव सिर पर है और बिहार में चैनल की एक-एक ईंट प्रभात डबराल की निगरानी में रखी गई है. चुनाव में बिहार से अच्छा-खासा बिजनेस आना है. ऐसे में भारी मात्रा में पास आने वाली लक्ष्मी को दूर करने का दूर-दूर तक कोई कारण नहीं पैदा करेंगे साधना के गुप्ता बंधु. दूसरे, सहारा से अलग होने के बाद प्रभात डबराल ने सहारा को जिस तरह से कई झटके दिए, उसके बारे में सबको पता है. अगर चुनाव से पहले प्रभात डबराल भड़क गए या बिगड़ गए तो जाहिर है, साधना प्रबंधन को लेने के देने पड़ सकते हैं.
पर चर्चा यह भी है कि एक म्यान में दो तलवारें कब तक साथ रहेंगी. और, प्रबंधन ने एक म्यान में दो तलवार रखने का फैसला आखिर लिया क्यों. एनके सिंह और प्रभात डबराल को नजदीक से जानने वालों का कहना है कि दोनों का स्वभाव और काम करने-कराने की तरीका अलग-अलग है. ऐसे में बहुत देर तक दोनों का एक ही न्यूज चैनल में एक ही तरह के काम में शीर्ष पद पर बने रहना संभव नहीं दिख रहा है. प्रबंधन को या तो साफ-साफ कार्यविभाजन करना पड़ेगा या फिर दोनों में से एक को किनारे कर जाने का संकेत देना पड़ेगा. फिलहाल इस नए बदलाव से साधना न्यूज के सभी चैनलों के कर्मी तरह-तरह की चर्चाएं करते फिर रहे हैं. कयासों व अफवाहों को पंख लग गए हैं. कहने वाले कह रहे हैं कि बिहार चुनाव के बाद एक बार फिर उठापटक का दौर शुरू हो सकता है.












abhash
September 28, 2010 at 5:11 am
prabhat dabral ka jaana yani sadhna news ka akhiri time aa gaya.
vijay
September 28, 2010 at 5:30 am
Sadhna news ko kaun jaanta tha? Aaj Sadhna news ne media industry me yek mukaam haasil kiya hai, aur ye sub kiya Prabhat Dabral aur uski team ne. Dabral tv industry ka wo aadmi hai jo paththar ko sona bana deta hai. Bhagwan Gupta bandhuwo ko sadbudhi de.
hemant
September 28, 2010 at 5:32 am
DABRAL KO HATANA KA MATLAB SADHNA NEWS KI BARBADI…
SHUBHAM TRIPATHI
September 28, 2010 at 5:40 am
:);D gazab ho gaya…ha ha ha ha…yek aur channel ki barbadi????ha ha ha ha
surendra singh
September 28, 2010 at 5:48 am
साधना न्यूज ने कई खबरों में इतिहास बनाया है। तमाम बड़े राष्ट्रीय चैनलों पर साधना न्यूज की एक्सक्लूसिव पट्टियों के साथ खबरें हमने कई बार देखी हैं। ये सब साधना न्यूज की दमदार टीम ने किया और जहां प्रभात डबराल जैसा लीडर हो वहां की टीम ऐसे ही दमदार होती है। मैं सहारा टीवी में प्रभात डबराल की टीम का हिस्सा रहा। हम तमाम साथी आपस में अक्सर चर्चा करते हैं कि साधना ग्रुप के मालिक किस्मत के कितने बडे सांड हैं कि उनको प्रभात डबराल मिल गया। अगर यशवंत जी ऊपर लिखी खबर सही है तो तय है कि अब साधना न्यूज के दिन लदने लगे हैं।
mohit
September 28, 2010 at 6:09 am
Aisa nahi hai ki sahara se todkar kisi ko sadhna laya gaya…yaha wohi log laye gaye jo sahara chhod chuke the ya sahara se nikaale jaa chuke they. isliye sadhna ne sahara ka nuksan kiya ye khana galat hai. han sadhna ne apni vishwasneeyata aur dum se ya fir TRP se sahara hi nahi kai channels ko zaroor nuksan pahuchaya. isliye yashwant ji content sudhar kar khabar likha kijiye. ye gujarish hai aapse.
vijay pratap
September 28, 2010 at 8:13 am
इतने कम समय और सीमित साधनों मे साधना न्यूज ने जिस तरह चैनलों की भीड़ मे अपनी जगह बनाई है..निश्चित रुप से यह कमाल प्रभात डबराल के नेत्रित्व का था…ऐसी स्थिति मे नही ऐसा नही लगता कि मालिकान प्रभात डबराल को दरकिनार करने की सोच रखते हो…जाहिर है कि मालिकान कुछ बड़ा नया करने का सोच रहे हो तो फिर बात अलग है कि वो डबराल जी को उसकी जिम्मेवारी देकर उनका भरपूर उपयोग करना चाहते हो….
rajdeep
September 28, 2010 at 11:30 am
prabhaat dabraal ji nehi sadhna ko banaya hai unki wajah se hi sadhna ki pahchan hai.. unko channel wale nahi chodna chahenge…
alok mishra
September 28, 2010 at 2:56 pm
prabhat ji 90 ko 100 nahi zeero ko 100 banate hen, sadhana ki pahchan hee prabhat ji hen……………………
media avenue
September 28, 2010 at 3:25 pm
prabhatdabral aur unki team nai ek chunoti li thi ki kam sansadhan aur naye logo kai saath sadhna ko ek naye mukam per lejana jaha isai ek prathishit channel kai roop mai dekha jaye aur aisa hi hua aaj india kai har bade channel mai sadhana ko moniter kiya jata hai prabhat jee ko jo karna tha wo unhone kar diya sadhana ko ek naye ucchai di aur unmai ye stranth hai ki koi v channel ko ucchai per lai ja sakte hai
ab dekhna hai mr nk singh kya karte hai dabral jee ki di gaye virasat ko samahlte hai ya dubote hai
mahendra
September 29, 2010 at 4:25 am
MUJHE NAHI LAGTA KI PRABHAT DABRAL KO SIDELINE KIYA GAYA HOGA. KYOKI ORGANIZATION KE MAALIK APNA BHALA BURA JAANTEY HAIN. AUR AGAR YE SUCH HAI KI DABRAL KO SIDELINE KIYA GAYA HAI TO NISHCHIT TAUR PAR CHANNEL KO ISKI BADI KEEMAT CHUKAANI PAD SAKTI HAI.
asha
September 29, 2010 at 4:25 am
kash humko bhi prabhat ji ke sath kam karne ka mauka mila hota
vibhash
September 29, 2010 at 4:27 am
bhagwan sadhna news ke malikaan ko sadbudhi de…
girish pandey
September 29, 2010 at 8:19 am
साधना यानि धार्मिक चैनल. साधना की अपनी कोई पहचान नहीं थी. मध्यप्रदेश में साधना न्यूज का चैनल आया और इसने साबित कर दिया कि नाम से कुछ नहीं होता, सिर्फ काम बोलता है. मैं बधाई दूंगा साधना न्यूज की टीम को जिसने ग्रुप को लगातार आगे बढ़ाया और आज तीन न्यूज चैनलों के जरिए साधना न्यूज ने खुद को मीडिया इंडस्ट्री स्थापित कर दिया है. रीजनल न्यूज में बादशाह माने जाने वाले सहारा और ईटीवी जैसे संस्थानों को साधना ने पछाड़ दिया है. जाहिर है इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ प्रभात डबराल का हाथ है. साधना न्यूज जब शुरू हुआ था तो इससे जुड़ने को कोई तैयार नहीं था. प्रभात डबराल के नाम से कई जाने माने लोग यहां आए. पर अगर खबर सही है कि डबराल को साइडलाइन किया जा रहा है तो ये भी जाहिर है कि उनके नाम से साधना न्यूज को बढ़ाने वाले लोग भी खुद को ठगा महसूस करेंगे और वो भी संस्थान का दामन छोड़ देंगे. और ये साधना के मालिकों को सोचना चाहिए कि फिर क्या होगा उनके मीडिया ग्रुप का.
avnishkumar
September 29, 2010 at 8:24 am
जिस सेना का सेनापति बहादुर और रणनीति में माहिर होता है वही सेना युद्ध जीतती है। साधना न्यूज के साथ भी ऐसा ही हुआ है। साधना न्यूज का लीडर यानि प्रभात डबराल अपने फन में माहिर है इसीलिए साधना न्यूज आज बुलंदी पर है। खबर पढ़कर ऐसा लगा जैसे अब साधना के मालिकों ने सोच लिया है कि साधना न्यूज को भी एस1, आजाद न्यूज और टीवी100 की पंक्ति में खड़ा कर दिया जाए या फिर मालिक लोग इसको बंद करने की सोच चुके हैं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि डबराल अगर साधना न्यूज छोड़कर चले गए तो ये चैनल नहीं चलने वाला।
DINESH
September 29, 2010 at 8:40 am
pata nahi kyo logo ko ye galatfahami ho jati he ki kisee vyakti vishesh ke hone se hi duniya chalegi.Aaj hamare beech mahatma gandi nahi he to kya desh nahi chal raha kya .Dabral sahab ji ne Patrakaro ko marketing karwakar jo shuruwat SAHARA se ki thi wo unhone SADHNA me bhi lagoo ki.Ishi parampara ne Patrikarita ke Hashiye par la diya .Wahi NK SINGH ji ne hamesha Patrikarita ko hi Aage rakha he wo patrikarita Dharam ko nibhayege.
deepti
September 29, 2010 at 9:46 am
dinesh ji ki baat se ittefak nahi hai mujhe. dinesh ji ye to nahi maalum mujhe ki prabhat dabral ne kis kis ko paisa laane ko kaha, ye parampara galat to hai lekin ye sub maalik karwatey hain. mai bhi sahara me hi hu aur ye sub aaj bhi yaha ho raha hai. jab mai doosre channel me thi to waha bhi reporter bussines latey hain. akhbaaro me bhi aisa hi hota hai. aapko kya ye nahi maaloom ki aaj ke daur me business lana aur sansthan ko aagey badhana sub editor in chief ka hi kaam hai aur kartavya bhi. agar dabral ko side line lagaya gaya hai to kya maalik ko paisa nahi chahiye?? aap kya sochtey hain ki maalik bina paise ke channel chalayega.
harendra
September 29, 2010 at 10:18 am
मैं भी दिनेश की बात से सहमत नहीं हूं। शायद दिनेश जी को हकीकत नहीं पता है। दिनेश जी मैं आपको ये बता दूं कि क्या आप जानते हैं प्रभात डबराल के अलावा किसी और पत्रकार का नाम जो कभी किसी चैनल का पहला सर्वेसर्वा बना हो? अगर नहीं तो जान लीजिए। मीडिया इंडस्ट्री में पहली बार प्रभात डबराल नाम का पत्रकार सहारा टीवी का सर्वेसर्वा बना, जिसको एडिटोरिएल, मार्केटिंग, टेक्नीकल, एचआर, डिस्ट्रीब्यूशन आदि आदि सभी विभागों के कर्मचारी और हेड रिपोर्ट करते थे। ये पहला मौका था जब किसी पत्रकार को किसी मीडिया ग्रुप ने ऐसी कमान सौंपी थी। इसके बाद प्रभात डबराल ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाया। उसने रिपोर्टिंग और डेस्क के सबसे दमदार और काबिल पत्रकारों को सहारा के रीजनल चैनलों का हेड बनाया और फिर तमाम विभागों ने इन चैनल हेड्स के तले काम किया। यानि एडिटोरियल के साथ साथ बिजनेस डिपार्टमेंट, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन आदि विभागों ने भी चैनल हेड को ही रिपोर्ट किया। ऐसे में उस चैनल हेड की जिम्मेदारी ही बनती थी कि वो एडिटोरियल कंटेंट के साथ साथ बिजनेस भी बढ़ाए, डिस्ट्रीब्यूशन भी ठीक रखे। आज तमाम चैनलों में प्रभात डबराल द्वारा शुरू की गई ये परंपरा चल पड़ी है। तमाम चैनल हेड प्रभात डबराल के पैदा किए हुए हैं। दिनेश जी कोई भी बात बिना सिर पैर वाली नहीं कहनी चाहिए। अगर आपने ये कहा है कि प्रभात डबराल ने पत्रकारों से कहा कि वे मार्केटिंग करके पैसा लाएं तो बता दीजिए किसी रिपोर्टर और स्ट्रिंगर का नाम। बंधुवर डबराल ने कभी पत्रकारों से पैसा लाने को नहीं कहा। हां, चैनल हेड्स को कहा और ये चैनल हेड की जिम्मेदारी बनती है क्योंकि मार्केटिंग विभाग भी उसके ही अधीन आता है। क्या आपने 15 साल पहले कभी सुना था कि कोई पत्रकार किसी मीडिया ग्रुप का सीईओ और प्रेसीडेंट बना हो। प्रभात डबराल के अलावा कोई और नाम बता पाएं तो इंतजार रहेगा….
debendu
September 29, 2010 at 10:27 am
Zyada samay nahi hua jab ek khabar charcha mei thi k sadhana ka pura it department bahar ho gaya hai, ghatna badi thi so sabhi yahi soch rahe the k ab kya hoga kya chenel band ho jayega, lekin dabral ki team ne wo kar dikhaya jo shayad gupta ji kabhi soch bhi nahi sakte the.
ravindra pratap singh kushwaha
September 30, 2010 at 7:33 am
prabhat ji nahi to sadhana news nahi……………………………………….[b][/b]
ravindra pratap singh kushwaha
September 30, 2010 at 7:43 am
Prabhat ji nahi to sadhana News nahi…………
vijay thakur
September 30, 2010 at 10:44 am
prabhat ji sadhna ke saath judkar use ek naya mukaam tak pahunchaye hain to nischit taur par prabhat ji majhadhar me chhodakar nahi jaayenge …. aur agar chale gaye to fir sadhna ka naiya dubane me der nahi lagane waala hai ….
vijay thakur sadhna news durg 9300291136
manpreet
October 1, 2010 at 8:43 am
PRABHAT DABRAL TV INDUSTRY KA HEERA HAI. AUR WO PATHAR KO HEERA BANANA BHI JAANTA HAI.
mahendra
October 1, 2010 at 8:47 am
dabral sahab ke sath maine kaam kiya hai. maine ETV me bhi kaam kiya hai. yani mai NK singh sahab ko bhi achhi tarah janta hu aur prabhat ji ko bhi. Singh sahab print media ke padhaaku insaan hain aur prabhat ji electronic media ke baadshah. elecronic media me kuch hi to chuninda naam hain. pahala prabhat ji, dusra uday shankar, tisra vinod kapdi, chautha rajat sharma….bus
shailendra jha
October 1, 2010 at 10:23 am
साधना न्यूज आज अपनी एक अलग पहचान के साथ दर्शकों के बीच है। इसके पीछे सिर्फ प्रभात डबराल का अकेला हाथ नहीं है। उनकी टीम ने जो कर दिखाया इससे साधना न्यूज आगे बढ़ा। लेकिन एक कुशल नेतृत्व की वजह से ही तो सभी प्रभात डबराल की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। मैं ये भी समझता हूं कि मालिकों का भी इसमें हाथ है लेकिन उनको क्रेडिट मैं नहीं दे सकता क्योंकि मालिक चैनल इसलिए खोलते हैं कि उनको धन का लाभ हो। चाहे चैनल से हो या फिर चैनल होने की वजह से। मालिक तो सिर्फ पैसा चाहता है। हो सकता है कि एसके सिंह जी ने साधना के मालिकों को कोई दिव्य स्वप्न दिखाए हों। ठीक भी है, अपनी प्रगति के लिए इंसान ऐसा करता भी है, लेकिन अगर तराजू में तौला जाए तो कहां प्रभात डबराल और कहां एन के सिंह। वैसे हम जैसे लोगों को तो जब खबर मिली थी कि प्रभात डबराल ने साधना ग्रुप ज्वाइन किया है तो बड़ा आश्चर्य हुआ था कि इतना बड़ा नाम इतने छोटे चैनल में…खैर समय ने सब दिखा दिया और देखते ही देखते साधना न्यूज नेटवर्क आज हिट है। आखिर क्रेडिट किसे दूं…डबराल ही तो अकेला हकदार है ना इसका? शत शत नमन डबराल जी।
ANJAANA
October 1, 2010 at 10:26 am
dhanya ho dabral ji. aapke chahne walo ki bheedh dikh gayi bhadas media me..
sadhna
October 12, 2010 at 1:39 am
साधना से एक और नया विकेट गिरने की खबर है. यह खबर साधना न्यूज़ के आईटी हेड अमर बहादुर शाही जो की अलोक शुक्ला की जगह पाना चाहते थे I इन्होने उस समय जब अलोक शुक्ल ने वर्क आउट किया था तब इन्होने साधना न्यूज़ का साथ दिया था लेकिन अब इन्हें भी प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है I बताया जाता है की शुक्रवार की शाम को उदय नंगल जो की चयेर मेन ऑफिस से साधना की देख रेख करने के लिए रखे गए थे I इनसे अमर की कुछ नोक झोंक हुई थी I जिसके बाद इन्होने स्वयं अपना इस्तीफा दे दिया है I और दूसरी और प्रभात जी की नेम प्लेट उनके केबिन से भी हटा दी गयी है I
uttarakhand vichar
October 16, 2010 at 2:11 pm
प्रभात डबराल जी की क़ाबलियत से सभी परिचित हैं …..वे मीडिया के गुरु हैं और हमारे उत्तराखण्ड के गौरव हैं ..जय भारत ..जय उत्तराखण्ड ,,,,,,teem uttarakhand vichar
uttarakhand vichar
October 16, 2010 at 2:20 pm
प्रभात डबराल जी की क़ाबलियत से सभी परिचित हैं …..वे मीडिया में गुरु… हैं और हमारे उत्तराखण्ड के गौरव हैं teem uttarakhand vichar
vinod tripathi
January 23, 2011 at 12:19 pm
mai sirf itna hi kahoonga ki prabhat ji sadhna ke stambh hai……kebal galat faimhiyio ko hawa diya ja raha hai….he is the bold preson of media industry…..o mere perna ke stambh hai……vinod kumar tripathi shahdol mp 09300830640,07566592825