ये मदद अपील कालम इसी के लिए बनाया था कि पत्रकार साथी अपनी पर्सनल दिक्कतों, जरूरतों, इच्छाओं को खुलकर अभिव्यक्त करें पर हमारी हिंदी पट्टी में ही प्राब्लम है कि हम वैसे तो बड़ी बड़ी बातें करते हैं पब्लिकली, लेकिन जब खुद की बात करने की बात आती है तो सपाट चुप्पी साध लेते हैं. पर मैं तो चुप नहीं रह सकता क्योंकि बोलना और उगलते रहना ही मेरी ताकत है. बड़े दिनों से इच्छा है कि कोई एक वाद्य यंत्र सीख लूं. पर बात आगे बढ़ नहीं पा रही.
अब लग रहा है कि वो बेला करीब है जब संगीत से नाता जोड़कर जीवन जीने के प्रति लालसा को बढ़ाया जा सकता है, वरना कोई वजह अब शेष नहीं रह गई है जिंदगी को जीवंत बनाने के लिए. आज दिन भर नेट पर दिल्ली में म्यूजिक टीचर्स आदि के बारे में सर्च करता रहा. कइयों से बात भी की है. हारमोनियम सीखने की इच्छा है. अपनी इस इच्छा को आपके सामने भी रख रहा हूं. अगर कोई साथी हारमोनियम बजाना जानता है और सिखाने की क्षमता रखता है तो मैं उनसे बात करना चाहता हूं.
मैं फ्री में नहीं सीखना चाहता. लेकिन मैं पैसे की बात करके गुरु का अपमान भी नहीं कर सकता. सो, चाहता हूं कि पहले गुरु मिलें, गुर मिले.. और इस क्रम में धीरे धीरे अपनापा हो और गुरु के आदेश पर, वो जो कहें, वो उन्हें दे दिया जाए. मैं पूर्वी दिल्ली में रहता हूं. गुरु महोदय दिल्ली के हों तो बेहतर. वैसे, मैं देश के किसी भी कोने में गुरु मिलें तो महीने पंद्रह दिन के लिए आ सकता हूं और अपने खर्चे पर रह कर सीख सकता हूं. उम्मीद करता हूं कि संगीत के प्रति, हारमोनियम के प्रति मेरी अगाध उत्सुकता को देखते हुए कोई न कोई गुरु मुझसे जरूर टकराएगा. मेरा मोबाइल नंबर 09999330099 है.
यशवंत
पूर्व पत्रकार और वर्तमान में छोटा-मोटा वणिक (भड़ास4मीडिया से संबद्ध)












कुमार सौवीर, लखनऊ
July 9, 2011 at 5:18 pm
किसी ने सच ही कहा है कि माल बेचना हो तो उसका तरीका किसी बनिये से ही सीखो। हर चीज को अनोखे तरीके से प्रस्तुत करना तो कोई वास्तव में किसी बनिये से ही सीखे।
इस मामले में भी छोटे-मोटे वणिक यशवंत सिंह की यह दुर्धष चाहत काबिले-तारीफ है।
वैसे एक बात बताइये यशवंत सिंह जी, पत्रकारों के कुल-गुरूओं और उनके वणिक मालिकों की खल्वाट, एकदम साफ और चकाचक चांदनुमा खोपड़ी पर तबले के चौताल-तीन ताल बजाकर भी आपको अभी तक चैन नहीं मिला।
तो यकीन मानिये कि अब कहीं और मिल भी नहीं सकता।
वैसे एक बात पूछूं, यह हरमोनियम आप किस सुर में और किसके लिए बजाना सीखना चाहते हैं।
कुमार सौवीर, लखनऊ
Sanjaya Kumar Singh
July 9, 2011 at 7:07 pm
सीखना है तो मेरी सलाह है कि कैसियो सीखिए। नए जमाने का वाद्य यंत्र है और आउटपुट बहुत ही धांसू। मेरी भी इच्छा है कैसियो सीखने की। आप उत्साहवर्धन करें तो कोशिश कर सकता हूं।
चंदन कुमार मिश्र
July 9, 2011 at 9:24 pm
क्या यशवंत जी!
वणिक छोटा भी और मोटा भी। हारमोनियम सीखने की इच्छा तो हमारी भी थी। लेकिन अब तो दूसरा हारमोनियम ही बजने लगा है।
ajay soni
July 11, 2011 at 12:40 am
🙂
aapko harmoniyam sikhna hai to call kare 9935930825
arvind khare
July 11, 2011 at 11:20 am
yani bhadas ab sur ke sath niklegi.
satyendra dwivedi
November 26, 2011 at 9:51 pm
सबने अपनी बुद्धि के हिसाब से तुक बेतुक बाते यहा पोस्ट कि किन्तु यशवंत जी आप जरूर सीखेँगेँ .. जय हिन्द.
satyendra dwivedi
November 26, 2011 at 9:53 pm
सबने अपनी बुद्धि के हिसाब से तुक बेतुक बाते यहा पोस्ट कि किन्तु यशवंत जी आप जरूर सीखेँगेँ .. जय हिन्द.[url][/url]
SUDHEER DIXIT
September 29, 2012 at 7:17 pm
Shriman ji kiya aap meri mail id par kuchh geeto ki sargam bhej sakte hai mai aapka abhari rahunga
parnam guruji