समाचार और मनोरंजन क्षेत्र में कारोबार कर रही राष्ट्रीय स्तर की प्रसारक कंपनी एनडीटीवी संभवत: अपने चैनल एनडीटीवी-हिंदू को बेचने की तैयारी कर रही है। यह चैनल एनडीटीवी और चेन्नई मुख्यालय वाले समाचार पत्र समूह दि हिंदू की बराबर हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है। 2009 के मध्य में जब एनडीटीवी-हिंदू की शुरुआत हुई थी, तब यह चेन्नई का पहला शहर केंद्रित अंग्रेजी समाचार और मनोरंजन चैनल था।
एनडीटीवी से जुड़े 2 निवेश बैंकरों के मुताबिक, पर्याप्त कमाई नहीं होने और 100 क्षेत्रीय चैनलों की जंग में दर्शकों को अपनी ओर खींचने में असफल रहने से 2 साल पुराने इस चैनल को बेचना पड़ रहा है। हालांकि, ये सभी चैनल तमिल भाषा के ही हैं। एनडीटीवी से करीब से जुड़े एक बैंकर ने बताया, ‘बड़ी संख्या में चैनलों के होने के कारण विज्ञापन और दर्शकों की दृष्टि से यह बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी है। इस स्थिति में एनडीटीवी-हिंदू के लिए आगे बढऩा मुश्किल लग रहा है।
एनडीटीवी ने इसे बाजार की अफवाह बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बैंकरों ने संभावित बोलीदाता का नाम बताए बिना संकेत किया कि क्षेत्रीय स्तर पर 2 बेहद मजबूत मीडिया घराने चैनल को खरीदने की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। संपर्क करने पर हिंदू समूह के संपादक एन राम ने कहा कि इस संयुक्त उपक्रम के बारे में बोलने के लिए एनडीटीवी अधिकृत है। एनडीटीवी-हिंदू को इस भरोसे के साथ पेश किया गया था कि भविष्य में समाचार और ज्यादा स्थानीय होते जाएंगे, लेकिन नतीजों को देखते हुए उनका अनुमान काफी हद तक गलत रहा। साभार : बिजनेस स्टैंडर्ड












neeraj
June 10, 2011 at 8:31 am
agar hindi me regnol channal laoge to chha jaouge…..