एनडीटीवी को त्रिशंकु अवस्‍था से निकालने की तैयारी, मनोरंजन भारती को अतिरिक्‍त जिम्‍मेदारी

खबरों के लिए पहचान रखने के बावजूद टीआरपी बाजार में एनडीटीवी की पहचान बीच के चैनलों में होती है. यानी ना स्‍वर्ग में ना नर्क में, बस त्रिशंकु की तरह बीच में. अब चैनल को इस त्रिशंकु अवस्‍था से निकालकर अलग पहचान देने की कवायद में एनडीटीवी के वरिष्‍ठ लोग लगे हुए हैं. स्‍ट्रेटजी में थोड़ी परिवर्तन किया जा रहा है. जिनके सिर पर ज्‍यादा जिम्‍मेदारियां हैं उन्‍हें डिस्‍ट्रीब्‍यूट किया जा रहा है. यानी एनडीटीवी में अब खेल केवल खबरों का होगा.

पंकज पचौरी, विनोद अग्निहोत्री, ब्रजमोहन बख्‍शी एवं बलराम को पत्रकारिता पुरस्‍कार

केंद्रीय हिंदी संस्थान ने एनडीटीवी न्‍यूज चैनल के मैनेजिंग एडिटर पंकज पचौरी और दैनिक नई दुनिया के राजनीतिक संपादक विनोद अग्निहोत्री सहित 14 लोगों को हिंदी के प्रचार और प्रसार के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है. जानकारी देते हुए केंद्रीय हिंदी संस्‍थान के उपाध्‍यक्ष अशोक चक्रधर ने बताया कि चुने गए लोगों को राष्‍ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल एक भव्‍य समारोह में पुरस्‍कृत करेंगी.

एनडीटीवी-हिंदू को 15 करोड़ में खरीदेगा थांती ग्रुप

न्यू डेल्ही टेलीविजन लिमिटेड (एनडीटीवी) और हिंदू समाचार पत्र का प्रकाशन करने वाली कस्तूरी ऐंड सन्स लिमिटेड (केएसएल) ने अपना संयुक्त उपक्रम ‘एनडीटीवी-हिंदू’ तमिलनाडु के सबसे बड़ी मीडिया घरानों में से एक डेली थांती समूह को बेचने का फैसला किया है. यह सौदा लगभग 15 करोड़ रुपये में होने का अनुमान है. इस अंग्रेजी चैनल को खरीदने में तमिल दैनिक दिना थांती ने काफी दिलचस्‍पी दिखाई थी.

थांती ग्रुप खरीदेगा एनडीटीवी-हिंदू रीजनल चैनल को!

घाटे में चल रहे एनडीटीवी एवं हिंदू का संयुक्‍त न्‍यूज चैनल एनडीटीवी-हिंदू को बेचन की तैयारियां काफी समय से चल रही हैं. पर अब तक प्रबंधन को कोई ढंग का खरीदार नहीं मिल पाया है. खबर है कि अब इस अंग्रेजी चैनल को खरीदने में तमिल दैनिक दिना थांती ने दिलचस्‍पी दिखाई है. सूत्रों पर यकीन करें तो इस चैनल को लेकर दोनों के बीच बातचीत चल रही है. चर्चा है कि दो-तीन अन्‍य कंपनियां भी इस चैनल को खरीदने की कोशिशों में लगी हुई हैं.

एनडीटीवी के पत्रकार मुन्‍ने भारती के परिवार को बम से उड़ाने की धमकी, गंभीर नहीं है पुलिस

एनडीटीवी के पत्रकार एम अतहरुद्दीन मुन्‍ने भारती को फोन पर दिए गए धमकी को दिल्‍ली पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही है. उल्‍लेखनीय है कि 10 सितम्‍बर को मुन्‍ने भारती के फोन पर एक मोबाइल नम्‍बर से धमकी आया था कि उन्‍हें तथा उनके परिवार को बम से उड़ा दिया जाएगा. जब यह धमकी दी गई तो वे अपने ऑफिस में थे. इसके बाद उन्‍होंने इस मामले में जामिया थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उनके घर पर सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी लगा दी, परन्‍तु अब पुलिस को हटा लिया गया है.

‘द न्यूयार्क टाइम्स’ ने शुरू किया ‘इंडिया इंक’

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भारतीय राजनीति, संस्कृति, व्यवसाय, खेल तथा जीवनशैली पर अंग्रेजी की एक नई वेबसाइट शुरू की है। ‘इंडिया इंक’ नामक इस वेबसाइट पर उक्त विषयों से सम्बंधित समाचार व विश्लेषण होंगे। अमेरिका के अग्रणी समाचार पत्र समूह ने रविवार को इसकी घोषणा की। एनवाईटाइम्स डॉट कॉम/इंडियाइंक पर भारतीय उप महाद्वीप तथा विदेशों से सम्बंधित खबरें होंगी। शुरुआत में इंडिया इंक न्यूयॉर्क टाइम्स के डिजिटल सब्सक्रिप्शन पैकेज से अलग होगा।

रेडि‍यो की शक्‍ल अख्‍ति‍यार करता एनडीटीवी इंडि‍या

कुछ वक्‍त पहले तक एनडीटीवी पर ”ज्‍योतिष नहीं जर्नलि‍स्‍ट की टीम के साथ करि‍ए दि‍न की शुरूआत…” जैसे स्‍लोगन सुनने को मि‍लते थे। पर अब खबरों के साथ जर्नलि‍स्‍ट की टीम एनडीटीवी से गायब हो चुकी है। एनडीटीवी इंडि‍या ने रवीश की रि‍पोर्ट, वि‍नोद दुआ लाइव जैसे कई बेहतरीन प्रोग्राम दि‍खाकर एक बहुत बड़े वर्ग को अपना मुरीद बनाया है। झाड़-फूंक और तन्‍त्रमंत्र दि‍खाने वाले चैनलों की भीड़ में एनडीटीवी इंडिया ने अलग रास्ता चुना था।

लाखों ठगने वाला एनडीटीवी का फर्जी पत्रकार पुलिस के हत्‍थे चढ़ा

एनडीटीवी का खोजी पत्रकार बनकर लोगों को लाखों का चूना लगाने वाले एक शख्‍स को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किया है. शैलेंद्र अनंत सिंह नाम के इस शख्‍स के पास से एनडीटीवी के लेटर पैड पर सीनियर एडिटर अभिज्ञान के हस्‍ताक्षरयुक्‍त एक पत्र भी मिला है. उक्‍त फर्जी पत्रकार ने पुलिस के सामने फर्जीवाड़े बात कबूल भी की है.

बंद हो गई ‘रवीश की रिपोर्ट’!

[caption id="attachment_20575" align="alignleft" width="94"]बृजेश सिंहबृजेश सिंह[/caption]अब नहीं होगा, नमस्कार मैं रवीश कुमार… पता चला है कि एनडीटीवी ने ‘रवीश की रिपोर्ट’ को बंद करने का फैसला किया है. एनडीटीवी ने मीडिया में वैसी ही छवि बनाई है जैसी टाटा ने व्यापार में. दोनों ने बहुत ही चालाकी से एक खास तरह की प्रो पीपुल छवि गढ़ी. टाटा का मामला लीजिए. वो भी रिलायंस जैसा ही एक कारपोरेट संस्थान है.

क्षेत्रीय चैनल बेचेगा एनडीटीवी!

समाचार और मनोरंजन क्षेत्र में कारोबार कर रही राष्ट्रीय स्तर की प्रसारक कंपनी एनडीटीवी संभवत: अपने चैनल एनडीटीवी-हिंदू को बेचने की तैयारी कर रही है। यह चैनल एनडीटीवी और चेन्नई मुख्यालय वाले समाचार पत्र समूह दि हिंदू की बराबर हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है। 2009 के मध्य में जब एनडीटीवी-हिंदू की शुरुआत हुई थी, तब यह चेन्नई का पहला शहर केंद्रित अंग्रेजी समाचार और मनोरंजन चैनल था।

एनडीटीवी वालों ने तो ओबामा के सिर में गोलियां उतार दी

जल्दबाजी में गल्तियां हो जाया करती हैं. लेकिन एनडीटीवी वालों से ये उम्मीद नहीं रखते कि वे इतनी बड़ी गल्ती प्रसारित कर देंगे. एनडीटीवी जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में किसी काम को फाइनल टच देने से पहले कई लोग उसे चेक करते हैं, ओके करते हैं. तो क्या, सब के सब अंधे हो गए थे. लगता तो ऐसा ही है.

स्‍वामी अग्निवेश ने की बरखा दत्‍त की बोलती बंद

जनलोकपाल बिल को लेकर बुधवार को एनडीटीवी ने ‘बक स्‍टाप्‍स’ नामक एक लाइव शो प्रसारित किया.  इस शो की एंकरिंग कर रही थीं तमाम तरह के आरोपों से घिरी बरखा दत्‍त. बरखा दत्‍त के सामने थे स्‍वामी अग्निवेश. बरखा ने स्‍वामी से सवाल किया कि शांति भूषण और प्रशांत भूषण पर इतने तरह के आरोप लगे हैं तो क्‍या उन्‍हें अभी भी ड्राफ्टिंग कमेटी में बने रहना चाहिए. इसके जवाब में स्‍वामी ने बरखा की बोलती ही बंद कर दी.

”एनडीटीवी वाले मुझे झूठे केस में फंसा सकते हैं”

[caption id="attachment_20105" align="alignleft" width="94"]योगेशयोगेश[/caption]इंडिया गेट पर बरखा दत्त के लाइव प्रागाम में मेरे कुछ साथियों को शामिल होने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम में बरखा को देख मैं अपने पर नियंत्रण कर पाने में असफल हो गया और आपस में ये निर्णय करके कि बरखा को इस मौके पर रिर्पोटिंग का नैतिक अधिकार नहीं है हमलोगों ने चप्पल चलानी चाही, लेकिन एक साथी के कहने पर ठहर गए।

एनडीटीवी ने किया विज्ञापन के लिए स्‍टार इंडिया से समझौता

एनडीटीवी ग्रुप अब अपने तीन चैनलों तथा वेबसाइट को विज्ञापन उपलब्‍ध कराने के लिए स्‍टार इंडिया के साथ करार कर लिया है. अब एनडीटीवी के इन चैनलों के लिए विज्ञापन स्टार इंडिया की एड सेल्स टीम हैंडल करेगी. दोनों ग्रुपों के बीच यह समझौता पांच सालों के लिए हुआ है. इस समझौते के साथ ही स्टार इंडिया को एनडीटीवी इंडिया के वाणिज्यिक अधिकार प्राप्‍त हो गए हैं. इसके साथ ही लगभग नौ साल के बाद प्रणव राय और रूपर्ट मर्डोक एक साथ आ गए हैं.

एनडीटीवी के लिए पैसा जुटाएगा स्‍टार!

: दोनों कंपनियों में विज्ञापन के लिए समझौता होने के आसार : एनडीटीवी ग्रुप अब अपने तीन चैनलों तथा वेबसाइट को विज्ञापन उपलब्‍ध कराने के लिए स्‍टार इंडिया के साथ करार करने वाला है. लगभग नौ साल के बाद प्रणव राय और रूपर्ट मर्डोक एक साथ आ रहे हैं. खबर है कि स्‍टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एनडीटीवी के लिए विज्ञापन के अलावा डिस्ट्रिब्‍यूशन भी देखेगा. अगले महीने दोनों ग्रुपों के बीच इसे अंजाम दिए जाने की संभावना है.

एनडीटीवी के एम अतहरउद्दीन को परमश्री 2010 अवार्ड

परमश्रीआल जर्नालिस्ट एसोसिएशन ने नई दिल्ली के आईटीओ स्थित आज़ाद भवन में एनडीटीवी के पत्रकार एम अतहरउद्दीन मुन्ने भारती को outstanding Contribution in field of Electronic Media – Param shree 2010 अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूर्व चुनाव आयुक्त जीवीजी कृष्णामूर्ति, पूर्व सूचना एंव प्रसारण मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी (सासंद), सांसद एंव दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जेपी अग्रवाल एंव वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व सांसद संतोष भारतीय, संदीप मारवाह और अमन सिन्हा ने दिया।

एनडीटीवी के पल्‍लव बागला को पर्लमैन अवार्ड

एनडीटीवी के विज्ञान संपादक पल्‍लव बागला को उनके एक लेख के लिए अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (एजीयू) ने सम्‍मानित किया है. एजीयू ने बागला को ‘डेविड पर्लमैन अवार्ड फार एक्सिलेंस इन साइंस जर्नलिज्‍म ‘ पुरस्‍कार ‘पृथ्‍वी विज्ञान में एक गंभीर मुद्दा’ पर केन्द्रित लेख के लिए दिया है. उन्‍होंने अपने लेख में हिमालय हिमनद पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से विस्‍तार से तथा वैज्ञानिक तरीके से अपनी बात कही थी.

खुद को अर्नब कहे जाने पर प्रणय का अंदाज

[caption id="attachment_15683" align="alignleft"]खुद को अर्नब गोस्वामी कहे जाने पर हंसते प्रणय रायखुद को अर्नब गोस्वामी कहे जाने पर हंसते प्रणय राय[/caption]एनडीटीवी इंडिया के एक कार्यक्रम में एंकर प्रणय राय को भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मिस्टर अर्नब गोस्वामी कहा तो प्रणय राय ने किस तरह रिएक्ट किया, इसे देखने का मौका दे रहा है भड़ास4मीडिया। पहले तो प्रणय राय बुदबुदाए, फिर धीरे से मुस्काए, फिर जोर से हंसते हुए अपना सिर अपने सामने के टेबल पर झुका लिया। उसके बाद सिर उठाया और रवि शंकर प्रसाद से मुखातिब होते हुए उन्हें बताया कि अर्नब गोस्वामी को आप अब भी एनडीटीवी इंडिया का हिस्सा समझ रहे हैं। मैं अर्नब नहीं प्रणय राय हूं। बाद में रविशंकर प्रसाद ने गल्ती का एहसास होते ही सारी बोला और थोड़ा झेंपे भी। इस बारे में खबर तो भड़ास4मीडिया पर पहले ही प्रकाशित हो चुकी है लेकिन इस बार हम इस मजेदार वाकये का वीडियो लेकर आए हैं। यह वीडियो यू ट्यूब पर उपलब्ध है। वहीं से साभार लेकर इसे हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं।

प्रणय रॉय के शो में अर्नब गोस्वामी का नाम

नेता भी इंसान होते हैं और मानवीय गलतियां उनसे भी हो जाया करती हैं। पर रविशंकर प्रसाद से इस तरह की चूक की अपेक्षा नहीं थी। वो भी प्रणय राय को लेकर। उन्होंने प्रणय राय को अर्नब गोस्वामी बोल दिया। एनडीटीवी के कल रात 9 बजे के प्राइम टाइम शो ‘इंडिया डिसाइड्स’ को प्रणय राय होस्ट कर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद इसमें अतिथि के बतौर शामिल हुए। अमेरिका, परमाणु समझौता और भारत को लेकर किए गए एक सवाल का रविशंकर प्रसाद ने जवाब देने के लिए मुंह खोला तो कह बैठे- ”Let me tell you, Arnab Goswami..‘ इतना सुनते ही प्रणय राय ने तुरंत टोका और रविशंकर को दुरुस्त करने की कोशिश की- ‘Arnab Goswami?