काफी समय से विवादों से घिरे प्रसार भारती की बुधवार को 101वीं बोर्ड मीटिंग हुई. जिसमें काफी समय से लंबित चल फंडिंग, खाली पदों की भर्ती, पदोन्नति, संचालन जैसे कई महत्वपूर्ण मसले पर चर्चा हुई. सभी मामलों को हल करने के लिए रूपरेखा तय की गई. बोर्ड ने प्रसार भारती के कामकाजी की आर्थिक समीक्षा के लिए ऑडिटर नियुक्त करने का फैसला किया है, जिसके अधिकार और कार्य पहले से ही सुनिश्चित होंगे.
पूंजी से जुड़े एक अहम फैसले में बोर्ड ने प्रसार भारती के मौजूदा फंडिंग ढांचे की जगह एक नया फंडिंग पैटर्न तैयार करने की योजना बनाई है. जिसके अंतर्गत कर्मचारियों की वेतन एवं भत्ते से जुड़े सौ प्रतिशत खर्चे व ऑपरेशन से जुडे़ पचास प्रतिशत खर्च सरकार वहन करेगी, जबकि प्रसार भारती के कार्यान्वयन के बाकी बचे पचास प्रतिशत खर्च की जिम्मेदारी और रेडियो व दूरदर्शन के कार्यक्रमों की सौ प्रतिशत खर्च की जिम्मेदारी बोर्ड उठाएगा.
बोर्ड ने प्रसार भारती के 196 पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति व प्रमोशन से जुड़े मामलों का मुद्दा भी सरकार के पास भेजना तय किया है। दरअसल, प्रसार भारती के कर्मचारियों से जुड़ा यह मुद्दा तभी से लंबित चल रहा है, जबसे प्रसार भारती का गठन हुआ है. उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर कई बार दूरदर्शन और रेडिया के कर्मचारी हड़ताल भी कर चुके हैं.
प्रसार भारती की जिम्मेदारियों और अधिकारों को लेकर भी सवाल उठे. जिसके बाद बोर्ड ने मौजूदा बिल में कई संसोधनों का प्रस्ताव रखा है. मीटिंग में दूरदर्शन व रेडियो के महानिदेशकों के खाली पदों पर भर्ती प्रकिया शीघ्र पूरा करने का निर्णय लिया गया. बोर्ड ने आर्थिक सुधारों के लिए एम्पावरमेंट कमिटी को आर्थिक अधिकार देने का फैसला भी लिया है.












bharat singh
March 17, 2011 at 9:06 am
achchi soch k reportars k liye v.good khabar.
bharat singh lucknow
March 17, 2011 at 9:08 am
MUBARAK HO, yeh khabar achchi hai.