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पत्रकारों ने फैलाई पेपर लीक होने की अफवाह, डीएलए ने खोली पोल

इटावा में मीडिया से जुड़े चंद लोगों की करतूत का खुलासा किया है आगरा से प्रकाशित अखबार डीएलए ने. पत्रकारों द्वारा फैलाए गए पेपर लीक के इस मामले को इटावा के जिलाधिकारी ने भी गंभीरता से लेते हुए दोषी पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है. उन्‍होंने कई मीडिया‍कर्मियों के संस्‍थानों को भी अवगत कराने का निर्देश सूचना विभाग को दिया है.

इटावा में मीडिया से जुड़े चंद लोगों की करतूत का खुलासा किया है आगरा से प्रकाशित अखबार डीएलए ने. पत्रकारों द्वारा फैलाए गए पेपर लीक के इस मामले को इटावा के जिलाधिकारी ने भी गंभीरता से लेते हुए दोषी पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है. उन्‍होंने कई मीडिया‍कर्मियों के संस्‍थानों को भी अवगत कराने का निर्देश सूचना विभाग को दिया है.

जानकारी के अनुसार इटावा के केके पोस्ट ग्रेजुएट कालेज कानुपर यूनिवर्सिटी की परीक्षा चल रही थी. परीक्षा के दौरान अंग्रेजी साहित्य का सेकेंड पेपर दोपहर 3 बजे की पाली मे शुरू हुआ. करीब साढे़ चार बजे कुछ न्यूज चैनल के कथित मीडियाकर्मी एक फोटो प्रति लेकर कालेज के प्राचार्य डा.मौहकम सिंह के पास पहुंचे और कहा कि आपके कालेज से पेपर लीक हुआ है. इसके बाद एक मोबाइल एजेंसी ने 5 बजकर 40 मिनट पर इस पेपर लीक होने की न्यूज को प्रसारित कर दिया.

इसके बाद पेपर लीक होने की सूचना पर जिलाधिकारी हरकत में आ गए. उन्‍होंने तत्‍काल जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच करने का निर्देश दिया. निर्देश के बाद जिलाविघालय निरीक्षक समेत कई अधिकारी जांच करने के लिये कालेज पहुंच गये, लेकिन जांच रिर्पोट में पेपर लीक होने जैसा कोई भी तथ्य नहीं पाया गया. मोबाइल न्यूज का प्रसारण करने वाले मीडिया मैन से जब मोबाइल नंबर पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने खबर का माध्यम जानने की कोशिश की तो वे खबर की सत्यता का प्रमाण देने की बजाय अपना नाम दूसरा बताकर गुमराह करने लगे.

कहा यह भी जा रहा है कुछ कथित न्यूज चैनल के चंद स्ट्रिंगर पेपर लीक की करतूत मे शामिल थे, लेकिन प्रशासन का सहयोग नहीं मिल पाने के चलते इन्‍हें मुंह की खानी पड़ी. जांच में तथ्‍य गलत पाए जाने के बाद इसमें शामिल कुछ मीडियाकर्मियों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी गौरी शंकर प्रियदर्शी ने पेपर लीक की कथित घटना में शामिल मीडियाकर्मियों के संस्थानों को रिर्पोट करने के लिये सहायक निदेशक सूचना को निर्देशित किया है.

फिलहाल पूरे फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद कार्रवाई के डर से ऐसे मीडियाकर्मियों में बैचेनी बनी हुई है. कहा जा रहा है कि पहली बार सीधे जिलाधिकारी स्तर पर नाराजगी के बाद कोई भी अधिकारी कुछ कह नहीं पा रहा है. लेकिन बधाई का पात्र है डीएलए, जिसने मीडियाकर्मियो के काले चेहरे को ना केवल उजागर किया बल्कि अपना कर्तव्य भी निभाया.

डीएलए

इटावा से दिनेश शाक्‍य की रिपोर्ट.

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0 Comments

  1. Media

    April 8, 2011 at 7:54 am

    सेवा में

    मीडिया परिवार

    निवेदन ये है की हिंदुस्तान(Hindustan Times) के फोटो ग्राफ़र आज़म हुसैन को जान से मारने की धमकी दी जिसकी खबर ७-०४-२०११ के अमर उजाला में छपी है. आज़म हुसैन का दोष सिर्फ इतना था की वोह पूरी इमानदारी से फोटो ग्राफी व रिपोर्टिंग करते है जिसकी तारीफ में हमें कुछ नहीं कहना है उसकी इमानदारी और होसले के बारे में लखनऊ की मीडिया जगत में काफी अच्छी पहचान है. इस वक़्त आवशकता है की मीडिया परिवार को एक होने की. आज़म हुसैन जैसे कितने पत्रकार है जिन्हें समाज के भय से खामोश हो जाना पड़ता है .
    घटना उस समय की है जब ६ अप्रैल को दिन में एक बजे नगर निगम के अधिकारी व ठाकुर गंज पोलिस बगैर किसी नोटिस के महजबीं फातिमा पति महताब अली निवासी ४६७/ १५२ क के घर में घुस गए उस समय महजबीं फातिमा की पुत्री रिंकी १९ वर्षीय अकेली थी घर में उसके साथ गली गलोच की और घर के कमरे में धकेल कर बंद कर दिया और घर का बाथरूम व कुछ हिस्सा तोड़ डाला. बड़े अफ़सोस की बात है की इस घटना को नगर निगम के अधिकारी व ठाकुर गंज पोलिस ने इस दूरभागय कम को अंजाम दिया जो देश के सविधान को भूल चुके है.ये अधिकारी मोहम्मद अली जफ़र व उनके तीनो पुत्र मीसम नकवी, शान नकवी, (जो पेशे से खुद को वकील बताते है) मीसम नकवी शिया कॉलेज में दलाली करके स्टुडेंट का एडमीशन करवाते है जबकि इरम नकवी की खुद की परचून की दुकान है से हाथ मिला चुके है जबकि ठाकुरगंज की पुलिस अभी तक शान नकवी और मीसम नकवी का साथ देते आ रहे है. एक वर्ष से ज्यादा वक़्त बीत चुका है अपने पडोसी महजबीं फातिमा के परिवार को परेशान करते हुवे जिसकी रिपोर्ट ठाकुरगंज पोलिस को भी है.
    अजाम हुसैन की जान को खतरा है जबकि आज़म हुसैन की माँ काफी समय से बीमार है इस घटना से वोह और ज्यादा बीमार हो गेई है मीडिया से अनुरोध है की वोह मामले की विस्तृत जानकारी लेकर अपने मित्र आज़म हुसैन की मदद करे.इस देश को इमानदार पत्रकार की ज़रुरत है. आशा है की आप सब सहयोग देंगे.
    आपका आभारी

    थ्रू मीडिया परिवार

  2. vijay singh

    April 8, 2011 at 9:48 am

    DLA ne tathkathit patrakaro ke kale karnamo ko ujagar kar dikha diya ki ham kisi se kam nahi hai. is tarah ke patrakaro ka asli chehara samne ana chahiye. mera sabhi samchar patro ke sampadako se anurodh hai ki aise kathit patrakaro ki khabar jajur prakashit kare.
    vijay singh
    pradhan sampadak
    ANOKHA ANDAJ weekly

  3. rahul sankrityayan

    April 8, 2011 at 11:55 am

    it is bad about journalism

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