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बौखलाए सीएम निशंक ने पत्रकार उमेश कुमार के घर धावा बोलने के आदेश दिए

: उत्तराखंड पुलिस ने उमेश कुमार के नोएडा स्थित घर को घेरा : गिरफ्तारी कर अपमानित करते हुए उत्तराखंड ले जाने पर तुली : एनएनआई और भड़ास4मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के महाघोटाले के बारे में खबर छपने के कुछ ही देर बाद निशंक का माथा घूम गया और उन्होंने उमेश कुमार के खिलाफ बर्बर कार्रवाई शुरू करा दी है. अभी तक पत्रकार उमेश कुमार के घर और मकान को निशाना बनाए मुख्यमंत्री निशंक ने अब सीधे उमेश और उनके परिजनों को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का इरादा कर लिया है.

: उत्तराखंड पुलिस ने उमेश कुमार के नोएडा स्थित घर को घेरा : गिरफ्तारी कर अपमानित करते हुए उत्तराखंड ले जाने पर तुली : एनएनआई और भड़ास4मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के महाघोटाले के बारे में खबर छपने के कुछ ही देर बाद निशंक का माथा घूम गया और उन्होंने उमेश कुमार के खिलाफ बर्बर कार्रवाई शुरू करा दी है. अभी तक पत्रकार उमेश कुमार के घर और मकान को निशाना बनाए मुख्यमंत्री निशंक ने अब सीधे उमेश और उनके परिजनों को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का इरादा कर लिया है.

इसी इरादे के तहत निशंक ने उत्तराखंड की पुलिस फोर्स को उमेश और उनके बच्चे व पत्नी को गिरफ्तार करने के लिए आदेशित कर दिया है. ऐसी अपुष्ट जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है. उमेश ने उत्तराखंड राज्य में अपने उपर उत्पीड़न होते देख खुद को और अपने परिजनों को नोएडा बुला लिया था लेकिन निशंक सरकार की पुलिस उमेश का लोकेशन ट्रेस करते हुए नोएडा तक पहुंच गई है. ताजी सूचना के अनुसार उमेश कुमार, उनकी पत्नी और इकलौता बच्चा नोएडा के जिस फ्लैट में आज रहने के लिए आए, उसी फ्लैट को उत्तराखंड पुलिस ने घेर लिया है. यह घेराबंदी पिछले कई घंटों से चल रही है. पुलिस हर हाल में उमेश और उनके परिजनों को अपमानित करते हुए देहरादून ले जाने पर तुली हुई है जबकि उमेश और उनके परिजन गिरफ्तारी के पीछे वजह जानने की बात कह रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस का कहना है कि जो समाचार एजेंसी उमेश कुमार चलाते हैं, एनएनआई नाम से, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है और कई अन्य मुकदमे उमेश की तरफ से लिखाए गए हैं, उसी के तहत उत्तराखंड पुलिस उनकी गिरफ्तारी करना चाहती है. फिलहाल पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है. पुलिस उमेश कुमार को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है. नोएडा और दिल्ली के पत्रकार उत्तराखंड पुलिस द्वारा उमेश के घर को घेरे जाने की सूचना मिलते ही उमेश कुमार की घर की तरफ पहुंच रहे हैं. कुछ न्यूज चैनलों की ओवी वैन भी उमेश की घर की ओर पहुंच रही है. कई पत्रकार संगठनों और पत्रकारों ने निशंक सरकार की दमनकारी नीति की निंदा की है. साथ ही यह भी कहा है कि अगर कोई पत्रकार घोटाले का पर्दाफाश करता है तो उसका सत्ता द्वारा दमन करना न सिर्फ निंदनीय है बल्कि उस मामले में घोर अपराध है जब सत्ता के शीर्ष पर एक पत्रकार से नेता बना शख्स बैठा हो.

इस घटनाक्रम पर भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने कहा है कि अगर उत्तराखंड की निशंक सरकार किसी पत्रकार द्वारा घोटाले को उजागर करने पर उसे चुप कराने पर तुली हुई है तो इस देश के आनलाइन माध्यम से जुड़े सारे लोग, खासकर मीडियाकर्मी फेसबुक, ब्लाग सहित सभी प्लेटफार्मों पर निशंक सरकार की निंदा करेंगे और जरूरत पड़ी तो दिल्ली और देहरादून में काला दिवस मनाएंगे और गिरफ्तारी भी देंगे. यशवंत ने स्थिति की पूरी जानकारी मिलने के बाद अपनी रणनीति का खुलासा करने की बात कही है.

अगर आप लोग इस खबर को पढ़ रहें हों तो आप सभी से अनुरोध है कि निशंक सरकार के इस काले कारनामें की निंदा करें और देहरादून से लेकर दिल्ली, रायपुर, पटना, भोपाल आदि सभी छोटे बड़े शहरों में यथासंभव जो भी कर सकते हों, आनलाइन माध्यम के जरिए या आफलाइन माध्यम से, अपनी बात कहें और अपने अपने हिसाब से विरोध प्रदर्शित करें. कई प्रेस क्लब और प्रेस संगठन भी इस घटना की निंदा करने की तैयारी कर रहे हैं. पूरी दुनिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को अब भारत में भी आगे बढ़ाने की जरूरत है और जिस तरह उमेश कुमार ने पहल की है, उस पहल को आगे बढ़ाने का कार्य हम सभी लोगों को करना चाहिेए.

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0 Comments

  1. मदन कुमार तिवारी

    February 20, 2011 at 3:58 pm

    उतराखंड पुलिस को बिना यूपी पुलिस को साथ लिये निशंक के घर को घेरने या गिरफ़्तार करने का अधिकार नही है । अविलंब उस थाना क्षेत्र का फ़ोन न० तथा निशंक का पता बतायें । मैं गया में हूं । परन्तु अभी बात करुंगा । उतराखंड के डीजीपी का भी फ़ोन न० बतायें या जिस जिले से पुलिस आई है , उस जिले के एस पी का न० बतायें ।

  2. Rajender Joshi

    February 20, 2011 at 4:36 pm

    आदरणीय यशवन्त जी
    आपके द्वारा पत्रकारों को अपनी बात कहने का एक माध्यम उपलब्ध कराया गया है वह सराहनीय है लेकिन कुछ माफिया जो जमीनों का धन्धा करते हैं इसका बड़ा मासूमी से उपयोग कर रहे हैं। उमेश कुमार शर्मा जिनकी बड़ी दर्दनाक कहानी आपने पोस्ट की है उसका सत्य भी जानने का प्रयास करें। कितने गरीब लोगों की जमीनें इस मासूम व्यक्ति ने हड़प ली और अपना महलनुमा आवास मन्दाकिनी विहार में खड़ा कर दिया है। कृपया देहरादून आकर उसकी भी जानकारी लें और इस व्यक्ति के विषय में सुनिश्चित करें कि यह पत्रकार है अथवा पत्रकार की खाले में छुपा हुआ भेड़िया है, जो पैसा और औरत का उपयोग कर आज देहरादून में अकूत सम्पति का मालिक है। इसकी सहस्रधारा रोड, राजपुर रोड तथा डी०एल० रोड पर सम्पति है दर्जनों महंगी कारों का मालिक है। शायद देहरादून के वास्तविक पत्रकारों के पास अपना मकान या वाहन तक ना हो। यह सत्ता का दलाल नेताओं के तलवे चाटने वाला जब तक पैसा कमाता तब तक उसका रहता है जब पैसा नही मिलता तो उसका विरोधी बन जाता है। पहले खण्डूरी का दुश्मन अब निशंक का दुश्मन, आखिर क्या कारण है? और भी पत्रकार हैं। इसकी संस्था एन०एन०आई० में काम कर चुके अरुण शर्मा, प्रवीन भारद्वाज आदि ऎसे कई पत्रकार हैं जो इसकी असलियत जानते हैं। यहां कई लोगों के मकानों पर इसने कब्जे कर रखे हैं उनमें से एक श्री सन्त सूद के मकान में यह २००३ में ७ माह का किराया तय कर घुसा था और आज तक कब्जा किये बैठा है। माननीय यश्वन्त जी एक शातिर टोपीबाज जो आपके पोर्टल के माध्यम से आपको भी ईस्तेमाल कर रहा है और आप इससे बच कर रहियेगा।

  3. naren

    February 20, 2011 at 4:46 pm

    निशंक दरअसल राजनीति के लिए नही स्त्रैण लहजे में कविताऐं पढ़ने और उत्तराखंड को लूटने के लिए मुख्यमंत्री बने है। हैरत की बात ये है कि केन्द्र को मँहगाई और घोटालों के लिए घेरने वाली बीजेपी को ये दिखाई ही नही देता। उत्तराखंड में पत्रकारिता का क्या हाल कर रखा है निशंक ने, ये तो आप रीजनल चैनल और अखवारों में देखते ही होगें। रही बात शर्माजी की तो अगर सही घोटाले का खुलासा किया है तो पुलिस तो क्या कोई भी हाथ नही डाल सकता। बशर्ते मानसिकता सही रही हो। पत्रकार होने के नाते अच्छी खबरों के बाद ऐसी कार्रवाई झेलनी पड़ती है, मुकाबला कीजिए हम सब आपके साथ है।

  4. ??? ????? ??????

    February 20, 2011 at 5:26 pm

    written by मदन कुमार तिवारी , February 20, 2011

    उतराखंड पुलिस को बिना यूपी पुलिस को साथ लिये उमेश के घर को घेरने या गिरफ़्तार करने का अधिकार नही है । अविलंब उस थाना क्षेत्र का फ़ोन न० तथा उमेश का पता बतायें । मैं गया में हूं । परन्तु अभी बात करुंगा । उतराखंड के डीजीपी का भी फ़ोन न० बतायें या जिस जिले से पुलिस आई है , उस जिले के एस पी का न० बतायें । मैने अभी-अभी डीजीपी के इमेल किया है । [email protected] यह इमेल है डीजीपी का । मैने जो इमेल किया वह निचे दे रहा हूं ।
    Mr. DGP , right now it has come to my knowledge that the utrakhand police is harassing one Journalist Mr. Umesh kumar and even trying to enter into his Noida house without adopting legal provision to inform local police . procedure to arrest outside of state has been well defined in Cr.p.c . person must be informed reason and should be allowed to make consultation with his lawyer. I hope you will stop such illegal act of your police with immediate effect . It appears that Mr. Umesh kumar has written few articles against CM Nishank that is why he has been made target . we are living in a civilised society having legal provision to safe guard the life and property of citizen. Any act against the provision as enshrined in our constitution is offence . Stop the illegal act of your concerned police officials .

    madan kumar tiwary
    advocate

  5. अभिषेक

    February 20, 2011 at 8:27 pm

    ये तो बहुत ही शर्मनाक हरकत है निशंक की. शायद निशंक यह भूल गए हैं कि वो कुर्सी पर हमेशा चिपके नहीं रहेंगे. जब उतर जाएंगे तो उनकी यही करतूतें उन्हें सांप बन कर डंसने को दौड़ेंगी.. तब कहां-कहां भागते फिरेंगे..?

  6. संजीव शर्मा

    February 20, 2011 at 8:36 pm

    ये क्या मूर्खता कर रहे हो निशंक भाई..? भ्रष्टाचारी नेताओं को इतनी अकड़ में नहीं रहना चाहिए. अब अपने भाई मधु कोड़ा को ही देख लो. तुमसे तो कहां आगे थे खाने-पकाने में, लेकिन क्या मजाल जो किसी पत्रकार का बाल भी बांका किया हो.. आज भी कोड़ा भाई के इर्द-गिर्द उनके चहेते पत्रकार मधुमक्खियों की तरह मंडराते रहते हैं.. निशंक भाई, कल को तुम्हारा भी बुरा वक्त आएगा, तब यही लोग काम आएंगे. अभी तो तुम हॉट सीट पर हो… सँबल कर बैठो वर्ना जल गए तो फोड़ा हो जाएगा.

  7. dobhal

    February 20, 2011 at 9:24 pm

    अच्छा तो ये वही राजेंद्र जोशी कमेंट कर रहा है उमेश के खिलाफ जो कई वर्षों से उन्हीं उमेश की न्यूज एजेंसी में उनके तलवे चाट कर काम कर रहा था…. तब उमेश से पगार पाते हुए उमेश की जय जयकार करता था और आजकल निशंक से वित्तपोषित होकर उमेश के खिलाफ राग अलाप रहा है. जिस आदमी ने खुद नेताओं के तलवे चाटकर अपनी जीविका चलाई हो वो क्या दूसरों के बारे में बात करेगा. उमेश अगर इतने धन संपत्ति का मालिक है तो भी वो अपने धन संपत्ति की परवाह न कर पत्रकारिता की अलख जगाए है और एक भ्रष्टाचारी सत्ताधारी के खिलाफ कलम की ताकत दिखा रहा है. राजेंद्र जोशी, वो तुमसे तो लाख गुना अच्छा है जो कलम को गिरवी रखे हुए है. तुम जैसे दलालों के कारण ही आज उत्तराखंड में मीडिया की ये हालत है कि कोई सत्ता के खिलाफ लिखने बोलने का साहस नहीं करता. उमेश के निजी जीवन के बारे में मैं नहीं जानता लेकिन वो जिस तरह का साहसिक काम कर रहे हैं, उससे उनके प्रति समर्थन का भाव ही पैदा होगा, विरोध कतई नहीं. हां, इसी बहाने तुम जैसे भाटों चारणों के चेहरे पर लगे मुखौटे जरूर हट रहे हैं. तुम्हें शर्म आनी चाहिए राजेंद्र जोशी और तुम्हें खुद को पत्रकार कहने से पहले सौ बार सोचना चाहिए. अगर तुम्हारे में हिम्मत होगी और तुम असली पत्रकार होगे तो उमेश द्वारा खुलासा किए गए निशंक के महाघोटाले के तथ्यों पर बात करोगे, न कि उमेश के निजी जीवन व आचरण पर. एक बार फिर मैं तुम जैसे उत्तराखंडी दलाल पत्रकारों को महा चारण और महा भाट की उपाधि देता हूं. तुम्हें कीड़े पड़ेंगे कथित पत्रकार राजेंद्र जोशी, देख लेना.

  8. jai kumar jha

    February 21, 2011 at 2:48 am

    यशवंत जी
    इस निशंक का अंत निकट है …इतिहाश गवाह है की जिस-जिस ने सच्चे लोगों को जब-जब प्रतारित किया है उसका अंत उसी वक्त से शुरू हो गया है……..शर्मनाक अवस्था है की सच बोलने,भ्रष्टाचार के खिलाप लिखने वालों को प्रतारित किया जा रहा है और अपराधियों को सम्मानित……. उमेश कुमार जी के समर्थन में इस सार्थक और सराहनीय मुहीम को पूरे देश में फैलाइये…….

  9. Abhishek sharma

    February 21, 2011 at 9:47 am

    umesh kumar se meri 3 time baat hui hai..wo ek number ke makkar aur dagabaaz insaan ke sath sath media ke naam per n sirf kalank hai balki shoshan ki shandar kahanee ke safal rachnakaar hai. shashan aur prashashan se bhidne ke liye khud ka aatmbal chahiye yashwant singh ke portal ka sahara nahi. aur aatmbal eemandaree se aata hai..Remember it UMESH JI…bhagwan bhala kare aapka…
    Regards
    Aapke dhokhadhadi ka shikar
    Abhishek sharma.
    http://www.exultvision.blogspot.com

  10. shravan shukla

    February 21, 2011 at 3:29 am

    ghatiya aur kaayrana harkat…. yashwant sir ji..sujhaaye hame is wakt kya karna chahiye

  11. vijendra rawat

    February 21, 2011 at 3:35 am

    patrakar umesh kumar sharma ne cm nishank par jo arop lagaye hain ve behad sangeen hain. par deharadun ke kuchh patrakoron ne umesh par jo aarop lagaye hain vah bhi kam gambhir nahi hain. Apane kaam ki sabako ajaadi hai par yadi koyi garibon ki jameene va ghar hathiyata hai to vah dandniya hai. yish mamale kuchh garbar lagata hai.
    yaha bhi sacha hai ki uttarakhand me kuch tathakhathit bare patrkaron ne loot macha rakhi. kayi ne to karoron ki benami sampati hatiya li hai.
    mera – UTTARAKHAND PATRAKAR PARISHAD- se anurodh hai ki ak fact finding commity banayi jaye aur es mamle ki gaharayi se janch ki jaye aur doshi ko benakab kiya jaye. es janch team me uttarakhand ke jane mane patraka jaise rajendra dhasmana, Dr. puspesh pant, mrinal panday avam devendra upadhya jaise honest patrakar hone chahiye. dear yasvant ji aap bhi apane star par es mamale ki janch karen nahi to ya larayi behad sharmnak ho jayegi. patrakarita me achanak ubhare umesh ki bhi janch ho. yadi ve sahi hon to unake pax me hame khara hona chahiye aur kuch aur hai to eske khilaf karavahi honi chahiye.
    gareeb uttarakhand ki loot kishi bhi kimat me nahi hone di jayegi. fir vah chahe koyi bara neta ho ya koyi patrakar…
    –vijendra rawat – special correspondent- HINDUSTAN.

  12. RAVI SHANKAR MAURYA

    February 21, 2011 at 3:45 am

    जान लो तुम्हे भी जबाब देना पडेंगा निशंक

    निशंक ये मत भूलों की जे एन यू के बच्चों ने हमेंन्थ ध्यानी,लाल चन्द सरीखें व्यक्तियों ने केन्द्र सरकार को मजबूर कर दिया कि वों उत्तराखंड के डैम कैसिंल करें।सच को कोई आंच नही आती। समस्याऐं आ सकती है।आज भलें ही सत्ता के मद में तुझे गलत सही कुछ नही दिख रहा हो,लेकिन जान लो तुम्हे भी जबाब देना पडेंगा।और जिसका परिणाम तुम्हारें लिए बहुत बुरा होगा।क्योंकि भारत में अभी भी न्याय जिन्दा है। या यू समझों सशक्त है।अगर उमेश के साथ कुछ भी गलत हुआ, तो मिशन गंगा के बाद हम सभी मिशन उमेश सच के लिए जंग शुरू करेंगें,लेकिन ये आग पूरे देश में फैलेगी।

  13. yagyawalkya

    February 21, 2011 at 3:57 am

    kisi bhi patrakar ko kisi bhi samachar ke karan pratarhit kiya jana anuchit hai. aise samay anya baton ko darkinar kar hame pratarhna ka virodh karna chahiye.

  14. shravan shukla

    February 21, 2011 at 4:01 am

    umesh ko kuch nahi hone paayega..ham sab unke saath hai….jarurat pade to balidaan bhi..

  15. ajay

    February 21, 2011 at 5:09 am

    राजेंद्र जोशी से कोई यह तो पूछे की आज वह क्या कर रहे हैं, उमेश ने गलत किया तो वोह क्या कर रहा है है आज निशंक की दलाली कर रहा है | ज्यादा बोलेगा तो दिन और तारिख के साथ बताऊंगा की कितना कितना पैसा निशंक से कब कब कहाँ कहाँ लिया , साले पत्रकार बनते हैं |

  16. AVANEESH

    February 21, 2011 at 5:57 am

    उत्तराखंड सरकार दलाली के दलदल में इस कदर फंस चुकी है की बयान करना बहुत मुश्किल है। हर तरफ घोटाला ही घोटाला…छह लाख रूपए में सरकारी नौकरी चाहिए तो उत्तराखंड सरकार के किसी भी मंत्री के पास चले जाओ…कुछ दिनों पहले उत्तराखंड प्रदेश में टीचरों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित कराई गई…पूर्णत निष्पक्ष होने के बड़े बड़े विज्ञापन अखबारों में छपवाए गए लेकिन सब दिखावा…..अगर आज आपको जाब चाहिए तो चले जाईए 6 लाख रूपए ले के और सरकारी जाब ले ले…जय निशंक सरकार…..

  17. Rohit

    February 21, 2011 at 7:36 am

    उत्तराखंड सरकार को आईना दिखाने वाले एक मात्र पत्रकार पर निशंक सरकार की ये गुंडई कतई नहीं चलेगी। निशंक सरकार के कारनामों का काला चिट्ठा खोलकर उमेश जी ने जो कार्य किया है वह वाकई बहुत सराहनीय है। लोगों को पता तो चला कि अपने आप को उनका हितैषी बताने वाला नेता कैसे उनको दिनदहाड़े लूटने का काम कर रहा है। उमेश जी आप संघर्ष करो, हम आपके साथ हैं………………….

  18. veer

    February 21, 2011 at 8:30 am

    yah badi dukh ki bat hai agar umesh bhumafia hai to isme bhi sarkar or parshasan doshi hai kyonki uttrankhand mai na jane kitne bhumafia dhadlle se apna kabja kar rahe hai jisme sarkar koi dhyana nahi de rahi hai or bhumafia apni chandi kat rahe hai or agar is bhartachar mai nishank sarkar doshi hai to ye bhi bahut dukht bat hai uttrakhand k logo k liye in dono pahlo mai srkar hi doshi hai jiska jabab sarkar ko dena hoga “katghare mai sarkar”

  19. shubham sharma australia

    February 21, 2011 at 9:18 am

    shame!!!!!shame!!!!nishank…..shame for u

  20. deepak

    February 21, 2011 at 12:58 pm

    abhishek ji shyad apki dalali nahi chal parahai hai tabhi app bhi bhadas 4 media pe apni frustration nikal rahe ho … be a man yr dusro pe khichad uchalne se pehle apni greban mai jhak lena chayi …

  21. jagmoan singh

    February 22, 2011 at 6:25 am

    Umeshji bahut imandar hain to un par jo arop lag rahe hain unka jawab kyon nahi dete. Aur yashwantji apse nivedan hai ki ektarpha khabar chhapne se purva in tathakathit imandar patrakar ki kundali bhi banch len. Kya umeshji apni sampatti aur use kamane ke jariye ke bare me khulasa karenge ? Kya un par jin dharaon me FIR darj hai uski koi saphai hai unke pas ?

  22. rohit

    February 21, 2011 at 1:15 pm

    joshi jee aap shayad wo time bhool gaye jab aap umesh ji ke paise aur n.n.i.ke office se jab aap apna local channel chalate they, aajkal kissi aur ne tukda dala to aaj pehle waale ke khilaaf bhonkna shuru kar diya,kya aap isi patrkaarita ki baat karte hai. SHAME ON YOU

  23. Prabhat Gupta

    February 21, 2011 at 5:52 pm

    अभिषेक शर्मा जी
    मैं आपसे सहमत हूं कि उमेश जितना धोखेबाज कोई व्यक्ति पत्रकार हो, यह पत्रकार है ही नही, इसने मुझसे सिटी केबल चलवाने के लिए ३ लाख रूपये लिये जब मैं मांगने वापस गया तो एन०एन०आई० के रेसकोर्स कार्यालय पर पुलिस के गनरों से मुझे धमकाया और भगा दिया। मैं हर जगह गया लेकिन इसका कुछ नही हो सका अब ईश्वर ही इसका फ़ैसला करेगा। इसने देहरादून में इतने लोगों से धोखाधड़ी की है कि गिनती करना मुशकिल है। आज सी०एन०ई०बी० न्युज चैनल पर भ्रष्टाचार की खबरें चलवा रहा है साथ में भाजपा का नेता उमेश अग्रवाल भी बैठा हुआ है। उमेश अग्रवाल भी उमेश शर्मा की तरह एक ईमानदार और पाक साफ व्यक्ति है जिनकी खण्डूरी सरकार में काफी चरचा रही है।
    मुझे कुछ पत्रकार साथियों ने इसके मुकद्दमे भी बताये हैं यशवन्त जी आप भी इन पर दृष्टि डालें
    वर्ष २००३ में राजपुर रोड के पीछे श्री सन्त सूद का मकान किराये पर लिया आज तक ना तो मकान का किराया दिया गया नाही मकान खाली किया। सन्त सूद से मारपीट की जिसका मुकदमा सं ७५ए/०४ थाना डालनवाला में दर्ज है।
    श्रीमती शीला कोटनाला पत्नी सतीश कोटनाला, १४ अकेता कालोनी राजपुर रोड की ८५ राजपुर रोड स्थित दुकान के पेपर अग्रीमेण्ट, गाड़ी के कागज और १५ हजार रूपये लूटने का मुकद्दमा थाना डालनवाला में २४८/०५ धारा ३९२ दर्ज है।
    इसी थाने में १७७/०६ उमेश शर्मा के खिलाफ़ जमीन को कब्जा करने का अपराध दर्ज है।
    दिल्ली के रिटायर्ड कैप्टन दिवेश चन्द खुल्बे के पुत्र दक्ष खुल्बे निवासी ए-५७/३ साकेत नयी दिल्ली की जमीन पर कब्जा किया, उन्होने भी इसके खिलाफ़ रायपुर थाने में ७९/०७ धारा ३२३, ५०४, ५०६ पंजीकृत कराया है।
    मन्दाकिनी विहार में नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने के कारण थाना रायपुर में ही १०६/०८ धारा ३२३, ५०४ व ५०६ का अपराध श्री उमेश शर्मा के विरूद्ध दर्ज है।
    इतने कब्जों के बाद भी इसकी हवस कम नही हुयी तथा इसने अपने ससुर वीर कृष्ण शर्मा निवासी क्रास रोड की हड़पने का प्रयास किया जिसका अपराध थाना रायपुर में १३१/०८ धारा ३२३, ५०४, ५०६ आई०पी०सी० दर्ज है।
    सभी अपराधोम में पुलिस ने चार्जशीट लगायी है तथा इसके विरूद्ध वारण्ट भी है पर शासन प्रशासन में अच्छी सैटिंग के चलते यह छुट्टा घूम रहा है और भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है। वाह
    दिल्ली के वकील हरीश कुमार के साफ अभद्रता तथा गाली गलौच की जिसका अपराध १८४/१० एस०सी० एस०टी० एक्ट ५०६ थाना रायपुर में लिखा गया
    मन्दाकिनी विहार में शपिंग कम्प्लेक्स, दूप्लेक्स आलीशान मकान सब अवैध कब्जे की जमीनों पर बने है। इसका एक कम्प्लेक्स अभी एम०डी०डी०ए० ने तोड़ दिया है। जिस वजह से यह इतना परेशान है कि इसे सब जगह भ्रष्टाचार दिखायी देने लगा।
    इसके ससुर वीर कृष्ण शर्मा ने इसके खिलाफ एक मुकद्दमा १९३/१० धारा ४२०, ४६७, ४६८, ४७१, १२०बी व मुकद्दमा १६/०७ धारा ४२०, ४६७, ४६८, १२० बी ५०६ थाना रायपुर में लिखाया जिसमें इसके विरूद्ध वारण्ट हुये हैं।

  24. pramod

    February 22, 2011 at 4:01 am

    Umesh Ji ne jo Nishank Ka pardafaash kiya hai, woh wakai kabiletareef hai. unhone dikhaya hai ki nishpaksh patrakarita kya hoti hai. Nishank ne umesh ji ke saath jo kiya hai, woh use bhugatna padega. Uske paap ka ghada bhar chuka hai. pehle to ghotale karo aur jab koi use ujagar kar de to hitlership dikhakar uske peeche police dauda do. badi sharam ki baat hai.yeh vyakti CM ki seat par baithne layak nahi hai.

  25. आदित्य कुमार

    February 22, 2011 at 4:40 am

    आप लोगों को शायद राजेंद्र जोशी के बारे मै नहीं पता न तो वो कभी उमेश शर्मा उर्फ उमेश बब्बर उर्फ उमेश जे कुमार का कर्मचारी रहा और नही उसने उमेश से कोई मदद कभी ली वो हमेशा ब्लैक मेलर के खिलाफ था एक भाई ने कहा कि उसने निशंक से पैसा लिया तो भाई बता तो दो कि कहा लिया और कितना लिया ऐसे आरोप लगाने से पहले आपने गिरेबान मै झांक तो लो कि आपका दमन कितना दागदार है

  26. Abhishek sharma

    February 22, 2011 at 7:49 am

    deepak jee aap shayad umesh ke kareebi hai ya khud umesh hi hai. mujhe galat kehne ki himmat aap me kaha se aayi jo aap mujhe jante hai? kripya besharmo ki tarah harkat na kare aur apnee pehchan sarvajnik kare meri tarah agar himmat hai to…rahi baat umesh ki to maine use maaf kar diya hai. wo mere saath jo bhi kiya uskee saja use mil ke rahegi yaad rakhiye upar wale ki lathee me aawaj nahi hoti.

    Abhishek sharma
    http://www.exultvision.blogspot.com

  27. Abhimanyu Singh

    February 22, 2011 at 2:21 pm

    I don’t know umesh kumar personaly but what he did is tremendus as proffessnal journalist , I think he is honest with his proffession and we should have to take a initiative to help him from the illigal action of police man of another state with the using of proper protocal for his arrest .
    I hope that all the journalist should have take the action against the CM and police man of uttarakhand .

  28. aam janta

    March 10, 2011 at 4:11 am

    [b]kya baat h [/b] jo kal tak nni k liye kam karta tha vo aaj apnay malik k liye aaisa kaisay bol sakta h ..waisay bhi d.dun m geniune patrkar ko liknay mauka kaha milta print m vikyapan toh diktay h sarkar k galt decision par khabar koi kyun nahi likhta yeh mamla bhi print m tab chapa jab neta pratipaksh ka bayan aaya ek taraf ganga bachaoo aur is say generate bijli ko dusray rajyo ko becho…wasay aur patrkaro ka bhi toh naam batao jo jamini vivad m lipt h …..utni sallary nahi jitna woh udatay h chalo many toh yeh sawal janta ka hh….. 😛 plz solve this puzzle.

  29. pallav

    June 5, 2011 at 12:55 pm

    jo log umesh kumar ko galat bata rahen hain woh khud kitne kharab ho chuke hain unhe yeh pata hee nahi kyunki mein aise logon ke naam ginva sakta hun jo umeshji se help lekar aaj apna ghar chala rahe hain….aur umeshji ne kabhi unse madad tak nahi lee ….shayad aap bhi ussi list mein hain abhishek sharma …look ur face in mirror …dn possoble u can see fact
    pallav

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